बलूच कार्यकर्ता बीरबल बलोच ने सोरब और ग्वादर बम विस्फोटों को ‘सुनियोजित हिंसा’ बताया

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 18-08-2026
Beerbal Baloch from Hada Jail calls Sorab, Gwadar bombings part of
Beerbal Baloch from Hada Jail calls Sorab, Gwadar bombings part of "systematic violence" against Baloch people

 

बलूचिस्तान
 
बलूचिस्तान के क्वेटा स्थित हादा जेल से बलूच कार्यकर्ता बीरबल बलोच ने पाकिस्तान के लड़ाकू विमानों द्वारा सोरब और ग्वादर में कथित बमबारी को बलूच आबादी के खिलाफ जारी और ‘सुनियोजित’ हिंसा का हिस्सा बताया है।
 
बीरबल ने अपने संदेश में कहा कि सोरब जिले के एक गांव में महिलाओं और बच्चों समेत नागरिकों की कथित मौतों ने पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा बल प्रयोग की प्रकृति और अनुपातिकता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने कहा कि आबादी वाले इलाकों में लड़ाकू विमानों के इस्तेमाल की स्वतंत्र जांच होनी चाहिए।
 
उन्होंने इन घटनाओं को जबरन गुमशुदगी, कथित फर्जी मुठभेड़ों, राजनीतिक कार्यकर्ताओं के अपहरण, क्षत-विक्षत शवों की बरामदगी तथा पत्रकारों, वकीलों और राजनीतिक आवाजों पर दबाव के लंबे समय से लगे आरोपों से जोड़ते हुए कहा कि इन घटनाओं को अलग-अलग सुरक्षा घटनाओं के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए।
 
बलूच कार्यकर्ता ने 1948 के नरसंहार कन्वेंशन का हवाला देते हुए कहा कि नरसंहार के निर्धारण में मंशा महत्वपूर्ण तत्व है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या बलूचिस्तान में लंबे समय से चली आ रही नीतियों और कार्रवाइयों का पैटर्न ऐसी मंशा को स्थापित करता है।
 
बीरबल ने ग्वादर में कथित नागरिक मौतों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन घटनाओं को बलूच लोगों की सामूहिक स्मृति का हिस्सा माना जाएगा। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय, मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कथित उल्लंघनों की स्वतंत्र और पारदर्शी जांच की मांग की।
 
उन्होंने पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता (DG ISPR) और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री के कथित अलग-अलग बयानों का भी जिक्र किया और कहा कि विरोधाभासी आधिकारिक दावों से घटनाओं को लेकर सवाल और बढ़ गए हैं।
 
हालांकि, ये आरोप बीरबल बलोच के संदेश में व्यक्त किए गए उनके दावे हैं। बमबारी, नागरिकों की मौत, सैन्य कार्रवाई और आधिकारिक बयानों से जुड़े दावों की स्वतंत्र पुष्टि आवश्यक है तथा संबंधित पाकिस्तानी अधिकारियों का पक्ष इस रिपोर्ट में उपलब्ध नहीं है।