आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मंगलवार को कहा कि भारत और अमेरिका को सच्चे साझेदार के रूप में मतभेदों को दूर करना चाहिए तथा ऐसी विश्वसनीय कर एवं नियामकीय व्यवस्था बनाने के लिए काम करना चाहिए, जिससे कारोबार के विस्तार में मदद मिले।
गोर ने यहां ‘इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स’ में अपने संबोधन में निर्यात नियंत्रण पर स्पष्ट एवं विश्वास पर आधारित बातचीत तथा मजबूत बौद्धिक संपदा संरक्षण की जरूरत पर जोर दिया, ताकि नवोन्मेषकों को बिना किसी डर के निवेश, सृजन और विस्तार का भरोसा मिल सके।
इंडो-अमेरिकन चैंबर ऑफ कॉमर्स (आईएसीसी) ने ‘भारत-अमेरिका व्यापक रणनीतिक साझेदारी को पुनर्परिभाषित करना’ विषय पर यहां राष्ट्रीय सम्मेलन आयोजित किया है।
गोर ने कहा कि भारत में अमेरिकी दूतावास ने 20 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक के निवेश आकर्षित करने में दुनियाभर के अमेरिकी दूतावासों में शीर्ष स्थान हासिल किया है।
उन्होंने कहा कि जब भारतीय कंपनियां अमेरिका में निवेश करती हैं, तो यह दोनों पक्षों के लिए फायदे का सौदा होता है। उन्हें दुनिया के सबसे गतिशील बाजारों में से एक तक पहुंच मिलती है।