वॉशिंगटन
Nigeria में आतंकवाद के खिलाफ चल रहे बड़े अभियान के तहत अमेरिकी और नाइजीरियाई सुरक्षा बलों ने संयुक्त कार्रवाई में कम से कम 175 आईएसआईएस आतंकवादियों को मार गिराने का दावा किया है। नाइजीरियाई रक्षा बलों के अनुसार यह अभियान पिछले तीन दिनों के दौरान हवाई और जमीनी स्तर पर चलाया गया, जिसमें आतंकवादी ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाया गया।
नाइजीरियाई रक्षा बल के प्रवक्ता मेजर जनरल सामिला उबा ने मंगलवार को जारी बयान में कहा कि 16 मई से 19 मई के बीच संयुक्त सैन्य अभियानों में बड़ी संख्या में आतंकवादियों को निशाना बनाया गया। उन्होंने बताया कि सिर्फ आतंकियों को मार गिराना ही नहीं, बल्कि उनके हथियार डिपो, प्रशिक्षण केंद्र और रसद नेटवर्क को भी नष्ट किया गया है।
अफ्रीका में सक्रिय आईएसआईएस की शाखा, जिसे इस्लामिक स्टेट वेस्ट अफ्रीका प्रोविंस यानी आईएसडब्ल्यूएपी के नाम से जाना जाता है, लंबे समय से नाइजीरिया और आसपास के इलाकों में हिंसक गतिविधियों में शामिल रही है। मध्य पूर्व में अपनी ताकत कमजोर पड़ने के बाद आईएस ने अफ्रीका को नया आधार बनाना शुरू किया। अंतरराष्ट्रीय निगरानी संस्था एसीएलईडी के आंकड़ों के अनुसार, 2026 के शुरुआती महीनों में आईएस की वैश्विक गतिविधियों का बड़ा हिस्सा अफ्रीकी देशों में दर्ज किया गया।
नाइजीरिया लंबे समय से आतंकवादी हिंसा से जूझ रहा है। यहां आईएसआईएस के अलावा Boko Haram और अल कायदा से जुड़े संगठन भी सक्रिय हैं। ये समूह हत्या, अपहरण, फिरौती और हथियारबंद हमलों जैसी घटनाओं में शामिल रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में इनके हमलों से हजारों लोग प्रभावित हुए हैं।
नाइजीरियाई सरकार कई वर्षों से इन संगठनों के खिलाफ सैन्य अभियान चला रही है, लेकिन हाल के महीनों में आतंकवादी गतिविधियों में तेजी आने के बाद उसने अमेरिका से अतिरिक्त मदद मांगी थी। इसके बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के प्रशासन ने फरवरी में करीब 100 अमेरिकी सैन्य अधिकारियों को नाइजीरिया भेजा। इन अधिकारियों का मुख्य काम नाइजीरियाई सेना को आधुनिक प्रशिक्षण देना बताया गया, हालांकि वे कई बड़े अभियानों में सीधे भी शामिल हुए।
संयुक्त अभियान के दौरान कई बड़े आतंकवादी नेताओं के मारे जाने की भी खबर है। रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर आईएसआईएस के दूसरे सबसे बड़े नेता अबू बिलाल अल मिनुकी को 16 मई को मार गिराया गया। इसके अलावा आईएसडब्ल्यूएपी के प्रमुख कमांडरों में शामिल अब्द अल वहाब, अबू मूसा अल मंगवी और अबू अल मुथन्ना अल मुहाजिर भी मारे गए आतंकवादियों में शामिल बताए जा रहे हैं।
सुरक्षा अधिकारियों का कहना है कि इन नेताओं की मौत से संगठन को बड़ा झटका लगा है। सेना को उम्मीद है कि इससे आतंकवादी नेटवर्क कमजोर होगा और क्षेत्र में हिंसा कम करने में मदद मिलेगी।
मेजर जनरल सामिला उबा ने कहा कि आतंकवादी संगठनों के पूरी तरह खात्मे तक अभियान जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि नाइजीरिया अब अंतरराष्ट्रीय सहयोग के साथ आतंकवाद के खिलाफ और अधिक आक्रामक रणनीति अपना रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अफ्रीका में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियां वैश्विक सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बन चुकी हैं। ऐसे में अमेरिका और नाइजीरिया का यह संयुक्त अभियान आने वाले समय में आतंकवाद विरोधी रणनीति का अहम उदाहरण माना जा सकता है।