Iran Shoots Down US Drone; Tensions Rise Again in the Gulf Region
तेहरान।
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अपने दक्षिणी तटीय प्रांत बुशहर में एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया है। इस घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इस पर नजर रखी जा रही है।
ईरानी अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना गुरुवार रात 28 मई को स्थानीय समयानुसार हुई। ईरान की हवाई रक्षा प्रणाली ने संदिग्ध गतिविधि देखे जाने के बाद तुरंत कार्रवाई की और ड्रोन को निशाना बनाकर उसे नष्ट कर दिया। बताया जा रहा है कि ड्रोन ईरानी हवाई क्षेत्र के पास उड़ान भर रहा था, जिसे सुरक्षा के लिहाज से खतरा मानते हुए यह कदम उठाया गया।
बुशहर प्रांत, जहां यह घटना हुई, ईरान के लिए सामरिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। यह क्षेत्र फारस की खाड़ी के किनारे स्थित है और यहां ईरान का प्रमुख परमाणु ऊर्जा संयंत्र भी मौजूद है। ऐसे में इस इलाके में किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि को ईरान बेहद गंभीरता से लेता है।
जाम काउंटी के गवर्नर मसूद तंगेस्तानी ने अर्ध-सरकारी तसनीम न्यूज एजेंसी से बातचीत में कहा कि यह घटना दुश्मन के एक विमान को नष्ट करने से जुड़ी है। उन्होंने बताया कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह सामान्य है और किसी तरह का खतरा नहीं है। हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ड्रोन किस उद्देश्य से उस क्षेत्र में आया था।
इस घटना से पहले भी ईरान की ओर से सैन्य गतिविधियों में तेजी देखी गई थी। रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरानी सेना ने दक्षिणी क्षेत्र से कुछ मिसाइलें भी दागी थीं। तसनीम न्यूज एजेंसी ने सूत्रों के हवाले से बताया कि इन मिसाइलों को विशेष लक्ष्यों को ध्यान में रखते हुए छोड़ा गया था। हालांकि इन लक्ष्यों के बारे में विस्तार से जानकारी साझा नहीं की गई।
अमेरिका और ईरान के बीच संबंध पहले से ही तनावपूर्ण रहे हैं। परमाणु कार्यक्रम, आर्थिक प्रतिबंध और क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर दोनों देशों के बीच लंबे समय से टकराव की स्थिति बनी हुई है। ऐसे में ड्रोन गिराए जाने की यह घटना दोनों देशों के बीच तनाव को और बढ़ा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह की घटनाएं खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता को बढ़ावा देती हैं। यह इलाका पहले से ही कई भू-राजनीतिक संघर्षों का केंद्र रहा है, जहां छोटी-सी घटना भी बड़े टकराव का रूप ले सकती है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस पूरे घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए है ताकि स्थिति को और बिगड़ने से रोका जा सके।
फिलहाल अमेरिका की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर दोनों देशों के बीच बयानबाजी तेज हो सकती है।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर यह साफ कर दिया है कि मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता अब भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है।