रूस में NSA डोभाल की अहम बैठकें, रक्षा और ऊर्जा सहयोग पर हुई चर्चा

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 29-05-2026
NSA Doval holds key meetings in Russia, discusses defense and energy cooperation
NSA Doval holds key meetings in Russia, discusses defense and energy cooperation

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

मॉस्को में भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल ने शुक्रवार को रूस के प्रथम उप प्रधानमंत्री डेनिस मंतुरोव से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने रक्षा, ऊर्जा, अंतरिक्ष और अन्य क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग की समीक्षा की तथा क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचार-विमर्श किया।

रूसी पक्ष ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल के लिए नेशनल स्पेस सेंटर और रोस्कोस्मोस जॉइंट इंडस्ट्री इंफॉर्मेशन सेंटर का दौरा भी आयोजित किया।
 
अजीत डोभाल ने मॉस्को में आयोजित पहले इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोरम के इतर म्यांमार के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टिन आंग सान से भी मुलाकात की। दोनों पक्षों ने सुरक्षा, रक्षा, कनेक्टिविटी और अन्य क्षेत्रों में सहयोग की समीक्षा की। साथ ही क्षेत्रीय घटनाक्रमों पर भी चर्चा हुई। म्यांमार के NSA जुलाई में भारत में होने वाली पांचवीं BIMSTEC NSA बैठक में हिस्सा लेने भारत आएंगे।
 
इससे पहले डोभाल ने रूस की सुरक्षा परिषद के सचिव सर्गेई शोइगु से भी मुलाकात की। रूस स्थित भारतीय दूतावास ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि दोनों नेताओं ने रक्षा, सुरक्षा, ऊर्जा और आर्थिक संबंधों में जारी सहयोग की समीक्षा की। साथ ही नई दिल्ली में होने वाली आगामी BRICS NSA बैठक पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया गया।
 
इंटरनेशनल सिक्योरिटी फोरम और सुरक्षा मामलों के उच्च अधिकारियों की 14वीं अंतरराष्ट्रीय बैठक को संबोधित करते हुए अजीत डोभाल ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर विशेष चिंता जताई। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर सहित अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से व्यापार का सुरक्षित और निर्बाध संचालन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए बेहद आवश्यक है।
 
डोभाल ने तेल और गैस आपूर्ति में व्यवधान पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि इसका असर पूरी वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि भारत पश्चिम एशिया में तनाव कम करने और स्थिरता बहाल करने के सभी प्रयासों का समर्थन करता है।
 
उन्होंने कहा, “पश्चिम एशिया का संघर्ष विशेष उल्लेख की मांग करता है। क्षेत्र में जारी तनाव गंभीर चिंता पैदा कर रहा है। समुद्री यातायात और ऊर्जा ढांचे पर खतरे यह दिखाते हैं कि मौजूदा स्थिति कितनी संवेदनशील है।”
 
उन्होंने आगे कहा, “होर्मुज जलडमरूमध्य और लाल सागर सहित अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों से व्यापार का सुरक्षित और निर्बाध आवागमन वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए आवश्यक है। भारत तनाव कम करने और स्थिरता बहाल करने के सभी प्रयासों में रचनात्मक योगदान देने के लिए तैयार है।”