Iran retaliates; US bases in Gulf nations targeted.
नई दिल्ली।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव अब खाड़ी क्षेत्र तक फैलता दिखाई दे रहा है। अमेरिका की ओर से 1 सितंबर को ईरान में रिवोल्यूशनरी गार्ड्स यानी IRGC के सैन्य ठिकानों पर हमले किए जाने के बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी हितों और ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं।
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने जॉर्डन में कैंप टिटिन पर भारी बैलिस्टिक मिसाइल हमला किए जाने का दावा किया है। इसके अलावा कुवैत में ड्रोन और मिसाइल हमलों की खबर है। बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजने के बाद वहां की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी गई।
इस बीच अमेरिका की सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा है कि उसकी सैन्य कार्रवाई में ईरान के IRGC से जुड़े एयर डिफेंस, रडार, समुद्री, माइन बिछाने और संचार ढांचे को निशाना बनाया गया।
ईरान में अमेरिकी हमलों में 11 लोगों की मौत
ईरान के सरकारी मीडिया ने दावा किया है कि अमेरिकी हमलों में देश में कम से कम 11 लोगों की मौत हुई है। सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के अनुसार, दक्षिण पश्चिमी खूज़ेस्तान प्रांत में अमेरिकी मिसाइल हमले में सात लोगों की मौत हुई और आठ लोग घायल हुए।
इससे पहले ईरानी रेड क्रिसेंट ने बताया था कि दक्षिणी ईरान में एक शादी समारोह को निशाना बनाए गए हमले में चार लोगों की मौत हुई। इनमें एक बच्चा भी शामिल था। इस हमले में 50 से अधिक लोग घायल होने की बात कही गई थी।
ईरान ने अमेरिकी सैन्य कार्रवाई को लेकर कड़ा विरोध जताया है। ईरान के शीर्ष वार्ताकार मोहम्मद बाकर ग़ालिबाफ ने अमेरिका पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने एक सोशल मीडिया पोस्ट में अमेरिका को 'शैतान' बताया।उन्होंने ईरान में बच्चों और परिवारों के प्रभावित होने वाली घटनाओं का जिक्र करते हुए अमेरिका की सैन्य कार्रवाई की आलोचना की।
लावान द्वीप पर भी हमला
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बताया कि फारस की खाड़ी में स्थित लावान द्वीप पर अमेरिकी हमले में बसीज बल के तीन सदस्य मारे गए हैं।ईरानी समाचार एजेंसी मेहर के अनुसार, स्थानीय IRGC कमांडर ने दावा किया कि हमले में तीन बसीज सदस्य मारे गए। ईरान ने इसे अमेरिकी कार्रवाई का हिस्सा बताया है।
इसके अलावा पश्चिमी ईरान के करमानशाह प्रांत में भी अमेरिकी हमले में चार IRGC एयरोस्पेस फोर्स कर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया है।
बहरीन ने ईरानी हमले रोकने का दावा किया
बहरीन डिफेंस फोर्स के जनरल कमांड ने कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने बुधवार को ईरान की ओर से किए गए कई हवाई हमलों को रोक दिया।बहरीन के अधिकारियों के अनुसार, ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन के जरिए हमले किए गए। बहरीन ने दावा किया कि इन हमलों में नागरिकों को निशाना बनाया गया।
बहरीन ने अपने नागरिकों से सतर्क रहने को कहा है। अधिकारियों ने लोगों को किसी संदिग्ध वस्तु या हमले के बाद मिले मलबे के पास नहीं जाने की सलाह दी है। ऐसी किसी भी वस्तु की सूचना तुरंत अधिकारियों को देने को कहा गया है।बहरीन ने मिसाइल और ड्रोन से नागरिकों को जानबूझकर निशाना बनाने को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का उल्लंघन बताया है।
कुवैत में आवासीय परिसर में लगी आग
कुवैत में भी ईरानी ड्रोन हमले की खबर सामने आई है। कुवैत की पब्लिक फायर फोर्स के अनुसार, राजधानी में एक आवासीय परिसर को ड्रोन से निशाना बनाए जाने के बाद वहां आग लग गई।
दमकल की टीमों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। अधिकारियों ने बताया कि घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हालांकि संपत्ति को नुकसान पहुंचा है।कुवैत के दमकल विभाग के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद बदर इब्राहिम के अनुसार, अल हिलाली और अल मदीना केंद्रों की टीमों ने तुरंत कार्रवाई की।
कतर ने ईरानी हमलों की निंदा की
कतर ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर ईरान के हमलों की कड़ी निंदा की है। कतर के विदेश मंत्रालय ने इन हमलों को संबंधित देशों की संप्रभुता और अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया।
कतर ने कहा कि इस तरह की सैन्य कार्रवाई से क्षेत्र में तनाव और बढ़ सकता है। इससे कूटनीतिक प्रयासों को भी नुकसान पहुंचने की आशंका है।कतर ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन के साथ एकजुटता जताई। उसने तत्काल सैन्य कार्रवाई रोकने और बातचीत तथा कूटनीति के रास्ते पर लौटने की अपील की है।
खाड़ी क्षेत्र में विमान सेवाएं प्रभावित
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव का असर विमान सेवाओं पर भी दिखाई देने लगा है। संयुक्त अरब अमीरात से आने जाने वाली कई उड़ानों के संचालन में फिर से बदलाव हुआ है।एमिरेट्स, एतिहाद एयरवेज, फ्लाईदुबई और एयर अरबिया जैसी एयरलाइंस कुछ सेवाएं संचालित कर रही हैं। हालांकि कई मार्गों पर उड़ानों में देरी और रद्द होने की स्थिति बनी हुई है।
यात्रियों को अपनी उड़ान की स्थिति पहले से जांचने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में सुरक्षा स्थिति तेजी से बदल रही है। ऐसे में उड़ानों के समय में अंतिम समय पर भी बदलाव हो सकता है।
होर्मुज में बढ़ा समुद्री दबाव
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष का एक महत्वपूर्ण केंद्र होर्मुज जलडमरूमध्य भी बन गया है। इस क्षेत्र में पिछले 48 घंटों में दो टैंकरों पर हमले की सूचना सामने आई है।समुद्री सुरक्षा से जुड़े संगठनों के अनुसार, ईरान की ओर से समुद्री दबाव बढ़ाया गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्गों में शामिल है। यहां किसी बड़े सैन्य टकराव का असर वैश्विक ऊर्जा बाजार पर पड़ सकता है।
अमेरिकी अधिकारियों की ओर से भी होर्मुज को लेकर चिंता जताई गई है। अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने ईरान की स्थिति को लेकर कहा कि देश नियंत्रण खोने और गंभीर संकट की ओर बढ़ रहा है।
सोने की कीमत तीन सप्ताह के निचले स्तर पर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बावजूद बुधवार को सोने की कीमत में गिरावट दर्ज की गई। स्पॉट गोल्ड 0.6 प्रतिशत गिरकर 4,304.01 डॉलर प्रति औंस पर आ गया।यह 7 अगस्त के बाद सोने का सबसे निचला स्तर बताया गया है। अमेरिकी गोल्ड फ्यूचर्स भी करीब एक प्रतिशत गिरकर 4,350.80 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया।चांदी की कीमत में भी लगभग एक प्रतिशत की गिरावट आई। प्लैटिनम करीब एक प्रतिशत और पैलेडियम 1.4 प्रतिशत नीचे रहा।
अमेरिकी विमानवाहक पोत थाईलैंड पहुंचा
इस बीच अमेरिकी नौसेना का विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln बुधवार को थाईलैंड पहुंच गया। यह करीब नौ महीने बाद पहली बार किसी बंदरगाह पर रुका है।जहाज पर लगभग 5,000 अमेरिकी नौसैनिक और मरीन मौजूद हैं। यह पोत मध्य पूर्व में जारी युद्ध से लौट रहा है। थाईलैंड के पटाया क्षेत्र को अमेरिकी सैनिकों के लिए लंबे समय से आराम और मनोरंजन के पड़ाव के रूप में इस्तेमाल किया जाता रहा है।
थाईलैंड के लाम चाबांग बंदरगाह पर पहुंचते समय जहाज के डेक पर कई लड़ाकू विमान मौजूद थे। अमेरिकी कैरियर स्ट्राइक ग्रुप 3 के कमांडर रियर एडमिरल रॉबर्ट लॉफलिन ने कहा कि बंदरगाह पर पहुंचना अमेरिकी सैनिकों को आराम करने और फिर से तैयार होने का अवसर देगा।
संघर्ष का दायरा बढ़ने की आशंका
अमेरिका के ईरान पर हमले और उसके बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई ने पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति को और गंभीर बना दिया है। अब संघर्ष केवल अमेरिका और ईरान के बीच सीमित नहीं दिख रहा।
बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी हितों को निशाना बनाए जाने से खाड़ी के कई देश सीधे जोखिम के दायरे में आ गए हैं। हवाई यातायात, समुद्री परिवहन और ऊर्जा आपूर्ति पर भी इसका असर पड़ सकता है।
अगले कुछ घंटे इस संकट के लिए बेहद अहम माने जा रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि ईरान की जवाबी कार्रवाई कितनी दूर तक जाती है और अमेरिका इसके जवाब में क्या कदम उठाता है। यदि हमलों का सिलसिला जारी रहता है तो पूरे पश्चिम एशिया में सैन्य तनाव और बढ़ सकता है।