वॉशिंगटन, तेहरान
ईरान और अमेरिका के बीच चल रहा सैन्य तनाव एक बार फिर गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी रेड क्रिसेंट ने मंगलवार को दावा किया कि अमेरिका के एक मिसाइल हमले में शादी समारोह में शामिल एक बच्चे समेत चार लोगों की मौत हो गई। इस हमले में 50 से ज्यादा लोग घायल हुए हैं।
रेड क्रिसेंट के अनुसार, हमला दक्षिणी ईरान के हार्मोजगान प्रांत के सिरिक काउंटी में हुआ। संगठन ने बताया कि सिरिक के कुहस्तक शहर में एक आवासीय मकान को मिसाइल हमले का मलबा लगा। इसी मकान में शादी समारोह चल रहा था।
ईरानी रेड क्रिसेंट ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि हमले के बाद बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। चार लोगों की मौत हुई। इनमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है।
ईरानी सरकारी अकाउंट से घटना का एक वीडियो भी साझा किया गया। इसमें कथित तौर पर शादी समारोह वाली जगह पर भारी मलबा और नुकसान दिखाई दे रहा है। वीडियो में पीछे से लोगों के चीखने की आवाजें भी सुनाई देती हैं। हालांकि, उपलब्ध जानकारी से यह स्वतंत्र रूप से स्पष्ट नहीं हो सका है कि हमला किस लक्ष्य को निशाना बनाकर किया गया था।
हमले के तुरंत बाद हार्मोजगान प्रांत के डिप्टी गवर्नर अहमद नफीसी ने सरकारी टेलीविजन को बताया था कि दो लोगों के मारे जाने और कई अन्य के घायल होने की सूचना मिली है। बाद में ईरानी रेड क्रिसेंट ने मृतकों की संख्या चार बताई।
सिरिक काउंटी ईरान के दक्षिणी हिस्से में स्थित है। यह इलाका रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के पास है। दुनिया के ऊर्जा व्यापार के लिए स्ट्रेट ऑफ हार्मुज का महत्व काफी ज्यादा है। यहां किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार और समुद्री परिवहन पर पड़ सकता है।
अमेरिकी सेंट्रल कमांड यानी CENTCOM ने कहा कि उसकी कार्रवाई ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के खिलाफ थी। अमेरिका का आरोप है कि ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में वाणिज्यिक जहाजों और क्षेत्र में तैनात अमेरिकी सैनिकों के खिलाफ हाल में हमले की कोशिश की थी।
हालांकि सिरिक काउंटी में अमेरिकी कार्रवाई का वास्तविक लक्ष्य क्या था, यह तत्काल स्पष्ट नहीं हो सका। इसी हमले के दौरान शादी समारोह के पास मौजूद लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
ईरानी मीडिया के अनुसार मंगलवार को देश के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हार्मुज के आसपास और उसके पूर्व में स्थित कई इलाकों में विस्फोट की खबरें आईं। दक्षिणी करमान प्रांत के एक एयरपोर्ट को भी निशाना बनाए जाने की सूचना मिली।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने बताया कि चाबहार और कोनारक काउंटी के कुछ इलाकों में चार प्रोजेक्टाइल गिरे। हालांकि तत्काल यह जानकारी नहीं दी गई कि इससे कितना नुकसान हुआ।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की ओर से किसी जवाबी कार्रवाई की स्थिति में और ज्यादा कठोर हमले की चेतावनी दी है। ट्रंप के अनुसार अमेरिका ने ईरानी हमले की कोशिशों के जवाब में कार्रवाई की है।
उन्होंने दावा किया कि ईरान ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश की थी। ट्रंप ने यह भी कहा कि ईरान की ओर से जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकाने पर आठ मिसाइलें दागी गई थीं। उनके मुताबिक सभी मिसाइलों को मार गिराया गया।
ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान अमेरिकी कार्रवाई का जवाब देता है तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा कठोर स्तर पर हमला कर सकता है।
दूसरी ओर ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के प्रवक्ता होसैन मोहेबी ने अमेरिका को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि वॉशिंगटन को नए हमलों पर पछताना पड़ेगा। उनके अनुसार हमलावरों के लिए गंभीर जवाब तैयार है।
बाद में ईरानी समाचार एजेंसी तस्नीम ने दावा किया कि ईरान की सशस्त्र सेनाओं ने अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में अभियान शुरू कर दिया है। एजेंसी के अनुसार क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों और हितों को ईरानी मिसाइलों और ड्रोन से निशाना बनाया जा रहा है।
अमेरिका और ईरान के बीच हालिया तनाव अचानक पैदा नहीं हुआ है। 28 फरवरी से शुरू हुई सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच कई बार हमले और जवाबी हमले हो चुके हैं।
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार शुरुआती दौर में अमेरिकी और इजरायली हमलों ने ईरान के कई सैन्य और राजनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया था। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई और कई वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की मौत की भी रिपोर्ट सामने आई थी।
इसके बाद ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाकर जवाबी कार्रवाई की। शुरुआती भारी बमबारी का दौर करीब 40 दिनों तक चला। बाद में हमलों की तीव्रता कम हुई। इसके बावजूद स्ट्रेट ऑफ हार्मुज और उसके आसपास छिटपुट सैन्य कार्रवाई जारी रही।
इस वजह से स्थायी युद्धविराम और शांति समझौते की संभावनाएं कमजोर हुई हैं।
मौजूदा संघर्ष में स्ट्रेट ऑफ हार्मुज सबसे महत्वपूर्ण केंद्रों में से एक बन गया है। यह समुद्री मार्ग फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी से जोड़ता है। दुनिया के तेल कारोबार का बड़ा हिस्सा इस मार्ग से होकर गुजरता है।
ईरान की ओर से स्ट्रेट ऑफ हार्मुज को बंद रखने और अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी जारी रखने की खबरों ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।
अमेरिका का कहना है कि उसके बलों ने रविवार को लारक द्वीप पर ईरानी रॉकेट लॉन्चरों को निशाना बनाया। वॉशिंगटन के अनुसार इसका उद्देश्य ईरान को स्ट्रेट ऑफ हार्मुज के महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में बारूदी सुरंगें बिछाने से रोकना था।
अगर यह समुद्री मार्ग लंबे समय तक प्रभावित रहता है तो इसका असर तेल की कीमतों, वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर पड़ सकता है।
इसी बीच दो तेल टैंकरों को भी अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। ग्रीस की समुद्री जोखिम प्रबंधन कंपनी मेरिस्क्स के अनुसार सोमवार देर रात दो कच्चे तेल ले जाने वाले टैंकरों को अज्ञात प्रोजेक्टाइल से नुकसान पहुंचा।
ब्रिटेन की यूनाइटेड किंगडम मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस एजेंसी ने भी इनमें से एक घटना की जानकारी दी थी। एजेंसी के अनुसार घटना में किसी के हताहत होने या पर्यावरण को नुकसान पहुंचने की सूचना नहीं थी।
इन घटनाओं ने स्ट्रेट ऑफ हार्मुज में समुद्री सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। युद्ध के बीच पहले भी वाणिज्यिक जहाजों पर हमले और समुद्री मार्ग को लेकर तनाव सामने आता रहा है।
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने मंगलवार को कहा कि उनका देश अमेरिका के किसी भी कदम का जवाब देने के लिए तैयार है। उन्होंने युद्ध समाप्त करने के उद्देश्य से संभावित समझौते की दिशा में अमेरिकी रुख पर भी बात की।
पेजेशकियन ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका फिर से दबाव और धमकी की नीति अपनाता है तो इससे कूटनीतिक प्रक्रिया को नुकसान पहुंच सकता है।
उनके बयान से संकेत मिलता है कि तेहरान एक तरफ सैन्य जवाब की तैयारी की बात कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ बातचीत की संभावना को पूरी तरह खत्म नहीं करना चाहता।
फिलहाल ईरान में शादी समारोह पर हुए कथित अमेरिकी हमले ने मानवीय नुकसान को लेकर नई चिंता पैदा कर दी है। चार लोगों की मौत और 50 से अधिक लोगों के घायल होने का दावा सामने आया है। दूसरी ओर अमेरिका अपनी सैन्य कार्रवाई को ईरानी हमलों और समुद्री सुरक्षा से जोड़ रहा है।
आने वाले दिनों में सबसे बड़ी चिंता यह है कि दोनों देशों के बीच जवाबी हमलों का सिलसिला कितना बढ़ता है। इसका असर केवल ईरान और अमेरिका तक सीमित नहीं रहेगा। खाड़ी क्षेत्र, तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय विमानन भी इसकी चपेट में आ सकते हैं।