अमेरिकी हमलों के बाद ईरान की जवाबी कार्रवाई, बहरीन और कुवैत में अमेरिकी ठिकानों को बनाया निशाना

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 11-06-2026
Iran retaliates after US strikes; targets US bases in Bahrain and Kuwait.
Iran retaliates after US strikes; targets US bases in Bahrain and Kuwait.

 

दुबई:

पश्चिम एशिया में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका द्वारा ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में सैन्य कार्रवाई किए जाने के बाद ईरान ने जवाबी कदम उठाते हुए बहरीन और कुवैत में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। इस घटनाक्रम ने पूरे क्षेत्र में सुरक्षा चिंताओं को और गहरा कर दिया है।

बताया गया है कि गुरुवार (11 जून) की सुबह अमेरिकी सेना ने ईरान के कई इलाकों में बड़े पैमाने पर हमले किए। इसके बाद ईरान की ओर से प्रतिक्रिया स्वरूप बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ड्रोन हमले किए गए। इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) ने अपने बयान में ली है।

किन ठिकानों को बनाया गया निशाना?

रिवोल्यूशनरी गार्ड के अनुसार, बहरीन में स्थित शेख ईसा एयर बेस तथा कुवैत के अली अल सलेम एयर बेस और अहमद अल जाबेर एयर बेस को ड्रोन हमलों का लक्ष्य बनाया गया। संगठन का कहना है कि यह कार्रवाई अमेरिकी सैन्य हमलों के जवाब में की गई।

होर्मुज जलडमरूमध्य में भी बढ़ा तनाव

ईरानी पक्ष ने यह भी दावा किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य में दो टैंकरों के खिलाफ कार्रवाई की गई। रिवोल्यूशनरी गार्ड का कहना है कि ये जहाज कथित रूप से अवैध तरीके से इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की कोशिश कर रहे थे। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक माना जाता है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी प्रकार का सैन्य तनाव अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजारों और वैश्विक व्यापार पर प्रभाव डाल सकता है।

अमेरिका का क्या कहना है?

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के निर्देश पर ईरान की कथित आक्रामक गतिविधियों के जवाब में सैन्य अभियान चलाया गया। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि इन हमलों में ईरान के विभिन्न सैन्य ढांचों और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया।

कई स्थानों पर विस्फोटों की खबर

ईरानी मीडिया रिपोर्टों में होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित केशम द्वीप, बंदर अब्बास और सिरिक सहित कई क्षेत्रों में हमलों और विस्फोटों की जानकारी दी गई है। इसके अलावा कारगान शहर में भी विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की खबर है, जहां कम से कम दो लोगों के घायल होने की सूचना सामने आई है।

युद्धविराम पर फिर संकट

रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच अप्रैल में एक युद्धविराम समझौता हुआ था। हालांकि, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर ने आरोप लगाया कि अमेरिका ने इस समझौते का बार-बार उल्लंघन किया है। इसी आधार पर संगठन ने घोषणा की कि अगले आदेश तक होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद रखा जाएगा।

इससे पहले होर्मुज क्षेत्र में एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर दुर्घटनाग्रस्त होने की घटना भी सामने आई थी। अमेरिका ने दावा किया था कि उसे ईरान ने मार गिराया, जबकि इसके बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया। इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा था कि अमेरिका और ईरान समझौते के करीब हैं, लेकिन यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो कठोर सैन्य कार्रवाई की जा सकती है।

इन घटनाओं के बाद क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हालात पर करीबी नजर रखी जा रही है, क्योंकि दोनों देशों के बीच बढ़ता टकराव व्यापक भू-राजनीतिक और आर्थिक प्रभाव डाल सकता है।