अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ा, खाड़ी देशों में हाई अलर्ट

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 10-06-2026
US-Iran tensions escalate; Gulf nations on high alert.
US-Iran tensions escalate; Gulf nations on high alert.

 

तेहरान

मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के दक्षिणी हिस्से और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास स्थित कई वायु रक्षा और रडार ठिकानों पर सफल हमले किए हैं। इन हमलों के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। कुवैत और बहरीन ने अपने हवाई रक्षा तंत्र को सक्रिय कर दिया है, जबकि कई देशों ने क्षेत्रीय तनाव को कम करने की अपील की है।

अमेरिकी सैन्य कमान सेंटकॉम के अनुसार, यह कार्रवाई उस घटना के बाद की गई जिसमें ईरान पर एक अमेरिकी हेलीकॉप्टर को मार गिराने का आरोप लगाया गया था। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना के बाद कड़ी प्रतिक्रिया की चेतावनी दी थी। इसके बाद अमेरिकी बलों ने ईरानी सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया।

दूसरी ओर, ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने जवाबी कार्रवाई करते हुए जॉर्डन में स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर लंबी दूरी की मिसाइलों से हमला किया। ईरान के अनुसार, इस हमले में चार महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिनमें एफ-35लड़ाकू विमानों के शेल्टर और एक कमांड सेंटर भी शामिल था।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच कुवैत ने घोषणा की कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने कई संदिग्ध हवाई लक्ष्यों को सफलतापूर्वक रोक लिया। वहीं बहरीन ने हवाई हमले का अलर्ट जारी किया। बहरीन की सेना ने दावा किया कि उसकी एयर डिफेंस यूनिट्स ने ईरान की ओर से दागी गई मिसाइलों और ड्रोन को हवा में ही नष्ट कर दिया।

बहरीन रक्षा बल के जनरल कमांड ने कहा कि देश की सभी सैन्य इकाइयों को उच्चतम स्तर की सतर्कता पर रखा गया है। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी संदिग्ध वस्तु या हमले के अवशेषों के पास न जाएं और तत्काल सुरक्षा एजेंसियों को सूचित करें।

इस बीच संयुक्त अरब अमीरात ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन पर हुए मिसाइल तथा ड्रोन हमलों की कड़ी निंदा की है। यूएई विदेश मंत्रालय ने कहा कि ये हमले संबंधित देशों की संप्रभुता का उल्लंघन हैं और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा करते हैं। यूएई ने तीनों देशों के साथ पूर्ण एकजुटता व्यक्त की है।

उधर चीन ने भी स्थिति पर चिंता जताई है। चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लिन जियान ने कहा कि सभी पक्षों को संयम बरतना चाहिए और संघर्ष को और बढ़ाने से बचना चाहिए। उन्होंने तनाव कम करने के लिए ठोस कदम उठाने की अपील की।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर शांति प्रयासों को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने कहा कि अमेरिकी हमले चल रही कूटनीतिक प्रक्रिया को कमजोर कर रहे हैं। उनके अनुसार, किसी भी विवाद का समाधान बल प्रयोग से नहीं बल्कि बातचीत और कूटनीति के माध्यम से होना चाहिए।

इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने तुर्किये और सऊदी अरब के विदेश मंत्रियों से फोन पर बातचीत की। उन्होंने अमेरिकी हमलों को ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का उल्लंघन बताया तथा कहा कि जवाबी कार्रवाई ईरान का वैध अधिकार है।लगातार बढ़ते सैन्य टकराव के बीच पूरे मध्य पूर्व में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय हालात को नियंत्रण में लाने की कोशिश कर रहा है।