तेहरान।
पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य टकराव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने बचाव के लिए हर संभव कदम उठाएगा। ईरान के विदेश मंत्री Seyed Abbas Araghchi ने कहा है कि तेहरान अमेरिकी और इज़रायली आक्रामकता का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है और अपने देश की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेगा।
ईरानी मीडिया के अनुसार अराघची ने सोशल मीडिया पर कहा कि पिछले दो दशकों में ईरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य अभियानों का गहराई से अध्ययन किया है और उनसे सबक लिया है। उन्होंने कहा कि राजधानी तेहरान पर हो रही बमबारी से ईरान की युद्ध क्षमता पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उनके अनुसार ईरान की विकेंद्रीकृत रक्षा रणनीति उसे यह तय करने की क्षमता देती है कि युद्ध कब और कैसे खत्म होगा।
ईरानी सरकार ने एक बयान में कहा कि उसने कभी किसी युद्ध की शुरुआत नहीं की और न ही किसी पड़ोसी देश पर हमला किया है। सरकार ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत आत्मरक्षा हर देश का अधिकार है और ईरान की कार्रवाई केवल उन ठिकानों को निशाना बना रही है जहां से उसके खिलाफ हमले किए गए।
इसी बीच ईरान की शक्तिशाली सैन्य इकाई Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया कि उसने अमेरिका और इज़रायल के खिलाफ अपने जवाबी अभियान का नया चरण शुरू किया है। गार्ड्स ने कहा कि “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई लहर चलाई गई है।
आईआरजीसी के अनुसार इन हमलों में इज़रायल के कई सैन्य और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें तेल अवीव के पास सैन्य प्रतिष्ठान, पश्चिमी गैलीली क्षेत्र और ब्नेई ब्राक जैसे इलाके शामिल बताए गए हैं। ईरानी सूत्रों का दावा है कि जवाबी हमलों के चौथे दिन तक विरोधी पक्ष के सैकड़ों सैनिक हताहत हुए हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
दूसरी ओर Israel Defense Forces ने कहा है कि उसकी वायुसेना ने तेहरान में ईरानी सुरक्षा प्रतिष्ठानों और कमांड सेंटरों पर नए हमले किए हैं। इज़रायली सेना का कहना है कि इन हमलों में बसीज अर्धसैनिक बल और आंतरिक सुरक्षा ढांचे से जुड़े कई ठिकानों को निशाना बनाया गया।
इज़रायल ने यह भी दावा किया कि उसकी वायुसेना ने ईरानी सेना की मिसाइल लॉन्चिंग साइट, एयर डिफेंस सिस्टम और लॉजिस्टिक केंद्रों पर भी प्रहार किया है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में ईरान के एक एयर डिफेंस सिस्टम और रूसी निर्मित हेलीकॉप्टर को निशाना बनाए जाने का भी दावा किया गया।
पश्चिम एशिया में जारी यह टकराव लगातार गहराता जा रहा है और दोनों पक्षों की सैन्य कार्रवाई से पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है।