वॉशिंगटन डीसी।
मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष के बीच अमेरिकी रक्षा विभाग ने ईरानी ड्रोन हमले में मारे गए सैनिकों की पहचान जारी की है। पेंटागन के अनुसार रविवार को हुए हमले में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी, जिनमें से चार की पहचान सार्वजनिक कर दी गई है।
अमेरिकी सेना के रिजर्व बल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर जानकारी देते हुए कहा कि 1 मार्च को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के दौरान चार सैनिकों की मौत हो गई। यह सभी सैनिक अमेरिकी सेना की रिजर्व यूनिट से जुड़े थे।
रिपोर्ट के अनुसार मारे गए सैनिकों में कैप्टन कोडी खॉर्क, सार्जेंट फर्स्ट क्लास नोआ टाइटजेंस, सार्जेंट फर्स्ट क्लास निकोल अमोर और सार्जेंट डेकलन कोडी शामिल हैं। ये चारों सैनिक आयोवा स्थित अमेरिकी सेना की 103वीं सस्टेनमेंट कमांड यूनिट में तैनात थे।
अमेरिकी सेना के रिजर्व प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल रॉबर्ट हार्टर ने सैनिकों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि देश की रक्षा के लिए निडरता और समर्पण के साथ सेवा करने वाले इन सैनिकों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा।
अमेरिकी सेना के सचिव Dan Driscoll ने भी इन सैनिकों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि हाल के ईरानी हमलों में अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और घायल होने की खबर बेहद दुखद है। उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा कि इन सैनिकों ने अपने देश की रक्षा के लिए स्वेच्छा से सेवा दी थी और उनका बलिदान कभी भुलाया नहीं जाएगा।
इस बीच सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने जानकारी दी कि सऊदी हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने वाले नौ ड्रोन को तुरंत मार गिराया गया। मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार ये ड्रोन सीमा में घुसते ही नष्ट कर दिए गए।
मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियान लगातार जारी है। United States Central Command के कमांडर एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि ऑपरेशन एपिक फ्यूरी के चार दिनों के भीतर लगभग दो हजार लक्ष्यों पर हमले किए जा चुके हैं। इन हमलों में ईरान की कई मिसाइल प्रणालियों, ड्रोन ठिकानों और सैन्य ढांचे को भारी नुकसान पहुंचाया गया है।
हालांकि अमेरिकी दावों के बावजूद ईरान की जवाबी कार्रवाई जारी है। रिपोर्टों के अनुसार रियाद स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर में भी ड्रोन हमला हुआ जिसमें कुछ संरचनात्मक क्षति हुई, हालांकि किसी के घायल होने की खबर नहीं है। दुबई में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के पास भी ड्रोन से जुड़ी घटना के बाद आग लग गई थी जिसे बाद में बुझा दिया गया।
अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद शुरू हुआ यह संघर्ष अब चौथे दिन में प्रवेश कर चुका है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei समेत कई प्रमुख सैन्य और राजनीतिक हस्तियों की मौत हुई थी। इसके बाद ईरान ने खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़रायल से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाते हुए जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है।
विश्लेषकों का कहना है कि यदि दोनों पक्ष पीछे नहीं हटे तो यह संघर्ष पूरे क्षेत्र में और गंभीर रूप ले सकता है।





