वियना।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के महानिदेशक Rafael Grossi ने कहा है कि अब तक ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है जिससे यह साबित हो सके कि ईरान परमाणु बम बनाने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। हालांकि उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि ईरान के पास लगभग हथियार स्तर के संवर्धित यूरेनियम का बड़ा भंडार मौजूद है और निरीक्षण में सहयोग की कमी चिंता का विषय है।
ग्रॉसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि एजेंसी की रिपोर्ट लगातार यह बताती रही है कि ईरान के परमाणु कार्यक्रम में कई गंभीर चिंताएं मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि ईरान ने बड़ी मात्रा में अत्यधिक संवर्धित यूरेनियम जमा किया है और निरीक्षकों को पूरी तरह से जांच करने की अनुमति भी नहीं दी है। ऐसे हालात में एजेंसी यह भरोसा नहीं दिला सकती कि ईरान का परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए ही है।
इससे पहले एक साक्षात्कार में उन्होंने कहा कि आईएईए को अब तक ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि ईरान संगठित तरीके से परमाणु हथियार बनाने का कार्यक्रम चला रहा है। उन्होंने कहा कि कई ऐसी गतिविधियां जरूर हैं जो चिंता पैदा करती हैं, जैसे संवर्धित यूरेनियम का बढ़ता भंडार और निरीक्षण में पारदर्शिता की कमी। लेकिन एजेंसी के पास यह जानकारी नहीं है कि ईरान निकट भविष्य में परमाणु बम बनाने जा रहा था।
ग्रॉसी के इस बयान को अमेरिका के उस दावे से अलग माना जा रहा है जिसमें राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा था कि यदि अभी कार्रवाई नहीं की जाती तो ईरान जल्द ही परमाणु हथियार हासिल कर सकता था। ट्रंप ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि ईरान की सरकार बेहद खतरनाक है और अगर उसके पास परमाणु हथियार होते तो वह उनका इस्तेमाल कर सकती थी।
इसी तरह अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी कहा कि ईरान के कट्टरपंथी नेताओं को विनाशकारी हथियार हासिल करने से रोकना जरूरी है। उनके अनुसार दुनिया तब ज्यादा सुरक्षित होगी जब ऐसे हथियार उनके हाथों में नहीं होंगे।
इन बयानों के बीच पश्चिम एशिया में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। अमेरिका और इज़रायल द्वारा ईरान पर किए गए हमलों में देश के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मारे गए। इसके जवाब में तेहरान ने क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इज़रायली लक्ष्यों पर जवाबी हमले किए हैं।
युद्ध के पांचवें दिन भी क्षेत्र में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं और अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस टकराव के और बढ़ने की आशंका को लेकर चिंतित है।





