ईरान का यूएई के साथ रिश्तों में नई शुरुआत का ऐलान, कहा- अतीत पीछे छोड़कर भविष्य पर ध्यान

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 14-09-2026
Iran announces a fresh start in relations with the UAE, says it is leaving the past behind to focus on the future.
Iran announces a fresh start in relations with the UAE, says it is leaving the past behind to focus on the future.

 

नई दिल्ली।

मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान और संयुक्त अरब अमीरात के रिश्तों में नई शुरुआत के संकेत मिले हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस शेख खालिद बिन मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने नई दिल्ली में आयोजित ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के दौरान मुलाकात की।

बैठक के बाद ईरानी राष्ट्रपति ने कहा कि दोनों देशों ने लंबे समय से चले आ रहे सैन्य और राजनयिक तनाव को पीछे छोड़कर संबंधों को नए सिरे से मजबूत करने का फैसला किया है। उन्होंने इसे दोनों देशों के रिश्तों में “एक नया अध्याय शुरू करने” की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।

पेज़ेश्कियन ने कहा, “संकट शुरू होने के बाद से फारस की खाड़ी क्षेत्र में कई घटनाक्रम हुए हैं, लेकिन अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के साथ हमारी बातचीत बेहद रचनात्मक रही। हमने अतीत को पीछे छोड़कर एक नया अध्याय शुरू करने, भविष्य की ओर देखने और उसे मिलकर बनाने का फैसला किया है।”

ईरान-जीसीसी बैठक पर ट्रंप बोले- यह उनका निजी मामला

इस बीच, ईरान और खाड़ी देशों के बीच क्षेत्रीय तनाव कम करने की कोशिशें भी तेज होती दिख रही हैं। ईरान सोमवार को ओमान में खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के साथ बैठक करने वाला है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और क्षेत्र में बढ़ते तनाव को कम करने जैसे मुद्दों पर चर्चा होने की संभावना है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार को ईरान के साथ खाड़ी देशों की बैठक को लेकर कहा कि उन्हें इस बात की कोई चिंता नहीं है कि ये देश तेहरान के साथ बातचीत करते हैं या नहीं।

आयरलैंड में पत्रकारों के सवाल पर ट्रंप ने कहा, “मुझे इसकी परवाह नहीं है। यह पूरी तरह उनका निजी मामला है।”

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ा तनाव

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ा हुआ है। दुनिया के तेल कारोबार के लिए यह जलमार्ग बेहद महत्वपूर्ण है और वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से होकर गुजरता है।

ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच संयुक्त अरब अमीरात ने पिछले महीने ईरान के साथ वित्तीय और व्यापारिक लेनदेन भी निलंबित कर दिए थे।

ईरान की ओर से संयुक्त अमेरिका-इजरायल अभियान के जवाब में यूएई स्थित एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर हमला किए जाने के बाद नई दिल्ली में पेज़ेश्कियन और अबू धाबी के क्राउन प्रिंस के बीच हुई यह मुलाकात दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच पहली सीधी बैठक मानी जा रही है।

अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर ईरान की आपत्ति

बैठक के दौरान पेज़ेश्कियन ने स्पष्ट किया कि ईरान को संयुक्त अरब अमीरात या क्षेत्र के किसी अन्य पड़ोसी देश से कोई शिकायत नहीं है। उनके मुताबिक, ईरान की मुख्य आपत्ति उन अमेरिकी सैन्य ठिकानों को लेकर है जो इन देशों में मौजूद हैं और जिनका इस्तेमाल ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई के लिए किया जा रहा है।

ईरानी राष्ट्रपति ने कहा, “संयुक्त अरब अमीरात और इस क्षेत्र के सभी दूसरे देश हमारे भाइयों की तरह हैं। हम लंबे समय से साथ रह रहे हैं, व्यापार कर रहे हैं और एक-दूसरे का सहयोग करते आए हैं।”

उन्होंने आगे कहा कि क्षेत्र के देशों को अपने भूभाग या सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल किसी पड़ोसी देश के खिलाफ हमले के लिए नहीं होने देना चाहिए।

पेज़ेश्कियन ने कहा, “सहयोगी देशों को अपने क्षेत्र या सैन्य ठिकानों को दुश्मनों द्वारा पड़ोसी देशों पर हमले के लिए इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं देनी चाहिए।”

ईरान और यूएई के बीच हुई इस उच्चस्तरीय बातचीत को ऐसे समय में अहम माना जा रहा है, जब मध्य पूर्व में सैन्य तनाव बढ़ा हुआ है और खाड़ी क्षेत्र के देश संघर्ष को अपने क्षेत्र में फैलने से रोकने की कोशिश कर रहे हैं।