कुवैत सिटी।
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा है कि अमेरिका ईरान के साथ चल रही वार्ताओं के दौरान अपने खाड़ी सहयोगी देशों की सुरक्षा से किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वाशिंगटन की हर रणनीतिक पहल खाड़ी देशों के साथ पूर्ण समन्वय और परामर्श के आधार पर आगे बढ़ेगी।
रुबियो ने यह बयान कुवैत दौरे के दौरान दिया, जहां वह अमेरिका-ईरान अंतरिम समझौते और पश्चिम एशिया की सुरक्षा स्थिति पर चर्चा करने के लिए तीन देशों की यात्रा पर हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के सदस्य देशों के साथ "पूरी तरह से एकजुट" है और ईरान के साथ होने वाली हर महत्वपूर्ण वार्ता और निर्णय में उन्हें शामिल किया जाएगा।
रुबियो ने कहा, "हम अपने क्षेत्रीय सहयोगियों की सुरक्षा को कमजोर करने वाला कोई भी कदम नहीं उठाएंगे। खाड़ी क्षेत्र में हमारे लंबे समय से सहयोगी रहे देशों की सुरक्षा अमेरिका की प्राथमिकता है।"
उन्होंने बताया कि इसी उद्देश्य से वह गुरुवार को बहरीन में होने वाली खाड़ी सहयोग परिषद की बैठक में हिस्सा ले रहे हैं, जहां अमेरिका ईरान के साथ जारी वार्ताओं और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर जीसीसी देशों के साथ विस्तृत चर्चा करेगा।
अमेरिकी विदेश मंत्री ने एक बार फिर ईरान की उस मांग का विरोध दोहराया, जिसमें तेहरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर शुल्क लगाने की बात कही है। रुबियो ने कहा कि अमेरिका और खाड़ी देश दोनों ही इस प्रस्ताव के विरोध में हैं।
उन्होंने यह भी पुष्टि की कि अमेरिका और ईरान के तकनीकी विशेषज्ञों के बीच वार्ता इस महीने के अंत तक फिर शुरू होगी। संभावना है कि ये बातचीत एक बार फिर स्विट्जरलैंड में आयोजित की जाएगी।
रुबियो बुधवार को कुवैत पहुंचे, जहां उन्होंने कुवैत के अमीर शेख मिशाल अल-अहमद अल-सबाह से मुलाकात की। यह बैठक कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास में ध्वजारोहण समारोह के बाद हुई। उल्लेखनीय है कि मार्च में ईरानी हमलों के बाद दूतावास के संचालन को अस्थायी रूप से निलंबित कर दिया गया था।
ध्वजारोहण समारोह के बाद रुबियो ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, "कुवैत क्षेत्रीय सुरक्षा और स्थिरता के लिए अमेरिका का एक अनिवार्य साझेदार है।"
अमेरिकी विदेश विभाग के अनुसार, कुवैत स्थित अमेरिकी दूतावास में अमेरिकी नागरिकों के लिए आपातकालीन सेवाएं तत्काल प्रभाव से फिर शुरू कर दी गई हैं, जबकि अन्य सेवाओं को चरणबद्ध तरीके से बहाल किया जाएगा।
रुबियो ने कहा, "अमेरिकी ध्वज स्वतंत्रता, एकता और आजादी का प्रतीक है, जो अब एक बार फिर गर्व के साथ कुवैत सिटी में लहरा रहा है।"
कुवैत पहुंचने से पहले रुबियो ने अबू धाबी में संयुक्त अरब अमीरात के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान से भी मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका-ईरान समझौते और क्षेत्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर चर्चा की।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि रुबियो ने यूएई के नेतृत्व, संकट के दौरान उसके साहस और ईरानी हमलों का सामना करने की क्षमता की सराहना की। उन्होंने यूएई की सुरक्षा के प्रति अमेरिका की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
गौरतलब है कि 28 फरवरी को अमेरिका और इज़राइल द्वारा ईरान पर हमले शुरू किए जाने के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ गया था। ईरान की ओर से किए गए मिसाइल और ड्रोन हमलों में कई लोगों की मौत हुई थी तथा ऊर्जा और परिवहन अवसंरचना को भारी नुकसान पहुंचा था। इसके अलावा, होर्मुज जलडमरूमध्य बंद होने से खाड़ी देशों के निर्यात पर भी गंभीर असर पड़ा था।
अब अमेरिका और ईरान के बीच जारी वार्ताओं को पश्चिम एशिया में स्थायी शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।