दुबई।
पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच इजराइल ने ईरान के साथ चल रहे युद्धविराम समझौते को आगे बढ़ाने की उम्मीद जताई है। एक इजरायली सूत्र के मुताबिक, दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष को कूटनीतिक रास्ते से हल करने के प्रयास तेज हो गए हैं और युद्धविराम को बढ़ाने पर सहमति बनने के संकेत मिल रहे हैं।
सूत्रों के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच जारी युद्धविराम 22 अप्रैल को समाप्त होने वाला है। ऐसे में मध्यस्थ देश इसे कम से कम दो सप्ताह के लिए बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, ताकि बातचीत के जरिए स्थायी समाधान तलाशा जा सके। क्षेत्रीय अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्ष “सैद्धांतिक रूप से” युद्धविराम बढ़ाने पर सहमत हो चुके हैं।
इस बीच, तीन प्रमुख मुद्दे अब भी वार्ता में अड़चन बने हुए हैं—ईरान का परमाणु कार्यक्रम, हॉर्मुज जलडमरूमध्य की स्थिति और युद्ध से जुड़ी क्षतिपूर्ति। मध्यस्थ इन जटिल विषयों पर सहमति बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं।
कूटनीतिक हलचल के बीच पाकिस्तान की भूमिका भी अहम होती जा रही है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख Asim Munir एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ तेहरान पहुंचे हैं, जहां वे अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता को आगे बढ़ाने के प्रयासों में शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि यह प्रतिनिधिमंडल अमेरिकी संदेश लेकर ईरान पहुंचा है और अगले दौर की बातचीत के समन्वय पर काम कर रहा है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का दूसरा दौर जल्द ही पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में आयोजित हो सकता है। इससे पहले इस्लामाबाद में हुई लंबी वार्ता किसी ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच पाई थी, लेकिन अब नई कोशिशों से उम्मीदें फिर से जगी हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि युद्धविराम का विस्तार क्षेत्रीय स्थिरता के लिए बेहद जरूरी है। यदि यह प्रयास सफल होता है, तो न केवल सैन्य तनाव कम होगा, बल्कि कूटनीतिक समाधान की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति हो सकती है।
फिलहाल, सभी की नजरें आगामी वार्ता और युद्धविराम के विस्तार पर टिकी हैं। यह देखना अहम होगा कि क्या यह कूटनीतिक पहल पश्चिम एशिया में लंबे समय से चले आ रहे तनाव को खत्म करने की दिशा में निर्णायक कदम साबित होती है।