नई दिल्ली
Indonesia की राजधानी Jakarta के पास सोमवार को हुए भीषण रेल हादसे में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों यात्री घायल हो गए। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यह दुर्घटना दो ट्रेनों की टक्कर से हुई, जिसने इलाके में अफरा-तफरी मचा दी। राहत और बचाव कार्य कई घंटों तक जारी रहा।
अधिकारियों ने बताया कि हादसा जकार्ता के बाहरी क्षेत्र में स्थित Bekasi Timur Station के पास हुआ। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, एक लंबी दूरी की यात्री ट्रेन ने पीछे से एक खड़ी स्थानीय ट्रेन को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि कई डिब्बे बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए, कुछ पटरी से उतर गए और कुछ पलट गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के तुरंत बाद जोरदार आवाज सुनाई दी और फिर यात्रियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग डिब्बों में फंस गए, जिन्हें बाहर निकालने के लिए बचाव दल को काफी मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय प्रशासन, पुलिस और आपदा राहत एजेंसियों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर राहत अभियान शुरू किया।
स्थानीय टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में बचावकर्मी क्षतिग्रस्त डिब्बों को काटकर यात्रियों को बाहर निकालते नजर आए। कई घायलों को स्ट्रेचर के सहारे एंबुलेंस तक पहुंचाया गया, जहां से उन्हें नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया। हादसे के बाद स्टेशन और आसपास के इलाकों में भारी भीड़ जमा हो गई।
राज्य रेलवे संचालक कंपनी KAI की प्रवक्ता एन पूर्वा ने चार लोगों की मौत की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि अब तक कम से कम 38 लोगों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। कई घायलों की हालत गंभीर बताई जा रही है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
रेलवे प्रशासन ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों के प्रति संवेदना जताई है। साथ ही घायलों के समुचित इलाज का भरोसा दिलाया गया है। अधिकारियों ने कहा कि दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी गई है और तकनीकी टीम मौके से सबूत जुटा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रारंभिक संकेतों से यह मामला सिग्नलिंग सिस्टम में गड़बड़ी, मानवीय चूक या संचार विफलता से जुड़ा हो सकता है। हालांकि जांच पूरी होने तक किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।
इस हादसे के बाद इंडोनेशिया में रेल सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। देश में तेजी से बढ़ते शहरीकरण और यात्रियों की संख्या में वृद्धि के बीच रेलवे नेटवर्क पर दबाव लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में सुरक्षा मानकों को मजबूत करने की मांग तेज हो सकती है।
फिलहाल राहत दल मलबे में फंसे अन्य संभावित यात्रियों की तलाश में जुटे हैं। प्रशासन ने आम लोगों से दुर्घटनास्थल से दूर रहने और अफवाहों से बचने की अपील की है। पूरे देश की नजर अब जांच रिपोर्ट और घायलों के स्वास्थ्य पर टिकी हुई है।