Claims of US attacks on Iran have heightened tensions in West Asia.
तेहरान
पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव गहराता दिखाई दे रहा है। कतर स्थित समाचार नेटवर्क अल जज़ीरा की एक रिपोर्ट के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बढ़ते विवाद के बीच अमेरिका ने ईरान में कई ठिकानों पर रातभर सिलसिलेवार हमले किए हैं। हालांकि इन दावों पर ईरानी सरकार की ओर से तत्काल विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक, इन हमलों का मुख्य लक्ष्य उन सैन्य ठिकानों को बताया गया है, जिन्हें अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही को प्रभावित करने वाली गतिविधियों से जुड़ा मानता है। अमेरिकी केंद्रीय कमान यानी सेंटकॉम के हवाले से कहा गया है कि कार्रवाई में तटरक्षक अड्डों, सैन्य आश्रयों और अन्य रणनीतिक प्रतिष्ठानों को निशाना बनाया गया।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में शामिल है। वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस की बड़ी मात्रा इसी रास्ते से होकर गुजरती है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी सैन्य गतिविधि का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार और वैश्विक व्यापार पर पड़ सकता है।
अल जज़ीरा की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने हमलों की पुष्टि की है। रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के भीतर एक परमाणु सुविधा को निशाना बनाने के विकल्प पर विचार कर रहा है। हालांकि इस संबंध में स्वतंत्र स्रोतों से पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
उधर, ईरान की अर्ध सरकारी मेहर समाचार एजेंसी के अनुसार, स्थानीय समयानुसार तड़के करीब 3 बजकर 10 मिनट पर दक्षिणी शहर बुशहर में जोरदार विस्फोट की आवाज सुनी गई। घटना के बाद क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई, लेकिन तत्काल यह स्पष्ट नहीं हो सका कि विस्फोट का कारण क्या था।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि दक्षिण पश्चिमी प्रांत खुज़ेस्तान के ओमिडिया शहर में एक मिसाइल हमले की सूचना मिली है। स्थानीय अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि इस घटना में कम से कम चार लोग घायल हुए। हालांकि घायलों की स्थिति और नुकसान का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है।
इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तेज होने के संकेत मिले हैं। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इस रणनीतिक समुद्री मार्ग पर अपनी नाकाबंदी संबंधी नीति को फिर लागू करने की घोषणा की है। अमेरिकी पक्ष का कहना है कि क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त सुरक्षा उपाय किए जाएंगे।
रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया मंच ट्रुथ सोशल पर कहा कि अमेरिका होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में प्रमुख भूमिका निभाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस समुद्री मार्ग से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों पर 20 प्रतिशत शुल्क लगाने की योजना है, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पर आने वाले खर्च को पूरा किया जा सके। इस दावे पर भी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
विश्लेषकों का मानना है कि यदि होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर तनाव और बढ़ता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा। कच्चे तेल की आपूर्ति, वैश्विक शिपिंग, बीमा लागत और अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों पर भी इसका व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
दुनिया की निगाहें अब इस घटनाक्रम पर टिकी हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय उम्मीद कर रहा है कि बढ़ते तनाव के बीच सभी पक्ष संयम बरतेंगे और कूटनीतिक समाधान की दिशा में आगे बढ़ेंगे, ताकि क्षेत्र में व्यापक सैन्य टकराव की आशंका को टाला जा सके।