मलिक असगर हाशमी, नई दिल्ली
हज 2026की शुरुआत के साथ ही सोशल मीडिया पर एक खास तरह का माहौल बनाने की कोशिश शुरू हो गई थी। कुछ लोगों ने मक्का और मदीना में भारतीय हाजियों के लिए किए गए इंतजामों को लेकर सवाल उठाने शुरू कर दिए थे। होटल के कमरों के वीडियो वायरल किए गए। कई तस्वीरें साझा की गईं। ऐसे दावे किए गए मानो भारतीय हाजियों को इस बार भारी मुश्किलों का सामना करना पड़ेगा। कुछ लोगों ने तो यहां तक कहना शुरू कर दिया था कि सऊदी अरब की भीषण गर्मी में भारतीय हाजियों की बड़ी संख्या प्रभावित होगी और हज प्रबंधन की पोल खुल जाएगी।
मगर हज का मुख्य चरण पूरा होते ही तस्वीर बिल्कुल उलट दिखाई दे रही है। जिन लोगों ने आशंकाओं और अफवाहों का बाजार गर्म किया था, उनके दावे अब खुद ही सवालों के घेरे में खड़े हैं। हकीकत यह है कि इस साल भीषण गर्मी के बावजूद भारतीय हाजियों के लिए हज यात्रा बेहद शांतिपूर्ण और व्यवस्थित रही। सबसे बड़ी बात यह है कि अब तक किसी भारतीय हाजी की अप्रत्याशित मृत्यु की कोई सूचना सामने नहीं आई है। वहीं भारत को हज प्रबंधन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए दो प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय सम्मान भी प्राप्त हुए हैं।

इस वर्ष हज के दौरान मक्का और आसपास के इलाकों में तापमान कई बार 50डिग्री सेल्सियस के करीब पहुंच गया। मौसम विशेषज्ञों ने लगातार हीट वेव को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद भारतीय हाजियों के लिए व्यवस्थाएं सुचारु रहीं। आवास, परिवहन, चिकित्सा सहायता और सूचना तंत्र ने पूरी यात्रा को आसान बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
भारत की इस उपलब्धि को सऊदी अरब ने भी औपचारिक रूप से स्वीकार किया है। पहली बार भारतीय हज मिशन को सऊदी अरब के हज एवं उमराह मंत्रालय की ओर से दो प्रतिष्ठित "लब्बैतुम अवार्ड" प्रदान किए गए हैं। ये सम्मान हज समन्वय और प्रभावी संचार व्यवस्था के लिए दिए गए हैं।
भारतीय हज मिशन की इस सफलता पर भारतीय अधिकारियों ने कहा कि यह उपलब्धि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, हज कमेटी ऑफ इंडिया, सऊदी अरब स्थित भारतीय दूतावास और जेद्दा स्थित भारतीय वाणिज्य दूतावास के बीच बेहतर तालमेल का परिणाम है। करीब एक लाख पचहत्तर हजार भारतीय हाजियों को सुरक्षित, सुविधाजनक और आध्यात्मिक रूप से संतोषजनक यात्रा उपलब्ध कराने में इन संस्थाओं ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
Consul General Shri Fahad Suri @CGIJeddah, along with Consul Haj Ms. Sadaf Choudhary, participated in the Khitamahu Misk ceremony organized by the Saudi Haj Ministry @HajMinistry, marking the successful conclusion of Haj-2026 season and celebrating excellence in pilgrim services.… pic.twitter.com/BLY5AOpgT3
— India in Jeddah (@CGIJeddah) May 30, 2026
जेद्दा में आयोजित "खितामुहू मिस्क" समारोह में भारत को यह सम्मान प्रदान किया गया। इस समारोह का आयोजन सऊदी हज मंत्रालय ने हज 2026के सफल समापन के अवसर पर किया था। भारतीय अधिकारियों ने इसे भारतीय हज इतिहास की महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया है।
यह सम्मान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि हज शुरू होने से पहले सोशल मीडिया पर भारतीय व्यवस्थाओं को लेकर लगातार नकारात्मक अभियान चलाया गया था। अब वही अभियान वास्तविक आंकड़ों और उपलब्धियों के सामने कमजोर पड़ता दिखाई दे रहा है।
Proud to share that the Indian Haj Mission has, for the first time, received two prestigious Labbaytum Awards from the Saudi Ministry of Hajj and Umrah for excellence in Haj coordination & communication.
— Kiren Rijiju (@KirenRijiju) May 30, 2026
The successful conduct of the core phase of Haj 2026 reflects the seamless… https://t.co/tHAIKJXFgl
दूसरी तरफ कई देशों को इस बार चुनौतियों का सामना करना पड़ा। बांग्लादेश के धार्मिक मामलों के मंत्रालय ने पुष्टि की है कि हज 2026के दौरान उसके 41नागरिकों की मृत्यु हुई है। इनमें 27पुरुष और 14महिलाएं शामिल हैं। मंत्रालय के अनुसार अधिकांश मौतें प्राकृतिक कारणों, हृदय संबंधी समस्याओं और उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य जटिलताओं के कारण हुईं।
अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों के अनुसार इस वर्ष दुनिया भर से लगभग 17लाख श्रद्धालुओं ने हज किया। इतनी बड़ी संख्या में लोगों का सीमित समय के भीतर एकत्र होना किसी भी प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती होती है। खासकर तब जब बड़ी संख्या में बुजुर्ग और पहले से बीमार लोग यात्रा में शामिल हों।
विशेषज्ञ बताते हैं कि हज यात्रा में शामिल होने वाले लाखों लोगों में बड़ी संख्या वरिष्ठ नागरिकों की होती है। इनमें कई लोग मधुमेह, उच्च रक्तचाप, हृदय रोग और श्वसन संबंधी समस्याओं से पीड़ित रहते हैं। कठिन मौसम और लंबी पैदल यात्रा उनके लिए अतिरिक्त चुनौती बन जाती है। ऐसे में स्वास्थ्य प्रबंधन की भूमिका और अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
सऊदी अरब ने इस बार हाजियों की सुरक्षा के लिए आधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया। उच्च जोखिम वाले बुजुर्ग यात्रियों की निगरानी के लिए स्मार्ट वॉच का उपयोग किया गया। चिकित्सा सेवाओं में मेडिकल रोबोट तैनात किए गए। मुख्य मार्गों पर हजारों ऑटोमेटेड मिस्टिंग टावर लगाए गए, जो लगातार ठंडी फुहार छोड़ते रहे। इससे तापमान के प्रभाव को कम करने में मदद मिली।
کاش 2026 وہ سال ہو جس میں ہمیں دیدارِ کعبہ اور زیارت مدینہ شریف نصیب ہو اور اسی جگہ سجدہ کرنے کی سعادت ملے۔ آمین ثم آمین
— حَرَمَيْنُ الشَّرِيفَيْن (@HS0fficial) May 21, 2026
Hajj 2026 🕋🤍 pic.twitter.com/k0zzvS6j2I
भीड़ प्रबंधन के लिए डिजिटल तकनीक और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित निगरानी व्यवस्था का भी इस्तेमाल किया गया। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल हेल्थ ट्रैकिंग और समय पर चिकित्सा सहायता ने इस बार संभावित जोखिमों को काफी हद तक कम कर दिया।
अगर पिछले वर्षों से तुलना करें तो तस्वीर और भी स्पष्ट हो जाती है। वर्ष 2015में हज के दौरान भीड़ प्रबंधन से जुड़ी बड़ी त्रासदी सामने आई थी। वहीं 2024में रिकॉर्ड तोड़ गर्मी ने पूरी दुनिया का ध्यान खींचा था। इसके मुकाबले 2026का हज अधिक सुरक्षित, संगठित और तकनीकी रूप से सक्षम दिखाई देता है।

सऊदी स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी पुष्टि की है कि पूरे हज सीजन के दौरान किसी महामारी या संक्रामक बीमारी का कोई बड़ा प्रकोप सामने नहीं आया। न ही किसी बड़े हादसे या भगदड़ की घटना की सूचना मिली। यह उपलब्धि आधुनिक प्रबंधन और स्वास्थ्य सुरक्षा उपायों की सफलता को दर्शाती है।
भारत के लिए यह सफलता केवल पुरस्कारों तक सीमित नहीं है। यह उस मेहनत की पहचान भी है जो हजारों अधिकारी, कर्मचारी, स्वयंसेवक और चिकित्सा कर्मी हाजियों की सेवा में लगाते हैं। भारतीय हाजियों को समय पर जानकारी उपलब्ध कराना, आपातकालीन सहायता पहुंचाना और हर स्तर पर सहयोग देना इस सफलता की महत्वपूर्ण कड़ी रहा।
🇲🇦🇸🇦 Hajj 2026: Tanger célèbre le retour de ses premiers pèlerins dans une ambiance empreinte de spiritualité pic.twitter.com/f6TCwXOhqC
— Le360 (@Le360fr) June 1, 2026
हज 2026 ने एक बार फिर साबित किया है कि जब बेहतर योजना, तकनीक और मानवीय संवेदनशीलता साथ मिलकर काम करते हैं तो दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में भी उत्कृष्ट परिणाम हासिल किए जा सकते हैं। भारत को मिले दो अंतरराष्ट्रीय सम्मान केवल एक पुरस्कार नहीं बल्कि उस भरोसे की पुष्टि हैं जो भारतीय हज मिशन ने लाखों तीर्थयात्रियों के बीच कायम किया है।
आज जब हजारों भारतीय हाजी अपनी पवित्र यात्रा पूरी करके स्वदेश लौट रहे हैं, तब उनके अनुभव और उपलब्ध आंकड़े यह संदेश दे रहे हैं कि हज 2026 भारतीय हज प्रबंधन के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और सफल अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।