हज प्रबंधन में भारत बना मिसाल, मिले दो अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  onikamaheshwari | Date 03-06-2026
India Wins Two International 'Labbaikum' Awards at Hajj 2026
India Wins Two International 'Labbaikum' Awards at Hajj 2026

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

सऊदी अरब में संपन्न हुए हज 2026 के दौरान भारत को उसकी उत्कृष्ट तीर्थ यात्री व्यवस्था, बेहतर समन्वय और प्रभावी संचार प्रणाली के लिए दो महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए हैं। यह उपलब्धि भारतीय हज मिशन के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है, जिसमें इस वर्ष 17 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इस्लाम के सबसे पवित्र धार्मिक कर्तव्यों में से एक हज अदा किया।

भारत सरकार के अल्पसंख्यक कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने जानकारी दी कि भारतीय हज मिशन को पहली बार सऊदी अरब के मंत्रालय ऑफ हज एंड उमराह द्वारा दो प्रतिष्ठित “लब्बैतुम अवॉर्ड्स” से सम्मानित किया गया है। ये पुरस्कार हज के दौरान बेहतरीन समन्वय व्यवस्था और तीर्थयात्रियों के साथ प्रभावी संवाद स्थापित करने के लिए दिए गए हैं।

किरण रिजिजू ने सोशल मीडिया पर साझा बयान में कहा कि इस वर्ष हज के मुख्य चरण का सफलतापूर्वक संपन्न होना भारत के अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय, भारतीय हज समिति और भारतीय हज मिशन के बीच उत्कृष्ट तालमेल और सहयोग का परिणाम है। उन्होंने कहा कि इस पूरे अभियान का नेतृत्व सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहैल एजाज खान और जेद्दा में भारत के महावाणिज्य दूत फहद अहमद खान सूरी ने किया।

मंत्री ने इस उपलब्धि पर सभी संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को बधाई देते हुए सऊदी अरब सरकार का भी आभार व्यक्त किया, जिन्होंने तीर्थयात्रियों के लिए बेहतर व्यवस्थाएं और लगातार सहयोग प्रदान किया। उन्होंने कहा कि यह पुरस्कार भारतीय हज मिशन की सेवाओं और तीर्थयात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करने के निरंतर प्रयासों की अंतरराष्ट्रीय मान्यता है।

किरण रिजिजू ने यह भी बताया कि इस वर्ष मंत्रालय का विशेष ध्यान इस बात पर था कि किसी भी भारतीय तीर्थयात्री की गर्मी या थकान के कारण मृत्यु न हो और इसके लिए विशेष प्रबंध किए गए थे। उन्होंने पहले भी एक पॉडकास्ट में कहा था कि सरकार का उद्देश्य हज यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना है।

इसी बीच, सऊदी आयोजकों द्वारा तुर्की को “मोस्ट सक्सेसफुल हज ऑर्गनाइजेशन” का पुरस्कार दिया गया है।भारत की यह उपलब्धि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर तीर्थ प्रबंधन और सहयोग की दिशा में एक महत्वपूर्ण मान्यता के रूप में देखी जा रही है, जिससे भविष्य में हज व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी बनाने की उम्मीद जताई जा रही है।