आवाज द वाॅयस नई दिल्ली/रियाद
भारत और सऊदी अरब के बीच आर्थिक और व्यापारिक संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। दोनों देशों के बीच बढ़ते निवेश, औद्योगिक सहयोग और व्यापारिक साझेदारी को और मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के तहत भारतीय उद्योग जगत का एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल सऊदी अरब पहुंचा। इस दौरे का उद्देश्य दोनों देशों के बीच आर्थिक सहयोग के नए अवसर तलाशना और व्यापारिक संबंधों को और व्यापक बनाना है।
सऊदी अरब में भारत के राजदूत डॉ. सुहेल खान ने भारतीय प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इस प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व केपी ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक डॉ. फारूक पटेल कर रहे हैं। उनके साथ हिलाल ईएसजी लिमिटेड के मुख्य सलाहकार जफर सरेशवाला भी मौजूद हैं। प्रतिनिधिमंडल की इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य सऊदी अरब में निवेश, ऊर्जा, हरित प्रौद्योगिकी और अन्य आर्थिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं का पता लगाना है।

भारतीय दूतावास ने साझा की जानकारी
रियाद स्थित भारतीय दूतावास ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया मंच पर इस मुलाकात की जानकारी साझा करते हुए बताया कि राजदूत डॉ. सुहेल खान ने भारतीय उद्योगपतियों के प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की। इस दौरान दोनों देशों के बीच तेजी से मजबूत हो रहे आर्थिक संबंधों और व्यापारिक सहयोग की संभावनाओं पर विस्तृत चर्चा हुई।
दूतावास के अनुसार, इस बैठक में बिजनेस-टू-बिजनेस (B2B) साझेदारी, निवेश सहयोग और दीर्घकालिक आर्थिक संबंधों को नई गति देने पर विशेष जोर दिया गया। दोनों पक्षों ने इस बात पर सहमति जताई कि भारत और सऊदी अरब के निजी क्षेत्र के बीच बढ़ता सहयोग भविष्य में दोनों अर्थव्यवस्थाओं के लिए लाभदायक साबित होगा।
India 🇮🇳 Saudi Arabia 🇸🇦 Economic Cooperation is at all time best https://t.co/IIWJWp1bkW
— zafar sareshwala 🇮🇳 (@zafarsareshwala) July 21, 2026
जफर सरेशवाला बोले,अब तक के सबसे बेहतर आर्थिक संबंध
उद्योगपति और हिलाल ईएसजी लिमिटेड के मुख्य सलाहकार जफर सरेशवाला ने भी इस यात्रा को बेहद महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा कि भारत और सऊदी अरब के बीच आर्थिक सहयोग आज अपने सर्वोच्च स्तर पर है।
उनका यह बयान दोनों देशों के बीच लगातार बढ़ रही रणनीतिक और आर्थिक साझेदारी का संकेत माना जा रहा है। हाल के वर्षों में दोनों देशों ने ऊर्जा, बुनियादी ढांचा, हरित ऊर्जा, डिजिटल तकनीक, लॉजिस्टिक्स, खाद्य सुरक्षा और विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग को नई दिशा दी है।
केपी ग्रुप की भूमिका पर भी चर्चा
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे डॉ. फारूक पटेल भारत की अग्रणी कंपनी केपी ग्रुप ऑफ कंपनीज के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक हैं। कंपनी विशेष रूप से नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy), सौर ऊर्जा, हरित हाइड्रोजन और सतत विकास परियोजनाओं में सक्रिय है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सऊदी अरब भी अपने 'विजन 2030' कार्यक्रम के तहत ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने और हरित अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देने पर काम कर रहा है। ऐसे में भारतीय कंपनियों के लिए वहां निवेश और साझेदारी के बड़े अवसर मौजूद हैं।
हरित ऊर्जा और ESG पर रहेगा फोकस
प्रतिनिधिमंडल की इस यात्रा में ESG (Environmental, Social and Governance) यानी पर्यावरण, सामाजिक उत्तरदायित्व और सुशासन आधारित निवेश मॉडल पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हिलाल ईएसजी लिमिटेड इसी क्षेत्र में काम करती है और दोनों देशों के बीच सतत विकास आधारित निवेश को बढ़ावा देने की दिशा में प्रयासरत है।हरित ऊर्जा, स्वच्छ तकनीक और पर्यावरण-अनुकूल परियोजनाएं आने वाले वर्षों में भारत और सऊदी अरब के सहयोग का प्रमुख आधार बन सकती हैं।
भारत-सऊदी संबंधों को मिल रही नई मजबूती
भारत और सऊदी अरब के संबंध पिछले कुछ वर्षों में केवल तेल और ऊर्जा व्यापार तक सीमित नहीं रहे हैं। अब दोनों देश रक्षा, निवेश, डिजिटल अर्थव्यवस्था, स्टार्टअप, फिनटेक, खाद्य सुरक्षा, स्वास्थ्य, पर्यटन और आधारभूत ढांचे जैसे अनेक क्षेत्रों में साझेदारी को लगातार विस्तार दे रहे हैं।
दोनों देशों के शीर्ष नेतृत्व के बीच नियमित वार्ताओं और भारत-सऊदी रणनीतिक साझेदारी परिषद (Strategic Partnership Council) की बैठकों ने द्विपक्षीय संबंधों को नई गति दी है। अब निजी क्षेत्र की सक्रिय भागीदारी इस सहयोग को और मजबूत बना रही है।
व्यापार और निवेश के नए अवसर
इस प्रतिनिधिमंडल की यात्रा से भारतीय और सऊदी कंपनियों के बीच नए संयुक्त उपक्रमों (Joint Ventures), निवेश समझौतों और तकनीकी सहयोग के अवसर खुलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों का मानना है कि बिजनेस-टू-बिजनेस साझेदारी बढ़ने से दोनों देशों में रोजगार, निवेश और तकनीकी नवाचार को भी बढ़ावा मिलेगा।
भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है, जबकि सऊदी अरब पश्चिम एशिया की सबसे प्रभावशाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है। ऐसे में दोनों देशों के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग न केवल द्विपक्षीय व्यापार को नई ऊंचाइयों तक ले जाएगा, बल्कि क्षेत्रीय आर्थिक स्थिरता और वैश्विक निवेश के नए अवसर भी पैदा करेगा।
भारतीय उद्योग जगत के इस प्रतिनिधिमंडल की सऊदी यात्रा को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इससे यह संकेत मिलता है कि भारत और सऊदी अरब आने वाले वर्षों में आर्थिक, औद्योगिक और निवेश साझेदारी को और अधिक व्यापक तथा मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।