आवाज द वाॅयस/बरेली
महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में काम करने वाली नई दिल्ली की गैर-सरकारी संस्था 'आवाज़-ए-खवातीन' ने बुधवार को बरेली स्थित इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में अपने महिला व्यक्तित्व विकास और कौशल संवर्धन पहल-'निखार' (Nurture, Inspire, Know, Hone, Aspire, Achieve, Rise) का आयोजन किया। इस कार्यक्रम के जरिए महिला सशक्तिकरण के एक बेहद महत्वपूर्ण पहलू पर ध्यान केंद्रित किया गया, जो है: खुद को पहचानने का आत्मविश्वास, स्थापित मान्यताओं पर सवाल उठाने का साहस और जीवनभर सीखते रहने की ललक।
'एडूविज़न' की निदेशक उज़मा क़मर के नेतृत्व में आयोजित इस सत्र में व्यक्तित्व विकास, आत्म-जागरूकता और तेजी से बदलती दुनिया में महिलाओं को सशक्त बनाने वाले कौशलों के महत्व पर चर्चा की गई। इस अवसर पर विद्यालय की प्रधानाचार्या चमन जहां विशेष रूप से उपस्थित रहीं और उन्होंने महिलाओं के सर्वांगीण विकास एवं शिक्षा को केंद्र में रखने वाली इस पहल का पूर्ण समर्थन किया।
व्यक्तिगत विकास और कौशल संवर्धन के एक मंच के रूप में तैयार की गई 'निखार' पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में आत्मविश्वास जगाना, संवाद क्षमता (कम्युनिकेशन) को मजबूत करना, नेतृत्व क्षमताओं को विकसित करना और उनकी छिपी प्रतिभा व क्षमताओं की पहचान कराना है।
इस पहल के मूल में यह सरल विश्वास निहित है कि प्रगति केवल नए कौशल सीखने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन डरों, पुरानी धारणाओं और सीमाओं को छोड़ना भी है जो अक्सर लोगों को आगे बढ़ने से रोकती हैं।
इस पहल के पीछे की सोच पर प्रकाश डालते हुए 'आवाज़-ए-खवातीन' की संयोजिका शारिक़ा मलिक ने कहा, "बदलाव ही एकमात्र निरंतर रहने वाली सच्चाई है, लेकिन बदलाव को स्वीकार करना हमेशा आसान नहीं होता।
आवाज़-ए-खवातीन के कार्यक्रम में शामिल छात्राएं
कभी-कभी हम जैसा बनना चाहते हैं, वैसा बनने की दिशा में पहला कदम उन चीज़ों को भूलना या छोड़ना होता है जो हमें बचपन से सिखाई गई हैं। हमें पुरानी धारणाओं पर सवाल उठाने, हमें पीछे खींचने वाली बातों को छोड़ने और नई सीख के लिए जगह बनाने के लिए तैयार रहना होगा।
विकास तब शुरू होता है जब हम खुद को दुनिया को एक नए नज़रिए से देखने की अनुमति देते हैं और ऐसा करके अपने भीतर नई संभावनाओं की खोज करते हैं। 'निखार' के माध्यम से, हमारी उम्मीद महिलाओं के लिए एक ऐसा स्थान बनाने की है जहाँ वे सीख सकें, सवाल पूछ सकें, खुद को व्यक्त कर सकें और पूरे आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें।"
यह पहल महिला सशक्तिकरण के प्रति 'आवाज़-ए-खवातीन' के उस दृष्टिकोण को दर्शाती है जो इसे केवल अवसरों तक पहुँच प्रदान करने से इतर एक सतत प्रक्रिया मानता है। संस्था ऐसे माहौल के निर्माण पर जोर देती है जहाँ महिलाएं अपनी क्षमताओं को निखार सकें, अपनी आवाज़ उठा सकें और अपनी ज़िंदगी से जुड़े फैसले खुद लेने के लिए सशक्त महसूस कर सकें।
इस प्रक्रिया में शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका बेहद अहम है, क्योंकि वे युवा महिलाओं को अपनी ताक़त पहचानने, अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने और भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार होने का अवसर प्रदान करते हैं।
इस्लामिया गर्ल्स इंटर कॉलेज में 'निखार' का आयोजन करके, 'आवाज़-ए-खवातीन' का उद्देश्य इन महत्वपूर्ण संवादों को ऐसे स्थानों तक ले जाना है जहाँ शिक्षा न केवल करियर की महत्वाकांक्षाओं को आकार दे, बल्कि व्यक्तिगत आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को भी बढ़ाए।
'आवाज़-ए-खवातीन' के लिए 'निखार' शिक्षा, जागरूकता और कौशल निर्माण के माध्यम से महिलाओं के विकास को अधिक सुलभ और सार्थक बनाने के एक व्यापक प्रयास का हिस्सा है। यह पहल प्रतिभागियों को यह याद दिलाने का प्रयास करती है कि अधिक आत्मविश्वासी बनने का मतलब यह नहीं है कि आपके पास हर सवाल का जवाब हो; इसकी शुरुआत सवाल पूछने की इच्छा, सीखने को अपनाने और खुद को बदलने की आज़ादी देने से होती है।क्योंकि कभी-कभी, सबसे सार्थक बदलाव कुछ नया सीखने से नहीं, बल्कि उसके लिए अपने भीतर जगह बनाने से शुरू होता है।