संघर्ष से Guinness World Records तक : कुछ ऐसी है डॉ. प्रिया आहूजा की कहानी

Story by  अर्सला खान | Published by  [email protected] | Date 05-04-2026
From Struggle to Guinness World Records: Such is the Story of Dr. Priya Ahuja
From Struggle to Guinness World Records: Such is the Story of Dr. Priya Ahuja

 

अर्सला खान/नई दिल्ली 

हरिद्वार की गलियों में अब सिर्फ आस्था की गूंज ही नहीं, बल्कि आत्मविश्वास की एक नई धुन भी सुनाई देती है। इस बदलाव के केंद्र में हैं Dr. Priya Ahuja, जिन्होंने फिटनेस को सिर्फ शरीर तक सीमित न रखकर उसे एक जीवनशैली का रूप दिया है। उनकी पहल Karma Wellness Center आज उन महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और प्रेरणादायक स्थान बन चुकी है, जो अपने स्वास्थ्य और आत्मबल को नए सिरे से गढ़ना चाहती हैं।

हरिद्वार के कंकाल क्षेत्र में स्थित यह सेंटर पहली नजर में एक साधारण फिटनेस स्टूडियो लगता है, लेकिन जैसे ही आप अंदर कदम रखते हैं, माहौल अलग महसूस होता है। यहां न कोई दिखावा है, न ही प्रतिस्पर्धा का दबाव। यहां सिर्फ खुद को बेहतर बनाने की चाह है। दीवारों पर लगे प्रेरक वाक्य, हल्की संगीत की धुन और ट्रेनिंग में जुटी महिलाएं इस जगह को जीवंत बना देती हैं।
 
वो कहती हैं, जिंदगी हमें वही सिखाती है, जिसे हम टालते रहते हैं। “वो कहते हैं ना, जिंदगी में हमें कोई भी ख्याल तब आता है, जब हम खुद किसी घटना से गुजरे होते हैं।” जब उन्होंने मां बनने की राह में मुश्किलों का सामना किया, तब एक खालीपन ने उन्हें घेर लिया। यह सिर्फ एक व्यक्तिगत दर्द नहीं था, यह एक ऐसा सवाल था, जो हर दिन उनके भीतर गूंजता था।
 
लेकिन यही वो मोड़ था, जहां उन्होंने हार मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने अपने दर्द को कमजोरी नहीं बनने दिया। उसे ताकत में बदला। उन्होंने फिटनेस को चुना। धीरे धीरे यह चुनाव एक आदत बना, फिर जुनून और फिर उनकी पहचान। शरीर के साथ साथ उन्होंने अपने मन को भी साधना शुरू किया। योग उनके लिए सिर्फ आसन नहीं रहा, बल्कि एक साधना बन गया। आज वही Dr. Priya Ahuja दो बेटों की मां हैं। उनकी मुस्कान में एक सुकून है। जैसे हर संघर्ष ने उन्हें कुछ सिखाया हो। जैसे हर आंसू ने उन्हें मजबूत बनाया हो।
 
डॉ. प्रिया आहूजा का सफर भी किसी प्रेरक कहानी से कम नहीं है। एक प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट होने के साथ साथ उन्होंने योग में मास्टर डिग्री हासिल की है। उन्होंने अपने ज्ञान और अनुभव को मिलाकर एक ऐसा प्लेटफॉर्म तैयार किया, जहां शरीर और मन दोनों को संतुलन मिल सके। उनका मानना है कि फिटनेस सिर्फ वजन घटाने का साधन नहीं, बल्कि आत्मसम्मान और मानसिक मजबूती का जरिया है।
 
वो कहती हैं कि जिंदगी में कई बार ऐसे मोड़ आते हैं, जो इंसान को भीतर तक बदल देते हैं। “वो कहते हैं ना, जिंदगी में हमें कोई भी ख्याल तब आता है, जब हम खुद किसी घटना से गुजरे होते हैं।” Dr. Priya Ahuja ने ‘आवाज द वॉयस’ से बातचीत में बताया कि जब वह मां बनने में कठिनाई का सामना कर रही थीं, तब उन्होंने हार मानने के बजाय फिटनेस को अपना सहारा बनाया। यह फैसला उनके जीवन का सबसे बड़ा मोड़ साबित हुआ। उन्होंने खुद को शारीरिक और मानसिक रूप से मजबूत किया। और फिर समय ने करवट ली। आज वह दो बेटों की मां हैं। उनके चेहरे की मुस्कान इस बात की गवाही देती है कि संघर्ष कभी बेकार नहीं जाता।
 
साल 2022 में Guinness World Records में उनका नाम दर्ज हुआ, जब Dr. Priya Ahuja ने अष्टावक्रासन जैसे कठिन योगासन को लगातार साढ़े तीन मिनट तक होल्ड किया। यह उपलब्धि आसान नहीं थी। इसके पीछे सालों की मेहनत, अनुशासन और खुद पर भरोसा छुपा था। इस रिकॉर्ड ने न सिर्फ उन्हें पहचान दिलाई, बल्कि यह भी साबित किया कि अगर इरादा मजबूत हो, तो एक साधारण महिला भी असाधारण उपलब्धि हासिल कर सकती है।
 
उनकी सबसे बड़ी पहचान उनके उस विश्व रिकॉर्ड से भी जुड़ी है, जिसमें उन्होंने अष्टावक्रासन जैसे कठिन योगासन को लगातार साढ़े तीन मिनट तक बनाए रखा। यह उपलब्धि सिर्फ एक रिकॉर्ड नहीं, बल्कि उनकी मेहनत, अनुशासन और समर्पण की मिसाल है। इस उपलब्धि ने उन्हें देशभर में पहचान दिलाई और कई महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बना दिया।
 
कर्मा वेलनेस सेंटर की खासियत यह है कि यह पूरी तरह महिलाओं के लिए समर्पित है। यहां हर उम्र की महिलाएं आती हैं। कोई गृहिणी है, कोई छात्रा, तो कोई कामकाजी महिला। सभी की जरूरतें अलग हैं, लेकिन मकसद एक है। खुद को बेहतर बनाना। यहां CrossFit, योग, जुम्बा, स्पिनिंग, स्ट्रेंथ ट्रेनिंग, कार्डियो और रिफॉर्मर पिलाटीज जैसी कई तरह की कक्षाएं संचालित होती हैं। हर क्लास को इस तरह डिजाइन किया गया है कि वह शरीर के साथ साथ मन को भी ऊर्जा दे। उनकी अपनी मेहनत भी किसी से कम नहीं है। उन्होंने अष्टावक्रासन जैसे कठिन योगासन को साढ़े तीन मिनट तक करके विश्व और भारत स्तर पर रिकॉर्ड बनाया है। यह उनकी कड़ी मेहनत और लगन का परिणाम है।
 
हरिद्वार जैसे शहर में महिलाओं के लिए एक सुरक्षित फिटनेस सेंटर बनाना आसान नहीं था। लेकिन उन्होंने यह कर दिखाया। आज उनका सेंटर कई महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुका है। यह कहानी हमें यह सिखाती है कि मुश्किल समय हमें तोड़ने नहीं, बल्कि मजबूत बनाने आता है। अगर हम हार न मानें, तो हर परेशानी को पार किया जा सकता है।
 
डॉ. प्रिया का तरीका अलग है। वह हर सदस्य को व्यक्तिगत रूप से समझने की कोशिश करती हैं। उनकी शारीरिक स्थिति, उनकी दिनचर्या और उनके लक्ष्य को ध्यान में रखकर ट्रेनिंग दी जाती है। यही कारण है कि यहां आने वाली महिलाएं न सिर्फ फिट होती हैं, बल्कि आत्मविश्वास से भी भर जाती हैं। कई महिलाएं ऐसी हैं, जिन्होंने यहां आकर अपनी जिंदगी में बड़ा बदलाव महसूस किया है।
 
हरिद्वार जैसे शहर में, जहां पारंपरिक सोच अब भी गहरी जड़ें रखती है, वहां महिलाओं के लिए एक सुरक्षित और सशक्त वातावरण बनाना आसान नहीं था। लेकिन डॉ. प्रिया ने यह कर दिखाया। उन्होंने यह साबित किया कि अगर इरादे मजबूत हों, तो हर चुनौती को अवसर में बदला जा सकता है।
 
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आज कर्मा वेलनेस सेंटर सिर्फ एक फिटनेस स्टूडियो नहीं, बल्कि एक आंदोलन बन चुका है। यह उन महिलाओं की कहानी कहता है, जिन्होंने खुद को समय देना सीखा। जिन्होंने अपने स्वास्थ्य को प्राथमिकता दी। और जिन्होंने यह समझा कि मजबूत शरीर के साथ साथ मजबूत मन भी जरूरी है। डॉ. प्रिया आहूजा की यह पहल आने वाले समय में और भी बड़ी भूमिका निभा सकती है। क्योंकि यह सिर्फ फिटनेस नहीं सिखाती, बल्कि आत्मनिर्भरता और आत्मविश्वास का पाठ भी पढ़ाती है। हरिद्वार की यह कहानी धीरे धीरे दूसरे शहरों तक भी पहुंचे, यही उम्मीद है।