अजमेर शरीफ से हाजी अली तक: स्केटिंग पर निकले दोस्त

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 04-04-2026
From Ajmer Sharif to Haji Ali: Friends Set Out on Skates
From Ajmer Sharif to Haji Ali: Friends Set Out on Skates

 

आवाज द वाॅयस / पटना

बिहार के चार जिगरी दोस्तों ने एक ऐसी कहानी लिख दी है जो आज के दौर में सुकून देने वाली है। मोतिहारी, छपरा, दरभंगा और बेगूसराय के ये चार नौजवान स्केटिंग करते हुए अजमेर शरीफ से मुंबई के हाजी अली की यात्रा पर निकले हैं। लगभग 2700 किलोमीटर का यह सफर सिर्फ पहियों पर नहीं बल्कि मोहब्बत के भरोसे तय हो रहा है।

छपरा के नौशाद अली, दरभंगा के मोहम्मद राजा, बेगूसराय के मोहम्मद इमरान और मोतिहारी के जुनैद ने जब यह सफर शुरू किया था तो उनके मन में कई सवाल थे। उन्हें अंदाजा नहीं था कि रास्ते में अनजान लोग उनके साथ कैसा व्यवहार करेंगे। लेकिन जैसे-जैसे पहिए घूमे और फासले कम हुए, उनके अनुभव बदलते चले गए। राजस्थान की तपती सड़कों पर जब ये लड़के हाथ में तिरंगा लेकर स्केटिंग करते हुए निकलते हैं तो लोग इन्हें देखने के लिए रुक जाते हैं।

सफर के दौरान एक सबसे खूबसूरत पल तब आया जब देश में राम नवमी मनाई जा रही थी। इन चारों लड़कों को लगा था कि शायद भीड़ की वजह से उन्हें दिक्कत होगी। लेकिन हुआ इसके बिल्कुल उलट। राम नवमी के जुलूस में शामिल लोगों ने जब इन स्केटर्स को देखा तो खुद रास्ता बनाया। लोगों ने उन्हें गले लगाया और बधाई दी। यह नजारा देखकर लड़के दंग रह गए।

उनमें से एक युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर करते हुए अपनी खुशी जाहिर की। उसने भावुक होकर कहा कि हमने सपने में भी नहीं सोचा था कि राम नवमी के दिन हमें अपने हिंदू भाइयों से इतना प्यार मिलेगा। हमारे बीच कोई जात-पात या धर्म की दीवार नहीं दिखी। हमें सिर्फ इंसानियत नजर आई। यह देखकर कलेजा गर्व से भर जाता है कि हमारा देश वाकई कितना खूबसूरत है।

किस्से यहीं खत्म नहीं होते। रास्ते में जब ये थककर रुकते हैं तो लोग बिना पूछे पानी और जूस लेकर आ जाते हैं। एक जगह तो कुछ लोग उन पर कोल्ड ड्रिंक की बौछार करने लगे ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके। लड़कों ने मुस्कुराते हुए कहा कि देखिए लोग हमें कितना प्यार दे रहे हैं।

एक और दिलचस्प वाकया हाईवे पर हुआ। पुलिस की एक वैन ने उन्हें रोका। ड्राइवर ने पूछा कि तुम लोग इतनी दूर कहां जा रहे हो? जब लड़कों ने बताया कि वे अजमेर शरीफ जा रहे हैं तो उस पुलिसकर्मी ने तुरंत अपना बटुआ निकाला। उसने 100 रुपये का नोट निकाला और लड़कों के हाथ में देते हुए कहा कि यह मेरी तरफ से दरगाह पर भेंट चढ़ा देना। यह छोटी सी रकम नहीं थी बल्कि एक गहरा विश्वास था जो एक इंसान दूसरे इंसान पर कर रहा था।

ये चारों लड़के पिछले तीन सालों से स्केटिंग की प्रैक्टिस कर रहे हैं। कमाल की बात यह है कि ये बचपन के दोस्त नहीं हैं। इनकी दोस्ती सोशल मीडिया के जरिए हुई थी। स्केटिंग के जुनून ने इन्हें करीब लाया और अब वे एक बड़े मकसद के साथ सड़क पर हैं। वे दुनिया को दिखाना चाहते हैं कि अगर इरादे नेक हों और दिल में नफरत न हो तो पूरा देश आपका स्वागत करता है।

नकी इस यात्रा में तिरंगा सबसे आगे रहता है। वे जहां भी जाते हैं लोग उनके साथ सेल्फी लेना चाहते हैं। बच्चे उनके पीछे दौड़ते हैं। बुजुर्ग उन्हें आशीर्वाद देते हैं। यह यात्रा सिर्फ एक धार्मिक तीर्थयात्रा नहीं रह गई है। यह भाईचारे की एक जीती-जागती मिसाल बन चुकी है।

आजकल जब हर तरफ मोबाइल और इंटरनेट पर कड़वाहट भरी बातें सुनने को मिलती हैं, तब इन लड़कों के वीडियो उम्मीद की किरण जैसे हैं। वे साबित कर रहे हैं कि जमीन पर हकीकत कुछ और ही है। आम आदमी आज भी एक-दूसरे की मदद करना चाहता है। उसे इससे फर्क नहीं पड़ता कि सामने वाले का नाम क्या है या वह किस खुदा को मानता है।

ये लड़के अब मुंबई की तरफ बढ़ रहे हैं। उनके पैरों में थकान हो सकती है लेकिन हौसला बहुत बड़ा है। वे कहते हैं कि इस सफर ने हमें बहुत कुछ सिखाया है। हमने जो प्यार सड़कों पर देखा है वह किसी भी किताब या भाषण से बहुत बड़ा है। भारत की असली खूबसूरती शहरों की चकाचौंध में नहीं बल्कि इन रास्तों पर मिलने वाले खुले दिल के लोगों में है।

मोतिहारी से लेकर मुंबई तक का यह सफर सदियों तक याद रखा जाएगा। यह कहानी उन सबके लिए एक जवाब है जो समाज में दरारें ढूंढते हैं। नौशाद, राजा, इमरान और जुनैद के स्केटिंग शूज के निशान शायद कुछ समय बाद सड़कों से मिट जाएं। लेकिन उन्होंने जो मोहब्बत और भाईचारे की लकीर खींची है वह लोगों के दिलों में हमेशा सलामत रहेगी।

यह यात्रा हमें याद दिलाती है कि हम सब एक हैं। हमारी मंजिलें भले अलग हों पर रास्ते एक ही मिट्टी से होकर गुजरते हैं। इन नौजवानों ने स्केटिंग के जरिए जो संदेश दिया है वह वाकई काबिले तारीफ है। उम्मीद है कि उनकी यह हिम्मत और लोगों के बीच मिला यह सम्मान आने वाली पीढ़ी के लिए एक मिसाल बनेगा। उनकी स्केटिंग जारी है और साथ ही जारी है भारत की एकता की यह शानदार कहानी।