हर भारतीय को सुनने चाहिए ये 10 देशभक्ति गीत

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 12-08-2026
Every Indian should listen to these 10 patriotic songs
Every Indian should listen to these 10 patriotic songs

 

अर्सला खान/नई दिल्ली

भारत की आज़ादी का जश्न सिर्फ़ तिरंगा फहराने और राष्ट्रगान गाने तक सीमित नहीं है। इस जश्न में संगीत की भी अपनी खास जगह है। दशकों से देशभक्ति के गीत लोगों के अंदर देश के लिए प्रेम, सैनिकों के प्रति सम्मान और एकता की भावना जगाते रहे हैं। हिंदी सिनेमा ने भी इस भावना को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभाई है।
 
आज भी स्वतंत्रता दिवस या गणतंत्र दिवस के मौके पर जब “ऐ मेरे वतन के लोगों”, “कर चले हम फ़िदा” या “माँ तुझे सलाम” जैसे गीत सुनाई देते हैं, तो माहौल में एक अलग ही भाव पैदा हो जाता है। ऐसे ही 10 गीतों की यह सूची अलग-अलग पीढ़ियों के देशप्रेम और यादों से जुड़ी हुई है।
 
1. ऐ मेरे वतन के लोगों

लता मंगेशकर की आवाज़ में यह गीत देशभक्ति संगीत के सबसे भावुक गीतों में गिना जाता है। कवि प्रदीप ने इसे 1962 के भारत-चीन युद्ध में शहीद हुए सैनिकों को श्रद्धांजलि के रूप में लिखा था और सी. रामचंद्र ने संगीत दिया। 27 जनवरी 1963 को दिल्ली के रामलीला मैदान में लता मंगेशकर ने इसे गाया था। इस प्रस्तुति से तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू भावुक हो गए थे।
 

यह गीत सिर्फ़ सैनिकों की कुर्बानी याद नहीं दिलाता, बल्कि यह भी सवाल करता है कि जिन लोगों ने देश के लिए जान दी, क्या हम उनके बलिदान को याद रखते हैं?
 
2. कर चले हम फ़िदा

फिल्म हकीकत का यह गीत सैनिक के त्याग और आने वाली पीढ़ी की जिम्मेदारी को सामने रखता है। मोहम्मद रफ़ी की आवाज़ ने इस गीत को अमर बना दिया। गीत में एक सैनिक की भावना है, जो देश के लिए अपना सब कुछ न्योछावर करने के बाद अपनी जिम्मेदारी अगली पीढ़ी को सौंपता है।
 

आज भी इसे सुनते हुए सैनिकों के साहस और बलिदान की तस्वीर आंखों के सामने आ जाती है।
 
3. मेरे देश की धरती

फिल्म उपकार का यह गीत भारतीय मिट्टी और किसान के सम्मान को केंद्र में रखता है। महेंद्र कपूर की आवाज़ में यह गीत देश की धरती, खेती और मेहनत की भावना को सलाम करता है। 1967 में आई फिल्म का यह गीत आज भी स्वतंत्रता दिवस की प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए है।
 

इसकी खासियत यह है कि इसमें देशभक्ति सिर्फ़ सीमा पर खड़े सैनिक तक सीमित नहीं, बल्कि खेत में मेहनत करने वाले किसान से भी जुड़ती है।
 
 
4. ऐ मेरे प्यारे वतन

फिल्म काबुलीवाला का यह गीत देश से दूर रहने वाले इंसान की अपने वतन के प्रति भावनाओं को दिखाता है। मन्ना डे की आवाज़ और गुलज़ार के शब्दों ने इस गीत को बेहद भावुक बना दिया।
 

यह गीत बताता है कि देश से दूर होने पर अपनी मिट्टी और घर की याद कितनी गहरी हो सकती है।
 
5. ये देश है वीर जवानों का

फिल्म नया दौर का यह गीत मोहम्मद रफ़ी और बलबीर ने गाया था। गीत भारत की विविधता, उत्साह और मेहनतकश लोगों की तस्वीर पेश करता है।
 

इस गीत की खासियत इसका जोश है। इसे सुनते ही देश के अलग-अलग हिस्सों में रहने वाले लोगों के बीच एकता और उत्सव की भावना महसूस होती है।
 
6. माँ तुझे सलाम

ए. आर. रहमान का “माँ तुझे सलाम” आधुनिक दौर के सबसे लोकप्रिय देशभक्ति गीतों में शामिल है। इसकी आवाज़ और संगीत में देश के प्रति गर्व और भावुकता दोनों दिखाई देती हैं। इसे राष्ट्रीय उपलब्धियों और बड़े मौकों पर भी खूब सुना जाता है।
 

इस गीत ने देशभक्ति को नई पीढ़ी की संगीत भाषा से जोड़ने में अहम भूमिका निभाई।
 
7. भारत हमको जान से प्यारा है

फिल्म रोज़ा का यह गीत देश की खूबसूरती और उसके प्रति लगाव को सामने रखता है। ए. आर. रहमान के संगीत और हरिहरन की आवाज़ ने इसे यादगार बनाया।
 

इस गीत में देशभक्ति सिर्फ़ युद्ध और बलिदान की कहानी नहीं है, बल्कि अपने देश की मिट्टी, संस्कृति और लोगों से प्रेम की भावना भी है।
 
8. दिल दिया है जान भी देंगे

फिल्म कर्मा का यह गीत देश के लिए समर्पण की भावना को सामने रखता है। गीत की पंक्तियां देश के प्रति पूरी निष्ठा और त्याग का भाव व्यक्त करती हैं।
 

यह उन देशभक्ति गीतों में से है जिन्हें सुनते ही 1980 के दशक के हिंदी सिनेमा की देशभक्ति वाली फिल्मों की याद आती है।
 
9. संदेसे आते हैं

फिल्म बॉर्डर का यह गीत सैनिकों की जिंदगी के एक बेहद भावुक पक्ष को दिखाता है। सीमा पर तैनात सैनिक सिर्फ़ देश की रक्षा नहीं करता, बल्कि अपने परिवार और घर से दूर रहने का दर्द भी सहता है।
 

गीत सैनिक और उसके परिवार के बीच की दूरी और भावनाओं को सामने लाता है। इसलिए यह सिर्फ़ देशभक्ति गीत नहीं, बल्कि सैनिकों के मानवीय पक्ष की कहानी भी बन जाता है।
 
10. तेरी मिट्टी

फिल्म केसरी का यह गीत नए दौर के उन गीतों में है, जिसने सैनिकों के बलिदान को भावुक तरीके से सामने रखा। इसकी लोकप्रियता ने यह साबित किया कि देशभक्ति के गीतों से आज की युवा पीढ़ी भी गहराई से जुड़ती है।
 

गीत में मिट्टी, मातृभूमि और सैनिक के बलिदान के बीच का रिश्ता दिखाई देता है।
 
देशभक्ति के गीत सिर्फ़ गीत नहीं

इन 10 गीतों को ध्यान से सुनें तो इनमें देशभक्ति के अलग-अलग रंग दिखाई देते हैं कहीं सैनिक का बलिदान है, कहीं किसान की मेहनत, कहीं वतन से दूर रहने का दर्द, तो कहीं भारत की विविधता और एकता।
 
यही वजह है कि इन गीतों की उम्र बढ़ती गई, लेकिन इनकी लोकप्रियता कम नहीं हुई। हिंदी सिनेमा के देशभक्ति गीतों ने कई पीढ़ियों को स्वतंत्रता, देश और बलिदान की कहानियों से जोड़ा है।
 
इस स्वतंत्रता दिवस, देशभक्ति को सिर्फ़ एक दिन का उत्सव न बनाएं। इन गीतों को सुनें, इनके पीछे छिपी कहानियों को समझें और उन लोगों को याद करें जिनके संघर्ष और बलिदान से हमें आज़ाद भारत मिला।