राष्ट्रमंडल खेल 2026: भारत ने झटके 10 पदक, चौथे दिन एथलीटों का जलवा

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 28-07-2026
Commonwealth Games 2026: India bags 10 medals; athletes display prowess on Day 4.
Commonwealth Games 2026: India bags 10 medals; athletes display prowess on Day 4.

 

आवाज द वाॅयस/ नई दिल्ली

ग्लासगो में चल रहे राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय एथलीटों का शानदार प्रदर्शन लगातार जारी है। प्रतियोगिता के चौथे दिन भारतीय दल ने अपने पदकों की संख्या चार से बढ़ाकर सीधी दस पहुंचा दी। इन खेलों में 122 भारतीय खिलाड़ी पदक की रेस में अपनी चुनौती पेश कर रहे हैं। इस समय भारत पदक तालिका में दो स्वर्ण, पांच रजत और तीन कांस्य पदक जीतकर 8वें स्थान पर बना हुआ है। वहीं ऑस्ट्रेलिया 26 स्वर्ण पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर कायम है।


प्रतियोगिता के चौथे दिन भारोत्तोलन और पैरा एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। महिला शॉट पुट F57 स्पर्धा में शर्मिला ढांकड़ ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए भारत को स्वर्ण पदक दिलाया। इसी स्पर्धा में भारत की शिल्पा के शायला ने कांस्य पदक अपने नाम किया। पुरुषों की ऊंची कूद में सर्वेश अनिल कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के खाते में रजत पदक जोड़ा।

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ग्लासगो के स्कॉटस्टौन स्टेडियम में महिलाओं की शॉट पुट F57 स्पर्धा में शर्मिला धनखड़ ने 9.81 मीटर का सर्वश्रेष्ठ थ्रो कर स्वर्ण पदक जीता

भारोत्तोलन में चला भारतीय खिलाड़ियों का सिक्का

भारोत्तोलन में भारतीय खिलाड़ियों ने एक बार फिर निराश नहीं किया। पुरुषों के 79 किग्रा वर्ग में वल्लुरी अजय बाबू ने शानदार प्रदर्शन कर रजत पदक जीता। महिला 53 किग्रा वर्ग में ज्ञानेश्वरी यादव ने देश के लिए रजत पदक हासिल किया। महिला 58 किग्रा वर्ग में बिंदयारानी देवी ने कड़े मुकाबले के बाद कांस्य पदक पर कब्जा जमाया।

इससे पहले मीराबाई चानू ने महिला 48 किग्रा वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर राष्ट्रमंडल खेलों में खिताबी हैट्रिक पूरी की थी। पुरुषों के 60 किग्रा वर्ग में ऋषिकांत सिंह ने नए रिकॉर्ड के साथ रजत पदक हासिल किया था। मुथुपंडी राजा ने पुरुषों के 65 किग्रा वर्ग में रजत पदक जीता था। पैरा पावरलिफ्टिंग में झंडू कुमार ने पुरुषों के हैवीवेट वर्ग में कांस्य जीतकर भारत का खाता खोला था।

बॉक्सिंग और एथलेटिक्स में मिला मिश्रित परिणाम

शर्मिला ने कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के शॉट पुट F57 इवेंट में 9.81 मीटर के अपने सीज़न के बेस्ट थ्रो के साथ गोल्ड मेडल जीता! इस शानदार प्रदर्शन के साथ, उन्होंने पैरा एथलेटिक्स में मेडल के लिए भारत के 20 साल के इंतज़ार को खत्म किया और पैरा एथलेटिक्स में देश की पहली कॉमनवेल्थ गेम्स गोल्ड मेडलिस्ट बनीं।ट्रैक और फील्ड इवेंट्स में भारत के लिए चौथा दिन मिला-जुला रहा। पुरुषों की लंबी कूद में मुरली श्रीशंकर ने 8.01 मीटर की छलांग लगाकर फाइनल में प्रवेश किया।

उनके साथ लोकेश सत्यानाथन भी 7.77 मीटर छलांग लगाकर फाइनल में पहुंच गए। बाधा दौड़ में तेजस शिरसे पुरुषों की 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल में जगह बनाने में सफल रहे। हालांकि फाइनल में वे अंतिम स्थान पर रहे।

पुरुषों की 100 मीटर रेस में गुरिंदरवीर सिंह बाहर हो गए। उन्होंने 10.39 सेकंड का समय निकाला जो सेमीफाइनल में पहुंचने के लिए काफी नहीं था। मुक्केबाजी के रिंग में भारतीय मुक्केबाजों का दबदबा दिखा। 60 किग्रा वर्ग में सचिन सिवाच ने इंग्लैंड के विलियम हेविट को हराया। 80 किग्रा में अंकुश ने और 51 किग्रा में साक्षी चौधरी ने अपने मुकाबले जीतकर अगले दौर में जगह बनाई।

तैराकी और अन्य खेलों का हाल

पैरा स्विमिंग में स्वातिक पाटिल ने पुरुषों की 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक SB9 के फाइनल में जगह बनाई और फाइनल में पांचवां स्थान हासिल किया। अनुभवी तैराक साजन प्रकाश 200 मीटर बटरफ्लाई के फाइनल में पहुंचे लेकिन अंतिम मुकाबले में आठवें स्थान पर रहे। आर्यन नेहरा 800 मीटर फ्रीस्टाइल के फाइनल में सातवें स्थान पर रहे।
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पुरुषों की हाई जंप स्पर्धा में सर्वेश कुशारे ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक हासिल किया

लवलीना बोरगोहेन को महिला 75 किग्रा वर्ग के क्वार्टर फाइनल में बाय मिलने के कारण उनका पदक पहले ही पक्का हो चुका है। अब उनकी नजर अपने पदक का रंग बदलकर स्वर्ण करने पर होगी। एथलेटिक्स में नीरज चोपड़ा के नेतृत्व में भारतीय दल से आने वाले दिनों में और पदकों की उम्मीद की जा रही है।

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का स्वर्णिम इतिहास

राष्ट्रमंडल खेलों में भारत का इतिहास बेहद गौरवशाली रहा है। 1934 में पहली बार भाग लेने के बाद से भारत अब तक 564 पदक जीत चुका है। सबसे ज्यादा पदक जीतने के मामले में भारत दुनिया में चौथे स्थान पर है। पिस्तौल निशानेबाज जसपाल राणा 15 पदकों के साथ भारत के सबसे सफल राष्ट्रमंडल खिलाड़ी रहे हैं।

भारत का सबसे श्रेष्ठ प्रदर्शन 2010 के नई दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों में रहा था। तब भारत ने 39 स्वर्ण सहित कुल 101 पदक जीतकर तालिका में दूसरा स्थान हासिल किया था। 2022 बर्मिंघम खेलों में भारत ने 61 पदक जीते थे। इस बार ग्लासगो में कई प्रमुख खेलों को हटाए जाने के बावजूद भारतीय एथलीट अपनी श्रेष्ठता साबित कर रहे हैं।