बकरीद 2026: ऑनलाइन बिक रहे लाखों के बकरे, घर बैठे हो रही खरीदारी

Story by  ओनिका माहेश्वरी | Published by  onikamaheshwari | Date 22-05-2026
Bakrid 2026: Goats Worth Lakhs Being Sold Online; Shopping Takes Place from the Comfort of Home
Bakrid 2026: Goats Worth Lakhs Being Sold Online; Shopping Takes Place from the Comfort of Home

 

ओनिका माहेश्वरी/ नई दिल्ली  

ईद-उल-अजहा यानी बकरा ईद इस्लाम धर्म का एक बेहद महत्वपूर्ण और पवित्र त्योहार माना जाता है। मुस्लिम समुदाय इस पर्व का पूरे साल बेसब्री से इंतजार करता है। वर्ष 2026 में भारत में बकरा ईद 28 मई को मनाए जाने की संभावना जताई जा रही है। यह त्योहार सिर्फ कुर्बानी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसके पीछे आस्था, त्याग और इंसानियत का गहरा संदेश छिपा हुआ है। इस दिन उस ऐतिहासिक और धार्मिक घटना को याद किया जाता है जब अल्लाह ने हजरत इब्राहिम का इम्तिहान लिया था और उनके बेटे की जगह एक बकरे की कुर्बानी स्वीकार की थी। यही वजह है कि इस दिन कुर्बानी की परंपरा निभाई जाती है और लोग अपनी श्रद्धा के अनुसार बकरों की खरीदारी करते हैं।

इस बार बकरीद को लेकर बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। आधुनिक दौर में अब लोग कुर्बानी के लिए बकरे खरीदने हेतु बाजारों की भीड़ में भटकने के बजाय ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स का सहारा ले रहे हैं। IndiaMART, Justdial, OLX और Quikr जैसी वेबसाइटों पर बड़ी संख्या में बकरों की बिक्री हो रही है। इन प्लेटफॉर्म्स पर कोई भी व्यक्ति अपने बकरे का विज्ञापन डाल सकता है और खरीदार सीधे विक्रेता से संपर्क कर सकता है। लोग अब घर बैठे मोबाइल या लैपटॉप पर बकरों की तस्वीरें देखकर अपनी पसंद का बकरा चुन रहे हैं।

ऑनलाइन बकरा खरीदने की प्रक्रिया भी बेहद आसान हो गई है। खरीदारों को केवल पशु बाजार डॉट कॉम जैसी वेबसाइट पर जाकर अपनी पसंद का बकरा बुक करना होता है। वेबसाइट पर बकरों की अलग-अलग नस्लों की जानकारी दी जाती है। इसके साथ ही बकरे का लिंग, उम्र, दांतों की स्थिति, रंग, वजन और स्वास्थ्य संबंधी जानकारियां भी उपलब्ध रहती हैं। कई साइटों पर वैक्सीनेशन और मेडिकल सर्टिफिकेट तक की सुविधा दी जा रही है ताकि खरीदार पूरी संतुष्टि के साथ खरीदारी कर सकें।

साइट पर जाने के लिए क्लिक करें-  https://dir.indiamart.com/delhi/pet-goat.html 

बकरीद के नजदीक आते ही बाजारों में बकरों की मांग तेजी से बढ़ जाती है और कई बार अच्छे बकरे मिलना मुश्किल हो जाता है। लेकिन ऑनलाइन विकल्प आने के बाद लोगों को काफी राहत मिली है। अब लोग अपनी पसंद, बजट और जरूरत के हिसाब से बकरे चुन सकते हैं। यही कारण है कि इस बार ऑनलाइन बकरों की बिक्री में जबरदस्त बढ़ोतरी देखी जा रही है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर भी लोग बकरों की बिक्री का जमकर प्रचार कर रहे हैं। फेसबुक, व्हाट्सऐप और इंस्टाग्राम जैसे माध्यमों पर बकरों के वीडियो और तस्वीरें साझा की जा रही हैं, जिससे खरीदारों को काफी सुविधा मिल रही है।

ऑनलाइन बिकने वाले बकरों में करीब आठ से दस नस्लें शामिल हैं। बकरों की कीमत उनकी नस्ल, वजन और स्वास्थ्य के आधार पर तय की जा रही है। कई विज्ञापनों में बकरों को बेहद दिलचस्प अंदाज में पेश किया गया है। एक ऑनलाइन विज्ञापन में बकरे के फोटो के नीचे लिखा गया कि बकरा बेहद खूबसूरत है और उसे 100 प्रतिशत ऑर्गैनिक भोजन खिलाकर पाला गया है। ऐसे सैकड़ों विज्ञापन ऑनलाइन मौजूद हैं जिनमें बकरों के खान-पान, देखभाल और स्वास्थ्य का पूरा विवरण दिया गया है। इन्हें देखकर ऐसा महसूस होता है मानो कोई सामान्य उपभोक्ता वस्तु खरीदी जा रही हो।

ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर बकरों के बारे में लगभग हर जानकारी उपलब्ध है। बारकोड को छोड़ दिया जाए तो बाकी सभी जानकारियां खरीदारों को दी जा रही हैं। बकरे की उम्र, लंबाई, वजन, नस्ल, रंग, स्वास्थ्य और वैक्सीनेशन तक की जानकारी उपलब्ध कराई जा रही है। खरीदार फोटो और वीडियो देखकर आसानी से बकरे का चयन कर सकते हैं और फिर ऑनलाइन या फोन के माध्यम से डील तय कर सकते हैं।

कुछ लोग बकरी पालन को व्यवसाय के रूप में करते हैं और उनके लिए बकरीद सबसे ज्यादा मुनाफा कमाने का अवसर बनकर आती है। एक बकरा लगभग एक साल में तैयार हो जाता है और व्यापारी पूरे साल उसकी देखभाल करते हैं ताकि बकरीद पर उन्हें अच्छा लाभ मिल सके। व्यापारी अपने बकरे बाजारों के साथ-साथ ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर भी बेच रहे हैं। उनका कहना है कि ऑनलाइन बिक्री से ग्राहक आसानी से मिल जाते हैं और उन्हें दूर-दराज के मेलों में बकरे ले जाने की परेशानी नहीं उठानी पड़ती।

साइट पर जाने के लिए क्लिक करें- https://www.onlinebakra.in/ 

बकरों की कीमतों की बात करें तो सामान्य तौर पर बकरा 700 से 900 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है। उदाहरण के तौर पर यदि किसी बकरे का वजन 50 किलो है और उसका भाव 700 रुपये प्रति किलो तय होता है, तो उसकी कीमत करीब 35 हजार रुपये होगी। हालांकि अच्छी नस्ल और ज्यादा वजन वाले बकरे एक लाख से लेकर पांच लाख रुपये तक में भी बिक रहे हैं।

विभिन्न नस्लों के बकरों की कीमतें इस प्रकार हैं—

बीतल नस्ल के बकरे 25 हजार से 40 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं।
जामुनापारी नस्ल के बकरे 30 हजार से 50 हजार रुपये तक के हैं।
बरबरी नस्ल की कीमत 12 हजार से 20 हजार रुपये के बीच है।
सिरोही नस्ल के बकरे 15 हजार से 30 हजार रुपये तक में बिक रहे हैं।
तेलीचेरी नस्ल की कीमत 10 हजार से 30 हजार रुपये तक है।
मालाबारी नस्ल के बकरे 12 हजार से 22 हजार रुपये तक बिक रहे हैं।
अजमेरी नस्ल की कीमत 13 हजार से 25 हजार रुपये तक है।
उस्मानाबादी नस्ल के बकरे 15 हजार से 40 हजार रुपये तक में उपलब्ध हैं।

साइट पर जाने के लिए क्लिक करें- https://www.justdial.com/Delhi/Goat-Farming/nct-10234452 

ऑफलाइन बाजारों में भी खरीददारों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। कैला भट्टा और इस्लाम नगर जैसे इलाकों में बकरा बाजार सज चुके हैं जहां बड़ी संख्या में लोग कुर्बानी के लिए बकरे खरीदने पहुंच रहे हैं। हिंडन विहार निवासी ताहिर का कहना है कि ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर कई बार ऑफलाइन बाजारों की तुलना में बकरे सस्ते मिल जाते हैं और सीधे विक्रेता से संपर्क भी हो जाता है। वहीं व्यापारी राजू का कहना है कि वे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से बकरों की बिक्री कर रहे हैं और दोनों जगह कीमतें लगभग समान हैं। कई व्यापारी ग्राहकों के घर तक बकरों की डिलीवरी भी कर रहे हैं।

ऑनलाइन बकरा बेचने वाले व्यापारियों का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म्स उनके लिए बेहद फायदेमंद साबित हो रहे हैं। पहले उन्हें बकरों को बेचने के लिए दूर-दूर तक मेलों और बाजारों में जाना पड़ता था, जहां कई बार जानवरों के बीमार होने या मरने का खतरा भी रहता था। लेकिन अब ऑनलाइन माध्यम से ग्राहक सीधे उनसे संपर्क कर लेते हैं। ग्राहक चाहें तो बकरे को देखने के लिए विजिट भी कर सकते हैं और पसंद आने पर सौदा तुरंत तय हो जाता है। व्यापारियों का कहना है कि ऑनलाइन विकल्प हर बजट के लोगों के लिए उपलब्ध है और यहां छोटे से लेकर महंगे तक हर प्रकार के बकरे मौजूद हैं।

ऑनलाइन बकरा खरीदने की सबसे बड़ी खासियत यह भी है कि खरीदारों को हेल्थ और मेडिकल सर्टिफिकेट की सुविधा दी जा रही है। इससे लोगों का भरोसा बढ़ा है और वे बिना किसी झिझक के ऑनलाइन खरीदारी कर रहे हैं। कई वेबसाइटें दावा कर रही हैं कि बुकिंग के तीन दिनों के भीतर बकरे की डिलीवरी खरीदार के घर तक कर दी जाएगी।

बकरा ईद का त्योहार पूरी तरह चांद पर निर्भर करता है और इसकी तारीख इस्लामी कैलेंडर के अनुसार तय की जाती है। आमतौर पर बकरीद का चांद करीब दस दिन पहले नजर आ जाता है, जिसके बाद त्योहार की अंतिम तारीख घोषित की जाती है। इसी आधार पर इस वर्ष भारत में 28 मई 2026 को बकरा ईद मनाए जाने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

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