ग्रेटर नोएडा।
राष्ट्रीय मुक्केबाजी चैंपियनशिप में बुधवार को जहां स्टार मुक्केबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए आसान जीत दर्ज की, वहीं संदिग्ध रेफरिंग और विवादित फैसलों ने एक बार फिर टूर्नामेंट की निष्पक्षता पर सवाल खड़े कर दिए। निकहत जरीन और मीनाक्षी हुड्डा जैसी दिग्गज मुक्केबाजों ने अपने-अपने मुकाबलों में दबदबा दिखाया, लेकिन पुरुष वर्ग में हुए विवादों ने सुर्खियां बटोर लीं।
पुरुष मिडिलवेट (75 किग्रा) वर्ग के एक मुकाबले में रेलवे खेल नियंत्रण बोर्ड के मुक्केबाज इशमीत ने अखिल भारतीय पुलिस (एआईपी) के मोहित पर मुकाबले के दौरान काटने का गंभीर आरोप लगाया। पहले राउंड में ‘स्टैंडिंग काउंट’ मिलने के बाद दूसरे राउंड में इशमीत ने दावा किया कि मोहित ने उनके कंधे पर कई बार काटा। उन्होंने रेफरी को काटने के स्पष्ट निशान भी दिखाए, इसके बावजूद मुकाबला रोका नहीं गया। रेलवे के कोचों ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया और इसे नियमों के खिलाफ बताया। मुक्केबाजी में काटना गंभीर फाउल माना जाता है, जिसके लिए तत्काल अयोग्यता का प्रावधान है। मुकाबले के बाद मेडिकल अधिकारियों ने कथित निशानों की तस्वीरें लेकर उन्हें तकनीकी रिपोर्ट में शामिल किया।
बैंथमवेट (55 किग्रा) वर्ग में सेना के पवन बार्तवाल और एआईपी के ललित के बीच मुकाबला भी विवादों में घिर गया। पहले दो राउंड के बाद पवन 3-2 से आगे थे, तभी एआईपी के कोच और स्टाफ रिंग में घुस आए और फैसले पर आपत्ति जताने लगे, जिससे मुकाबला रुक गया। बाद में अधिकारियों ने ललित को तीसरे राउंड के लिए समय पर रिंग में न आने के कारण मुकाबला छोड़ने वाला घोषित कर दिया। एआईपी ने इस फैसले के खिलाफ आधिकारिक विरोध दर्ज कराने की बात कही, जबकि सेना ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ललित थक चुके थे और यह अतिरिक्त समय हासिल करने की कोशिश थी।
भारतीय मुक्केबाजी महासंघ (बीएफआई) ने स्पष्ट किया कि नियमों के अनुसार ललित को ‘एबैंडनंड’ घोषित किया गया। बीएफआई के तकनीकी निदेशक राजन शर्मा ने बताया कि दोनों घटनाओं पर विस्तृत रिपोर्ट महासंघ को सौंपी जाएगी। गौरतलब है कि कुछ दिन पहले ओलंपियन आशीष चौधरी को भी विवादास्पद परिस्थितियों में अयोग्य घोषित किया गया था, जिससे रेफरिंग पर चिंताएं और बढ़ गई हैं।
खेल परिणामों की बात करें तो निकहत जरीन (51 किग्रा) ने प्री-क्वार्टरफाइनल में लद्दाख की कुलसूमा बानो को दो मिनट से भी कम समय में आरएससी से हराया। मीनाक्षी हुड्डा (48 किग्रा) ने झारखंड की अन्नू को सर्वसम्मत फैसले से मात देकर क्वार्टरफाइनल में प्रवेश किया। विश्व चैंपियन जैस्मिन लम्बोरिया ने कंधे की चोट के कारण 57 किग्रा वर्ग में वॉकओवर दिया। अमित पंघाल (55 किग्रा) ने कड़े मुकाबले में कृषपाल को 4-1 से हराया, जबकि अभिनाश जमवाल, जादुमणि सिंह, सचिन सिवाच और हितेश गुलिया ने भी अंतिम आठ में जगह बनाई।