एची-नागोया (जापान)
भारतीय मैराथन धावक सावन बरवाल ने एशियन गेम्स 2026 में इतिहास रच दिया। उन्होंने पुरुषों की मैराथन स्पर्धा में रजत पदक जीतकर इस स्पर्धा में भारत के 44 साल के पदक के इंतजार को खत्म कर दिया।
बरवाल ने 2 घंटे 11 मिनट 37 सेकंड का समय निकालते हुए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाया। जापान के यामाशिता ने स्वर्ण पदक जीता। उन्होंने दौड़ के अंतिम चरण में बढ़त बनाकर पहला स्थान हासिल किया।
बरवाल ने शुरुआत से ही मजबूत प्रदर्शन किया और 10 किलोमीटर के बाद शीर्ष धावकों के बीच बने रहे। 21 किलोमीटर के पड़ाव पर उन्होंने बढ़त हासिल कर ली और रफ्तार बढ़ने के बावजूद अग्रणी समूह में अपनी जगह बनाए रखी।
30 से 35 किलोमीटर के बीच भी बरवाल शीर्ष दावेदारों में शामिल रहे। इस दौरान जापान के यामाशिता, चीन के हान और बरवाल शीर्ष तीन धावकों के रूप में उभरे। 36 किलोमीटर के पड़ाव पर यामाशिता ने पीछा कर रहे धावकों से करीब 20 से 30 मीटर की बढ़त बना ली। इसके बावजूद बरवाल ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा और दूसरे स्थान पर बने रहे। उन्होंने आखिर तक अपनी स्थिति कायम रखते हुए रजत पदक अपने नाम किया।
बरवाल का यह रजत पदक एशियन गेम्स की मैराथन स्पर्धा में 44 साल बाद भारत का पहला पदक है। उनके प्रदर्शन से एची-नागोया एशियन गेम्स में भारत के एथलेटिक्स अभियान में एक और ऐतिहासिक उपलब्धि जुड़ गई।भारत के कार्तिक करकेरा ने भी पुरुष मैराथन के फाइनल में हिस्सा लिया। वह दौड़ के शुरुआती चरण में अग्रणी समूह का हिस्सा रहे, लेकिन बाद में पीछे हो गए।
भारत के खाते में अब 24 पदक
एशियन गेम्स 2026 में अब तक भारत ने 24 पदक जीत लिए हैं। इनमें 2 स्वर्ण, 10 रजत और 12 कांस्य पदक शामिल हैं। इनमें से 10 पदक निशानेबाजी में आए हैं।शनिवार को भारत के लिए कबड्डी और बैडमिंटन में भी अहम मुकाबले होंगे। भारतीय पुरुष और महिला कबड्डी टीमें स्वर्ण पदक के लिए ईरान के खिलाफ मैदान में उतरेंगी। दोनों फाइनल मुकाबले तोकाई सिटीजन जिम्नेजियम में खेले जाएंगे। महिला फाइनल सुबह और पुरुष फाइनल दोपहर में होगा।
भारतीय पुरुष कबड्डी टीम एशियन गेम्स में अपना नौवां स्वर्ण पदक जीतने के इरादे से उतरेगी, जबकि महिला टीम की नजर अपने चौथे खिताब पर होगी।
वहीं, दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु बैडमिंटन में महिला एकल अभियान की शुरुआत करेंगी। पुरुष युगल में सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी के अप्रत्याशित रूप से बाहर होने के बाद अब सिंधु पर भारत की बैडमिंटन चुनौती की अगुवाई करने की जिम्मेदारी होगी।