राजनाथ ने सराहा भारत का ऐतिहासिक CWG प्रदर्शन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 03-08-2026
Rajnath lauds India's historic CWG performance.
Rajnath lauds India's historic CWG performance.

 

नई दिल्ली।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राष्ट्रमंडल खेल 2026 (कॉमनवेल्थ गेम्स) में भारत के शानदार प्रदर्शन की सराहना करते हुए इसे देश के खेल इतिहास का एक "ऐतिहासिक अध्याय" बताया है। उन्होंने कहा कि इस बार के खेलों में भारत ने कई नए कीर्तिमान स्थापित किए, ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल कीं और युवा खिलाड़ियों की नई पीढ़ी ने दुनिया के सामने अपनी प्रतिभा का दमदार प्रदर्शन किया।

रविवार को सोशल मीडिया मंच एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जारी अपने संदेश में रक्षा मंत्री ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 भारत की खेल यात्रा में मील का पत्थर साबित होंगे। उन्होंने इस सफलता का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में खेल अवसंरचना, खिलाड़ियों के कल्याण और जमीनी स्तर पर प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए किए गए लगातार निवेश को दिया।

राजनाथ सिंह ने लिखा कि प्रधानमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में खेल सुविधाओं का विस्तार, खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराने की नीति का सकारात्मक परिणाम अब वैश्विक मंच पर दिखाई दे रहा है। भारत के खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रहे हैं।

मुक्केबाजी में भारत का ऐतिहासिक प्रदर्शन

रक्षा मंत्री ने विशेष रूप से भारतीय मुक्केबाजों की सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत ने इस बार बॉक्सिंग पदक तालिका में शीर्ष स्थान हासिल कर राष्ट्रमंडल खेलों के इतिहास में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया। उन्होंने इसे भारतीय मुक्केबाजी के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा कि किसी भी देश ने कॉमनवेल्थ गेम्स के एक संस्करण में मुक्केबाजी में इससे अधिक स्वर्ण पदक नहीं जीते थे। यह भारत की बढ़ती ताकत और खिलाड़ियों की मेहनत का प्रमाण है।

एथलेटिक्स में भी बना नया इतिहास

राजनाथ सिंह ने कहा कि एथलेटिक्स में भी भारत ने विदेशी धरती पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। भारतीय खिलाड़ियों ने कई ऐसे रिकॉर्ड बनाए जो पहले कभी नहीं बने थे। पहली बार भारत ने एक ही राष्ट्रमंडल खेलों में पुरुषों की 5000 मीटर और 10000 मीटर दौड़ में पदक जीते। इसके अलावा देश को पहली बार डेकाथलॉन में पदक मिला और जूडो में भी ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतकर खिलाड़ियों ने नया इतिहास रच दिया।

पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों की भी सराहना

रक्षा मंत्री ने भारतीय पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों को भी विशेष रूप से रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि भारत ने पहली बार पुरुषों की शॉट पुट एफ-57 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीता और इसी वर्ग में पहली बार डबल पोडियम फिनिश हासिल की। यह भारतीय पैरा खेलों की लगातार बढ़ती क्षमता और गहराई का प्रमाण है।

टीम इंडिया को दी बधाई

राजनाथ सिंह ने कहा कि इन शानदार उपलब्धियों के पीछे खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों और सहयोगी स्टाफ की अथक मेहनत तथा देश में विकसित हो रहे मजबूत खेल तंत्र की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने पूरी भारतीय टीम को बधाई देते हुए कहा कि देश को अपने खिलाड़ियों पर गर्व है।

2030 की मेजबानी भारत के पास

ग्लासगो में 11 दिनों तक चले राष्ट्रमंडल खेलों के समापन समारोह में आधिकारिक रूप से कॉमनवेल्थ गेम्स का ध्वज और बैटन भारत को सौंपा गया। अब वर्ष 2030 के शताब्दी संस्करण की मेजबानी अहमदाबाद करेगा। इससे भारत, ऑस्ट्रेलिया के बाद दूसरा ऐसा देश बन जाएगा जो दूसरी बार राष्ट्रमंडल खेलों की मेजबानी करेगा। इससे पहले भारत ने 2010 में नई दिल्ली में इन खेलों का सफल आयोजन किया था।

भारत ने इस बार 13 स्वर्ण, 17 रजत और 9 कांस्य सहित कुल 39 पदक जीतकर पदक तालिका में चौथा स्थान हासिल किया। खिलाड़ियों के इस प्रदर्शन ने भविष्य के लिए भारत की खेल संभावनाओं को और मजबूत किया है।