नई दिल्ली
भारत को अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। फीफा (FIFA) ने भारत को महिला फुटबॉल के विकास के लिए शुरू किए गए “फीफा विमेंस डेवलपमेंट प्रोग्राम (कमर्शियल स्ट्रैटेजी 2026)” के लिए चुने गए 12 देशों में शामिल किया है। यह चयन भारतीय महिला फुटबॉल के लिए एक बड़ा अवसर माना जा रहा है।
अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, इस कार्यक्रम में जर्मनी, नीदरलैंड, स्वीडन, स्कॉटलैंड, कनाडा, मेक्सिको, फिनलैंड, घाना, जॉर्डन, लिथुआनिया और पराग्वे जैसे देशों के साथ भारत भी शामिल है। भारत का चयन एआईएफएफ द्वारा भेजे गए प्रस्ताव और विस्तृत प्रस्तुति के बाद किया गया, जिसमें देश में महिला फुटबॉल को बढ़ावा देने के लिए योजनाओं और रणनीतियों को प्रस्तुत किया गया था।
यह कार्यक्रम मई से अक्टूबर 2026 के बीच ऑनलाइन आयोजित किया जाएगा। फीफा इस कार्यक्रम को भारत की जरूरतों के अनुसार तैयार करेगा, ताकि देश में महिला फुटबॉल से जुड़े विभिन्न हितधारकों—जैसे क्लब, कोच, प्रबंधक और आयोजक—को व्यावसायिक और प्रबंधन से जुड़ी अहम जानकारी मिल सके।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिला फुटबॉल को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और इसे दीर्घकालिक रूप से टिकाऊ बनाना है। कार्यक्रम के तहत क्लबों को प्रायोजन (स्पॉन्सरशिप) हासिल करने, प्रशंसकों से जुड़ाव बढ़ाने और अपने संचालन को पेशेवर तरीके से चलाने के लिए जरूरी कौशल सिखाए जाएंगे। इसके साथ ही, यह पहल एशियाई फुटबॉल परिसंघ (AFC) द्वारा जल्द लागू किए जाने वाले महिला क्लब लाइसेंसिंग सिस्टम के लिए भी क्लबों को तैयार करेगी।
एआईएफएफ के डिप्टी सेक्रेटरी जनरल एम. सत्यनारायण ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह भारत में महिला फुटबॉल के व्यावसायिक पहलुओं को मजबूत करने का सही समय है। उन्होंने कहा, “हमारी सीनियर, अंडर-20 और अंडर-17 महिला टीमों का एएफसी एशियन कप के लिए क्वालीफाई करना हमारी क्षमता को दर्शाता है। इसके अलावा, ASMITA अंडर-13 महिला फुटबॉल लीग ने जमीनी स्तर पर एक मजबूत आधार तैयार किया है।”
उन्होंने आगे कहा कि इस कार्यक्रम के जरिए क्लबों को कमर्शियल स्ट्रैटेजी तैयार करने, स्पॉन्सरशिप जुटाने और फैन एंगेजमेंट बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण पहलुओं में प्रशिक्षण मिलेगा, जिससे पूरे फुटबॉल इकोसिस्टम को फायदा होगा।
सत्यनारायण ने फीफा की इस पहल को सराहनीय बताते हुए कहा कि इससे भारतीय महिला फुटबॉल को नई दिशा मिलेगी। खासकर इंडियन विमेंस लीग (IWL) के क्लबों के लिए यह कार्यक्रम बेहद उपयोगी साबित होगा, क्योंकि उन्हें जल्द ही क्लब लाइसेंसिंग नियमों के तहत काम करना होगा।
कुल मिलाकर, फीफा के इस कार्यक्रम में भारत का चयन देश में महिला फुटबॉल के विकास के लिए एक बड़ा कदम है, जो आने वाले वर्षों में खेल को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।