Indian and Pakistani players did not shake hands but there was no controversy in the final.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत और पाकिस्तान के बीच एशियाई खेलों के क्रिकेट फाइनल को लेकर काफी उत्सुकता थी लेकिन शनिवार को यहां हुआ मुकाबला बिना किसी विवाद के संपन्न हुआ। इस दौरान दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने एक बार फिर हाथ नहीं मिलाए।
फाइनल देखने के लिए तोक्यो, नागोया और जापान के अन्य हिस्सों से बड़ी संख्या में पहुंचे भारतीय समुदाय के लोगों के लिए यह दिन क्रिकेट के नाम रहा। पाकिस्तान ने लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत पर दबाव जरूर बनाया, लेकिन भारत का विशाल स्कोर निर्णायक साबित हुआ और उसने लगातार दूसरी बार एशियाई खेलों का स्वर्ण पदक जीत लिया।
मैच से पहले टॉस मैदान के एक कोने में कराया गया, जबकि टेलीविजन कैमरा दल पिच के पास मौजूद था।
मैच के बाद का घटनाक्रम भी कुछ ऐसा ही रहा। जीत के बाद भारतीय खिलाड़ी जब अपने ड्रेसिंग रूम की ओर बढ़े तो उन्होंने पाकिस्तानी खिलाड़ियों के पास जाने की कोशिश नहीं की।
पाकिस्तान की टीम अपने ड्रेसिंग रूम से बाहर आई, अंपायरों से हाथ मिलाया और भारतीय खिलाड़ियों से बिना किसी बातचीत के वापस लौट गई।
हाथ मिलाने को छोड़ दे तो मैच खेल भावना के साथ खेला गया। खिलाड़ियों के बीच कोई तीखी बहस या बड़ा विवाद नहीं हुआ और उन्होंने अपना ध्यान मुकाबले पर बनाए रखा तथा क्रिकेट को केंद्र में रहने दिया।