खुद को साबित करना पड़े तो वो जगह मेरी नहीं: कोहली

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 15-05-2026
If I have to prove myself, that's not my place: Kohli
If I have to prove myself, that's not my place: Kohli

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
विराट कोहली को अब भी क्रिकेट से इतना लगाव है कि वह अगले साल होने वाले वनडे विश्व कप पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ ही भारत के इस स्टार बल्लेबाज ने स्पष्ट किया कि अगर किसी विशेष ‘माहौल’ में उनकी योग्यता पर लगातार सवाल उठाए जाते हैं, तो उन्हें यह स्वीकार करने में कोई हिचकिचाहट नहीं होगी कि वह ‘जगह’ उनके लिए नहीं बनी है।

इस 37 वर्षीय सुपरस्टार ने अपनी आईपीएल फ्रेंचाइजी रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के पॉडकास्ट पर कहा कि उन्हें अपने महत्व को लेकर किए जा रहे आकलन में लगातार बदलाव से नफरत है।
 
कोहली ने कहा, ‘‘मैं हमेशा तैयार रहता हूं क्योंकि यही मेरी रोजमर्रा की जिंदगी है। मैं कसरत करता हूं, हम घर पर अच्छा खाना खाते हैं। मुझे इस तरह जीना पसंद है। यह केवल क्रिकेट खेलने तक सीमित नहीं है। मेरा कहने का मतलब है कि 2027 के विश्व कप को लेकर होने वाली बातें और बाकी सब। मुझे कई बार पूछा गया है कि क्या आप 2027 में खेलना चाहते हैं।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे इसका जवाब पता है और अगर मैं खेल रहा हूं तो फिर मैं क्रिकेट खेलना चाहता हूं। मैं खेलना जारी रखना चाहता हूं। भारत के लिए विश्व कप खेलना शानदार है।’’
 
कोहली ने कहा, ‘‘मेरा नजरिया बिल्कुल स्पष्ट है। मैं जिस माहौल का हिस्सा हूं उसमें कुछ योगदान दे सकता हूं और टीम को भी लगता है कि मैं योगदान दे सकता हूं, तो मैं खेलता रहूंगा। अगर मुझे अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करने की जरूरत महसूस कराई जाती है तो मैं उस माहौल में नहीं रह सकता।’’
 
कोहली 2024 में टी20 अंतरराष्ट्रीय और 2025 में टेस्ट क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद अब केवल वनडे में खेलते हैं। पिछले कुछ वर्षों से बहुत कम वनडे मैच खेले जा रहे हैं जिससे कोहली कम अवसरों पर ही भारत का प्रतिनिधित्व कर पा रहे हैं।
 
भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने कोहली और एक अन्य स्टार बल्लेबाज रोहित शर्मा के टीम का हिस्सा बनने की उनकी इच्छा के बावजूद उनके भविष्य को लेकर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की है।
 
कोहली ने कहा कि जब तक टीम को उनकी जरूरत होगी, वह टीम के साथ बने रहेंगे।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं अपनी तैयारियों के प्रति ईमानदार हूं, मैं खेल के प्रति अपने दृष्टिकोण के प्रति ईमानदार हूं। मैं पूरी लगन से मेहनत करता हूं। जब मैं खेलने के लिए जाता हूं तो मैं दूसरों से कम नहीं बल्कि उनसे भी ज्यादा मेहनत करता हूं और सही तरीके से खेलता हूं।’’
 
कोहली ने खेल के प्रति अपने दृष्टिकोण के बारे में कहा कि वह हमेशा कड़ी मेहनत के लिए तैयार रहते हैं।
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसी तरह से तैयारी करता हूं। मैं 50 ओवर तक फील्डिंग करने के लिए तैयार हूं। इस तरह से खेलने के बाद भी अगर मुझे अपनी काबिलियत और अहमियत साबित करनी पड़े, तो वह जगह मेरे लिए नहीं है।’’
 
कोहली ने 2025-26 सत्र के दौरान दो दशकों के बाद विजय हजारे ट्रॉफी में खेलने का उदाहरण दिया। उन्होंने दिल्ली के लिए दो मैच खेले और उनमें से एक में शतक लगाने के साथ-साथ लिस्ट ए में सबसे कम पारियों में 16,000 रन बनाने वाले खिलाड़ी भी बने।