मैं चाहता हूं कि कोई गोलकीपर ‘गोल्डन बॉल’ जीते: सुब्रत पॉल

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 11-07-2026
I want a goalkeeper to win the Golden Ball: Subrata Paul
I want a goalkeeper to win the Golden Ball: Subrata Paul

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
 भारतीय फुटबॉल टीम के पूर्व कप्तान और दिग्गज गोलकीपर सुब्रत पॉल का मानना है कि अमेरिका में चल रहा फीफा विश्व कप लियोनेल मेस्सी, किलियन एमबाप्पे, एर्लिंग हालैंड और हैरी केन जैसे स्ट्राइकर के लिए ही नहीं, बल्कि गोलकीपरों के असाधारण प्रदर्शन के लिए भी याद किया जाएगा।

भारत की तरफ से 84 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने वाले पॉल का मानना ​​है कि फीफा विश्व कप के अंतिम चरण तक पहुंचने वाली टीमों की सफलता का श्रेय काफी हद तक उनके गोलकीपरों को जाता है।
 
उन्होंने पीटीआई से कहा, ‘‘यह विश्व कप पूरी तरह से गोलकीपरों का है। मुझे लगता है कि गोलकीपर मैच जीतने, क्लीन शीट (मैच में एक भी गोल नहीं खाना) हासिल करने और स्कोर बराबर रखने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। मैं यही चाहता हूं कि कोई गोलकीपर ‘गोल्डन ग्लब्स’ के साथ ‘गोल्डन बॉल’ भी जीते।’’
 
फीफा टूर्नामेंट के सर्वश्रेष्ठ खिलाड़ी को ‘गोल्डन बॉल’ पुरस्कार से सम्मानित करता है, जबकि ‘गोल्डन ग्लब्स’ पुरस्कार उस गोलकीपर को दिया जाता है जिसने पूरे टूर्नामेंट में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया हो।
 
पॉल ने कहा, ‘‘इस विश्व कप में हर कोई गोलकीपर की चर्चा कर रहा है। उन्होंने कई अहम बचाव किए हैं। अच्छा प्रदर्शन करने वाली सभी टीमें फ्रांस, स्पेन, इंग्लैंड, अर्जेंटीना सभी के पास बेहतरीन गोलकीपर हैं। फुटबॉल में एक कहावत है, ‘मैच स्ट्राइकर जीतता है, लेकिन चैंपियनशिप गोलकीपर जीतता है।’’
 
जब उनसे पूछा गया कि विश्व कप में किस गोलकीपर ने उन्हें सबसे ज्यादा प्रभावित किया है, उन्होंने कहा, ‘‘(स्पेन के) उनाई सिमोन ने लगातार सबसे ज्यादा मैच बिना गोल खाए खेलने का रिकॉर्ड बनाया। अर्जेंटीना के (एमिलियानो) मार्टिनेज और बेल्जियम के थिबाउट कर्टोइस ने भी शानदार प्रदर्शन किया है। पुर्तगाल के डियोगो कोस्टा और केप वर्दे के वोजिन्हा ने भी प्रभावित किया है।’’