आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत के ऊंची कूद के एथलीट और राष्ट्रीय रिकॉर्ड धारक सर्वेश कुशारे ने मोनाको में डायमंड लीग एथलेटिक्स प्रतियोगिता में अपने पदार्पण पर ही तीसरा स्थान हासिल करके खुद को विशिष्ट क्लब में शामिल कर दिया।
वह इस प्रतिष्ठित प्रतियोगिता में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय खिलाड़ी बन गए हैं।
इस 31 वर्षीय खिलाड़ी ने 2.12 मीटर, 2.16 मीटर, 2.20 मीटर, 2.23 मीटर और 2.26 मीटर की कूद लगाई। लेकिन कई स्टार खिलाड़ियों की मौजूदगी वाली इस प्रतियोगिता में 2.28 मीटर की कूद लगाने के तीन प्रयासों में विफल रहने के कारण उन्हें तीसरे स्थान से संतोष करना पड़ा।
इसके बावजूद पिछले महीने राष्ट्रीय अंतरराज्यीय चैंपियनशिप में 2.31 मीटर का राष्ट्रीय रिकॉर्ड बनाने वाले कुशारे भाला फेंक के सुपरस्टार नीरज चोपड़ा, लंबी कूद के एथलीट मुरली श्रीशंकर और चक्का फेंक के पूर्व एथलीट विकास गौड़ा के बाद डायमंड लीग में शीर्ष तीन में जगह बनाने वाले चौथे भारतीय बन गए।
यूक्रेन के विश्व इंडोर चैंपियन ओलेह डोरोशचुक ने 2.32 मीटर की कूद लगाकर खिताब जीता, जबकि ग्रेट ब्रिटेन के जैक किमानी 2.30 मीटर की कूद के साथ दूसरे स्थान पर रहे। किमानी तीन प्रयासों में भी 2.32 मीटर की कूद नहीं लगा सके, जबकि डोरोशचुक ने इसे अपने पहले ही प्रयास में हासिल कर दिखाया।
किमानी भाग्यशाली रहे क्योंकि वह अपने तीसरे प्रयास में ही 2.16 मीटर की ऊंचाई को पार कर सके थे, जबकि कुशारे ने इसे आसानी से पार कर लिया।
कुशारे ने तीसरे स्थान पर रहकर कतर के तीन बार के विश्व चैंपियन और तोक्यो ओलंपिक के स्वर्ण पदक विजेता मुताज़ एस्सा बरशिम और अमेरिका के 2023 विश्व चैंपियनशिप के रजत पदक विजेता जुवॉन हैरिसन जैसे स्टार खिलाड़ियों को पीछे छोड़ा। बरशिम 2.20 मीटर के प्रयास के साथ संयुक्त आठवें स्थान पर रहे।
कुशारे ने कुछ दिन पहले ही 27 जून को 2.31 मीटर की कूद लगाकर तेजस्विन शंकर के 2.29 मीटर के आठ साल पुराने राष्ट्रीय रिकॉर्ड को तोड़ा था। वह 2.30 मीटर की कूद लगाने वाले पहले भारतीय ‘हाई जम्पर’ हैं।
वह पिछले साल तोक्यो विश्व चैंपियनशिप में पुरुषों की ऊंची कूद के फाइनल के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय भी बने थे।