बीसीसीआई ने जो रुख अपनाया है, उसके साथ हैं : मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार पर बोले अमोल मजूमदार

Story by  एटीवी | Published by  [email protected] | Date 14-09-2026
"I stand by the stance adopted by the BCCI," said Amol Muzumdar regarding the refusal to accept the trophy from Mohsin Naqvi.

 

दुबई।

भारतीय महिला क्रिकेट टीम के एशिया कप चैंपियन बनने के बाद ट्रॉफी को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। टीम इंडिया ने एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) के अध्यक्ष मोहसिन नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया। नकवी पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के अध्यक्ष होने के साथ-साथ पाकिस्तान के गृह मंत्री भी हैं।

भारतीय टीम के मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने कहा कि यह भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) का लिया हुआ फैसला है और पूरी टीम इस रुख के साथ खड़ी है।

क्रिकइंफो के अनुसार, मजूमदार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के बाद कहा, “यह रुख बीसीसीआई ने अपनाया है और हम उसके साथ हैं। हमारे लिए यह टूर्नामेंट खत्म हो चुका है और हम चैंपियन हैं। हमारे लिए इतना ही काफी है। बड़े बोर्ड पर भी लिखा था कि भारत एशिया कप 2026 का चैंपियन है। यह टूर्नामेंट हमारे लिए आधिकारिक रूप से समाप्त हो चुका है। हम चैंपियन बनकर खुश हैं और अब एशियाई खेलों पर ध्यान देना चाहते हैं।”

पुरस्कार समारोह में नहीं पहुंची भारतीय टीम

फाइनल के बाद पुरस्कार वितरण समारोह शुरू होने से पहले भारतीय टीम अपने ड्रेसिंग रूम के पास एकजुट होकर खड़ी थी। इस दौरान कोच अमोल मजूमदार खिलाड़ियों से बातचीत कर रहे थे। बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया और उपाध्यक्ष राजीव शुक्ला ने भी टीम की जीत पर खिलाड़ियों को बधाई दी।

इस दौरान ‘फील्डर ऑफ द मैच’ का पुरस्कार तेज गेंदबाज नंदनी शर्मा को दिया गया। उन्होंने फाइनल में दो कैच पकड़े थे।

जब आधिकारिक पुरस्कार समारोह शुरू हुआ तो श्रीलंका की खिलाड़ियों ने उपविजेता पदक हासिल किए। श्रीलंकाई कप्तान चमारी अटापट्टू ने नकवी से उपविजेता की राशि का चेक भी लिया और इसके बाद मैच के बाद का इंटरव्यू दिया। लेकिन भारतीय खिलाड़ी पुरस्कार मंच पर नजर नहीं आईं।

इसके बाद प्रसारण सीधे स्टूडियो में चल रहे पोस्ट-मैच कार्यक्रम पर चला गया। भारतीय कप्तान हरमनप्रीत कौर, जिन्होंने जीत के बाद प्रसारकों को इंटरव्यू दिया था, वह भी पुरस्कार वितरण समारोह के लिए वापस नहीं आईं।

आमतौर पर चैंपियन टीम के ट्रॉफी उठाने के दौरान आतिशबाजी और कंफेटी के बीच जश्न के दृश्य देखने को मिलते हैं, लेकिन इस बार भारतीय टीम के ट्रॉफी के साथ ऐसे दृश्य सामने नहीं आए।

पिछले साल भी हुआ था ऐसा ही विवाद

एशिया कप के पुरुष टूर्नामेंट के दौरान पिछले साल भी ऐसा ही विवाद देखने को मिला था। तब तिलक वर्मा की शानदार पारी की बदौलत भारत ने पाकिस्तान को रोमांचक फाइनल में हराया था। इसके बाद पुरस्कार वितरण समारोह करीब 90 मिनट तक टला रहा।

उस समय भी भारत ने नकवी से ट्रॉफी लेने से इनकार कर दिया था। भारत और पाकिस्तान के बीच सीमा पार आतंकवाद को लेकर बढ़े तनाव की पृष्ठभूमि में यह फैसला सामने आया था। अप्रैल में पहलगाम हमले के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया था।

लंबे इंतजार के बाद जब मंच तैयार हुआ तो एक अधिकारी एशिया कप की ट्रॉफी को उसके स्थान से उठाकर मैदान से बाहर ले गया। हालांकि ट्रॉफी नहीं मिलने के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों ने मंच पर जश्न मनाया। तत्कालीन कप्तान सूर्यकुमार यादव ने 2024 टी20 विश्व कप फाइनल के बाद रोहित शर्मा के अंदाज की नकल करते हुए ट्रॉफी लेकर चलने की मुद्रा बनाई और अपने साथियों के साथ काल्पनिक ट्रॉफी उठाकर जश्न मनाया था।

पूरे टूर्नामेंट के दौरान भारतीय खिलाड़ियों और कप्तान ने टॉस या मैच के बाद पाकिस्तान के खिलाड़ियों के साथ हाथ नहीं मिलाया था। भारतीय टीम ने अपनी जीत को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में शामिल भारतीय सशस्त्र बलों के जवानों को समर्पित किया था। पाकिस्तान के खिलाफ खेले गए तीनों मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज कर क्लीन स्वीप किया था।

पुरुष एशिया कप के बाद से ही भारत को ACC अध्यक्ष से ट्रॉफी नहीं मिल सकी है। अब यही विवाद महिला एशिया कप तक भी पहुंच गया है और सवाल उठ रहा है कि क्या महिला टीम की ट्रॉफी का भी यही हश्र होगा।

भारत ने श्रीलंका को 72 रन से हराया

फाइनल में भारतीय महिला टीम ने शानदार ऑलराउंड प्रदर्शन करते हुए एशिया कप का खिताब अपने नाम किया। भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में पांच विकेट पर 183 रन बनाए। इसके जवाब में श्रीलंका की पूरी टीम 20 ओवर में 111 रन पर सिमट गई।

भारत की जीत में गेंदबाज श्री चरणी ने अहम भूमिका निभाई। उन्होंने चार विकेट लेकर श्रीलंका की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी। उन्होंने 20 रन देकर चार विकेट हासिल किए।

इससे पहले भारत की पारी की शुरुआत करने उतरी शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने शानदार बल्लेबाजी की। दोनों ने पहले विकेट के लिए रिकॉर्ड 129 रन की साझेदारी की। शैफाली ने 39 गेंदों पर 68 रन बनाए, जिसमें नौ चौके और दो छक्के शामिल थे। वहीं, स्मृति मंधाना ने 39 गेंदों पर 59 रन की पारी खेली, जिसमें पांच चौके और तीन छक्के शामिल रहे।

इस दमदार प्रदर्शन के दम पर भारत ने श्रीलंका को हराकर एशिया कप 2026 का खिताब अपने नाम कर लिया।