From political tensions to selection issues, the Asian Games have been no exception to controversies.
आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
जापान में 32 साल बाद हो रहे एशियाई खेलों की शुरूआत से पहले ही विवादों का सिलसिला शुरू हो गया लेकिन इन खेलों का विवादों से पुराना नाता रहा है और कई बार ये विवाद खेल के दायरे से बाहर तक के रहे हैं ।
जापान के आइची नागोया में 19 सितंबर से चार अक्टूबर तक होने वाले 20वें एशियाई खेलों में एशिया के 11000 के करीब खिलाड़ी भाग ले रहे हैं ।
एशियाई खेलों को राजनयिक विवादों, चयन से जुड़े मसलों, विवादित फैसलों और खेल के नियमों पर उठते सवालों से समय समय पर जूझना पड़ा है । पीटीआई भाषा ने ऐसे ही कुछ विवादों की सूची तैयार की है ।
जकार्ता में 1962 में हुए एशियाई खेलों पर राजनीति हावी रही जब इंडोनेशिया ने इस्राइल और ताईवान के खिलाड़ियों को वीजा देने से इनकार कर दिया था । अंतरराष्ट्रीय खेल संगठनों और प्रतिनिधिमंडलों ने इसका काफी विरोध किया ।
एशियाई खेल महासंघ के उपाध्यक्ष और अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के सदस्य भारतीय खेल प्रशासक गुरू दत्त सोंढी ने इंडोनेशिया के विरोध में मुखर रहे । इंडोनेशिया के प्रदर्शनकारियों ने सोंढी को निशाना बनाया और एक भीड़ ने जकार्ता में भारतीय दूतावास के कुछ हिस्से को क्षतिग्रस्त कर दिया । खेल समाप्त होने से पहले सोंढी इंडोनेशिया से रवाना हो गए ।