फीफा विश्व कप 2026: नॉर्वे के 'वाइकिंग रो' सेलिब्रेशन पर स्वीडिश खिलाड़ियों की चुटकी

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 25-06-2026
FIFA World Cup 2026: Swedish players poke fun at Norway's 'Viking Row' celebration.
FIFA World Cup 2026: Swedish players poke fun at Norway's 'Viking Row' celebration.

 

टेक्सास (अमेरिका)।

फीफा विश्व कप 2026 के दौरान नॉर्वे की टीम का लोकप्रिय 'वाइकिंग रो' जश्न एक बार फिर चर्चा में है। हालांकि इस बार इसकी वजह नॉर्वे की जीत नहीं, बल्कि स्वीडन के खिलाड़ियों की हल्की-फुल्की टिप्पणी है। स्वीडन के डिफेंडर गुस्ताफ लागरबियेल्के और उनके साथी खिलाड़ी इलियट स्ट्राउड ने इस पारंपरिक जश्न को लेकर मजाकिया अंदाज में अपनी राय व्यक्त की है।

'वाइकिंग रो' नॉर्वे के फुटबॉल प्रशंसकों और खिलाड़ियों के बीच बेहद लोकप्रिय जश्न है। इस सेलिब्रेशन में खिलाड़ी और समर्थक एक साथ बैठकर पारंपरिक वाइकिंग जहाज चलाने की शैली की नकल करते हैं। यह एकता, सामूहिक संघर्ष और टीम भावना का प्रतीक माना जाता है। इतिहास में वाइकिंग योद्धा युद्ध पर जाने से पहले एक साथ नाव चलाते थे और उसी परंपरा की झलक आधुनिक फुटबॉल में इस जश्न के रूप में दिखाई देती है।

मंगलवार को आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जब स्वीडन के डिफेंडर गुस्ताफ लागरबियेल्के से इस जश्न के बारे में पूछा गया तो उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि वह कभी भी इस सेलिब्रेशन का हिस्सा नहीं बनेंगे।

उन्होंने कहा, "मैं ऐसा कभी नहीं करूंगा। हम तो बस इसे देखकर आह भरते हैं। शायद सबसे ज्यादा टीवी कैमरों पर, जो हर बार इस जश्न को दिखाने के लिए ज़ूम कर देते हैं।"

लागरबियेल्के ने आगे कहा कि यह जश्न काफी हद तक आइसलैंड के प्रसिद्ध 'वाइकिंग क्लैप' या 'ज्वालामुखी जश्न' जैसा लगता है। उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा, "खैर, जो उन्हें पसंद है, वह करते रहें।"

इसके बाद स्वीडन के एक अन्य खिलाड़ी इलियट स्ट्राउड ने भी इस जश्न पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि लगातार इस्तेमाल किए जाने के कारण यह जश्न अब कुछ हद तक अपनी नवीनता खोता हुआ नजर आ रहा है।

स्ट्राउड ने कहा, "मुझे लगता है कि अब इसका उपयोग कुछ ज्यादा ही होने लगा है। ऐसा लगता है कि उन्हें जैसे ही मौका मिलता है, वे इसे करने लगते हैं। हालांकि, यह उनके लिए अच्छा काम करता है।"

हाल ही में नॉर्वे ने फीफा विश्व कप 2026 के नॉकआउट चरण में जगह बनाई थी। टीम ने सेनेगल को 3-2 से हराकर अंतिम 32 में प्रवेश सुनिश्चित किया। इस जीत के बाद नॉर्वे के कप्तान मार्टिन ओडेगार्ड ने अपने साथियों और प्रशंसकों के साथ पारंपरिक 'वाइकिंग रो' जश्न मनाया।

मैच के बाद मैनचेस्टर सिटी के स्टार स्ट्राइकर एरलिंग हालांड समेत पूरी टीम मैदान पर बैठ गई और सभी खिलाड़ियों ने सामूहिक रूप से 'वाइकिंग रो' की प्रस्तुति दी। कप्तान ओडेगार्ड ने ड्रम बजाकर इसकी शुरुआत की, जबकि स्टेडियम में मौजूद हजारों प्रशंसकों ने जोरदार समर्थन देकर माहौल को और रोमांचक बना दिया।

नॉर्वे के इस पारंपरिक जश्न को उनके समर्थक टीम की पहचान और एकता का प्रतीक मानते हैं। हालांकि, स्वीडिश खिलाड़ियों की टिप्पणियों ने इस जश्न को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है कि क्या इसकी लोकप्रियता अब अत्यधिक उपयोग के कारण कम हो रही है।

फिलहाल, नॉर्वे के प्रशंसकों के लिए 'वाइकिंग रो' केवल एक जश्न नहीं, बल्कि उनकी सांस्कृतिक विरासत और फुटबॉल जुनून का प्रतीक बना हुआ है।