नई दिल्ली:
फीफा विश्व कप 2026 के क्वार्टर फाइनल में बेल्जियम के खिलाफ होने वाले अहम मुकाबले से पहले स्पेन के स्टार मिडफील्डर दानी ओल्मो ने कहा है कि उनकी टीम हर मैच को फाइनल की तरह लेती है और इसी मानसिकता के साथ मैदान में उतरती है। उन्होंने यह भी कहा कि टीम का लक्ष्य केवल लंबी अपराजेय श्रृंखला बनाए रखना नहीं, बल्कि विश्व कप जीतकर दूसरी बार चैंपियन बनना है।
स्पेन शुक्रवार को बेल्जियम के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेलेगा। यदि स्पेन यह मैच जीतता है तो वह 2010 में विश्व कप जीतने के बाद पहली बार टूर्नामेंट के अंतिम चार में जगह बनाएगा। टीम को इस लक्ष्य तक पहुंचाने में 18 वर्षीय युवा स्टार लामिन यामाल से भी बड़ी उम्मीदें हैं, जिन्होंने चोट से वापसी के बाद लगातार प्रभावशाली प्रदर्शन किया है।
प्री-मैच प्रेस कॉन्फ्रेंस में दानी ओल्मो ने कहा, "हम हर मैच को फाइनल की तरह खेलते हैं। हमारे मुख्य कोच लुइस डे ला फुएंते भी हमेशा यही कहते हैं कि सबसे महत्वपूर्ण मुकाबला वही होता है जो हमारे सामने है। इसलिए हमारा पूरा ध्यान केवल बेल्जियम के खिलाफ मैच पर है।"
स्पेन की टीम इस समय अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल में 35 मैचों से अपराजित है। इस उपलब्धि पर ओल्मो ने कहा कि अपराजेय रहने का रिकॉर्ड टीम का मुख्य उद्देश्य नहीं है। उन्होंने कहा, "हमारा लक्ष्य सिर्फ रिकॉर्ड बनाना नहीं, बल्कि विश्व कप जीतना है। हम अपनी जर्सी पर दूसरा विश्व कप स्टार जोड़ना चाहते हैं और उसी दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।"
युवा खिलाड़ी लामिन यामाल की तारीफ करते हुए ओल्मो ने कहा कि वह लगातार आत्मविश्वास हासिल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "मैं लामिन को लगातार बेहतर होते हुए देख रहा हूं। शुरुआती परेशानियों के बाद अब वह पूरी तरह लय में लौट आए हैं। वह खुद को साबित करना चाहते हैं और आने वाले मैचों में टीम के लिए बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।"
ओल्मो ने बताया कि मैदान पर उनकी और यामाल की समझ काफी अच्छी है। उन्होंने कहा कि दोनों खिलाड़ी गेंद के साथ और बिना गेंद के भी एक-दूसरे की खेल शैली को अच्छी तरह समझते हैं, जिससे टीम के आक्रमण को मजबूती मिलती है।
विश्व कप शुरू होने से पहले यामाल हैमस्ट्रिंग की चोट से जूझ रहे थे और शुरुआती मुकाबले में उन्हें विश्राम दिया गया था। हालांकि, दूसरे ग्रुप मैच में उन्होंने वापसी करते हुए सऊदी अरब के खिलाफ गोल दागा। पुर्तगाल के खिलाफ प्री-क्वार्टर फाइनल मुकाबले में भी उन्होंने तीन बार गोल पर निशाना साधा, जिनमें दो शॉट सीधे लक्ष्य पर रहे। भले ही वह गोल नहीं कर सके, लेकिन उनके प्रदर्शन ने स्पेन के आक्रमण को लगातार धार दी।
स्पेन की टीम इस विश्व कप में रक्षात्मक प्रदर्शन के कारण भी चर्चा में है। पुर्तगाल के खिलाफ जीत के साथ स्पेन विश्व कप इतिहास की पहली टीम बन गई जिसने लगातार छह मैचों में क्लीन शीट रखने का रिकॉर्ड बनाया। गोलकीपर उनाई सिमोन लगातार 609 मिनट तक कोई गोल नहीं खाने का विश्व कप रिकॉर्ड भी अपने नाम कर चुके हैं।
दानी ओल्मो ने टीम की सामूहिक रणनीति का जिक्र करते हुए कहा कि स्पेन की सबसे बड़ी ताकत उसका संतुलित खेल है। उनके अनुसार, टीम में हर खिलाड़ी आक्रमण भी करता है और जरूरत पड़ने पर रक्षा की जिम्मेदारी भी निभाता है। उन्होंने अंत में कहा, "हम उनाई सिमोन की उपलब्धि से बेहद खुश हैं और उम्मीद करते हैं कि बेल्जियम के खिलाफ भी हमारी टीम क्लीन शीट बरकरार रखेगी।"
अब फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें इस बहुप्रतीक्षित क्वार्टर फाइनल मुकाबले पर टिकी हैं, जहां स्पेन अपनी शानदार लय को जारी रखते हुए सेमीफाइनल में जगह बनाने की कोशिश करेगा।