आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय टी20 टीम इस समय पुनर्गठन के दौर से गुजर रही है और मुख्य कोच गौतम गंभीर ने यह कहते हुए स्वीकार किया कि ब्रिटेन के मौजूदा दौरे पर खराब प्रदर्शन का कारण मैच की परिस्थितियों और पिच के हालात को सही ढंग से नहीं समझ पाना रहा।
मंगलवार को तीसरे टी20 अंतरराष्ट्रीय में इंग्लैंड से 125 रन से हारने के बाद भारत को टी20 अंतरराष्ट्रीय में रनों के लिहाज से अपनी सबसे बड़ी शिकस्त का सामना करना पड़ा। मेहमान टीम अब पांच मैच की श्रृंखला में 0-2 से पीछे है। पिछले महीने भारत को पहली बार आयरलैंड के खिलाफ द्विपक्षीय श्रृंखला में हार मिली।
गंभीर ने मैच के बाद प्रेस कांफ्रेंस में कहा, ‘‘हम अच्छा नहीं खेले। टी20 विश्व कप फाइनल खेलने वाली टीम में बहुत बदलाव हुए हैं। चाहे कप्तान हो या सलामी बल्लेबाज। टीम में न तो हार्दिक पंड्या हैं और न ही जसप्रीत बुमराह हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘जब आप टीम का पुनर्गठन (रिसेट) करते हैं तो थोड़ा समय लगता है। अगर आप देखें, तो 15 साल का खिलाड़ी (वैभव सूर्यवंशी) पारी का आगाज कर रहा है, प्रिंस यादव अपना दूसरा टी20 अंतरराष्ट्रीय खेल रहे हैं, हर्षित राणा चोट से वापसी कर रहे हैं। हम अंत में सिर्फ नतीजों को देखते हैं और इसमें कोई शक नहीं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में नतीजे अहम हैं, लेकिन हमें व्यावहारिक भी होना होगा। ’’
अब टीम की कमान श्रेयस अय्यर के हाथों में है जबकि विश्व कप दिलाने वाले कप्तान सूर्यकुमार यादव बल्ले से खराब फॉर्म के कारण अब टी20 टीम का हिस्सा नहीं हैं।
गंभीर ने जोर देकर कहा कि कई झटकों के बावजूद भारत महज चार मैच के नतीजे के आधार पर खराब टीम नहीं बन जाता।
उन्होंने कहा, ‘‘कभी-कभी प्रतिद्वंद्वी टीम आपसे बेहतर खेलती है। कभी-कभी आप हालात का सही अंदाजा नहीं लगा पाते और उन्हें ठीक से समझ नहीं पाते। खेल को समझना भी उतना ही जरूरी है। आयरलैंड के बाद से हमने ऐसा नहीं किया है। ’’
गंभीर ने कहा, ‘‘हम हालात के हिसाब से खुद को ढाल नहीं पाए हैं। चाहे आयरलैंड हो या इंग्लैंड, सच्चाई यही है। अगर हमने बेहतर ढंग से खुद को ढाला होता और बेहतर क्रिकेट खेला होता, तो हम लगातार चार मैच नहीं हारते। ’’
गंभीर ने कहा कि टीम में शामिल हुए नये खिलाड़ियों को अपनी भूमिकाओं में ढलने के लिए कुछ समय मिलना चाहिए और उन्होंने जोर देकर कहा कि बदलाव के दौर में कुछ हार मिलना कोई असामान्य बात नहीं है।