आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की पहचान बन चुके लंबे छक्के, साहसिक स्कूप शॉट और आखिरी ओवरों में होने वाली ताबड़तोड़ बल्लेबाजी में नेट गेंदबाजों की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है लेकिन टेलीविजन की चकाचौंध से दूर होने के कारण उन्हें वह श्रेय नहीं मिलता जिसके वह हकदार हैं।
जहां एक तरफ फ्रेंचाइजी के सुपरस्टार करोड़ों रुपये कमाते हैं और सुर्खियों में छाए रहते हैं, वहीं दूसरी ओर गुमनाम युवा तेज गेंदबाजों और स्पिनरों की एक फौज हफ्तों तक अभ्यास नेट में गेंदें फेंकती रहती है और क्रिकेट की सबसे आकर्षक लीग में से एक में महत्वपूर्ण अभ्यास साझेदार के रूप में काम करती है।
कई खिलाड़ियों के लिए यह क्रिकेट का सबसे अनोखा प्रशिक्षण होता है। उन्हें इस खेल के सबसे बड़े खिलाड़ियों को लगातार गेंदबाजी करनी होती है। इस दौरान उन्हें अक्सर जसप्रीत बुमराह के यॉर्कर, सुनील नारायण की रहस्यमयी स्पिन या मिचेल स्टार्क की बाएं हाथ की तूफानी गेंदों की नकल करने के लिए कहा जाता है।
इसके लिए उन्हें आईपीएल की मानकों के हिसाब से मामूली दैनिक भत्ता मिलता है लेकिन करियर के लिहाज से यह काफी महत्वपूर्ण होता है। उनका एकमात्र सपना पेय पदार्थ और अतिरिक्त गेंदें ढोने के बजाय किसी फ्रेंचाइजी की जर्सी पहनना होता है।
आईपीएल फ्रेंचाइजी आमतौर पर अपने साथ तीन से पांच विशेषज्ञ नेट गेंदबाज रखती हैं। इसके अलावा मेजबान राज्य संघों और क्लब भी विभिन्न स्थानों पर स्थानीय गेंदबाजों की व्यवस्था करते हैं। आईपीएल मानकों के हिसाब से उनकी कमाई मामूली होती है। उन्हें प्रतिदिन लगभग 5,000 से 7,000 रुपये मिलते हैं लेकिन इससे मिलने वाला अनुभव अमूल्य होता है।
कर्नाटक के तेज गेंदबाज जेवी कार्तिक ने कहा, ‘‘मैंने कभी पैसों के लिए नेट पर गेंदबाजी नहीं की। यह इतने महान बल्लेबाजों को गेंदबाजी करने और अनुभव हासिल करने का दुर्लभ अवसर होता है। यही सबसे बड़ा प्रोत्साहन है और यही मायने रखता है।’’
कई अन्य नेट गेंदबाजों के लिए कुछ और असली इनाम भी होते हैं। इनमें भारत के सीनियर खिलाड़ियों के साथ बातचीत, किसी प्रसिद्ध गेंदबाजी कोच से तकनीकी सलाह या बस स्टार बल्लेबाजों के खिलाफ खुद को परखने का अवसर शामिल है।