सीडब्ल्यूजी 2026: मीराबाई की स्वर्णिम हैट्रिक, भारत का शानदार प्रदर्शन

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 27-07-2026
CWG 2026: Mirabai's golden hat-trick, India's magnificent performance.
CWG 2026: Mirabai's golden hat-trick, India's magnificent performance.

 

ग्लासगो।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पदक तालिका में अपनी स्थिति मजबूत की। ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरी बार कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही भारत के भारोत्तोलकों (वेटलिफ्टर्स) ने कुल तीन पदक जीतकर दिन को यादगार बना दिया।

ईएसपीएन के अनुसार, चौथे दिन भारत के सभी पदक वेटलिफ्टिंग से आए, जबकि मुक्केबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने प्रभावशाली प्रदर्शन कर पदक की उम्मीदें बरकरार रखीं।

मीराबाई ने रचा इतिहास

महिला 48 किलोग्राम भार वर्ग में मीराबाई चानू ने दमदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीता। इसके साथ ही वह लगातार तीन कॉमनवेल्थ गेम्स में स्वर्ण पदक जीतने वाली पहली भारतीय भारोत्तोलक बन गईं।

इससे पहले उन्होंने गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में भी स्वर्ण पदक जीता था। ग्लासगो में उनकी यह जीत भारत के लिए इस संस्करण का पहला स्वर्ण पदक भी साबित हुई।

ऋषिकांत और राजा ने जीते रजत पदक

भारतीय भारोत्तोलन टीम ने मीराबाई की सफलता को आगे बढ़ाते हुए दो और रजत पदक जीते।

पुरुष 60 किलोग्राम वर्ग में चानकंबम ऋषिकांत सिंह ने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाकर रजत पदक हासिल किया। उन्होंने स्नैच में 121 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 143 किलोग्राम वजन उठाया।

इसके बाद पुरुष 65 किलोग्राम वर्ग में राजा मुथुपांडी ने कुल 286 किलोग्राम वजन उठाकर दूसरा रजत पदक भारत की झोली में डाला। उन्होंने स्नैच में 126 किलोग्राम और क्लीन एंड जर्क में 160 किलोग्राम वजन उठाया।

मुक्केबाजी में बढ़ीं पदक की उम्मीदें

भारतीय मुक्केबाजों ने भी चौथे दिन अच्छा प्रदर्शन किया।

महिला 54 किलोग्राम वर्ग में प्रीति पवार ने मलावी की डेबोरा म्तेंजे को रेफरी स्टॉप्ड कॉन्टेस्ट (RSC) के जरिए हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया।

वहीं पुरुष 55 किलोग्राम वर्ग में जादूमणि सिंह ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को 5-0 के एकतरफा फैसले से हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई और भारत की पदक उम्मीदों को मजबूत किया।

हालांकि आदित्य प्रताप यादव का अभियान समाप्त हो गया। पुरुष 65 किलोग्राम वर्ग के प्री-क्वार्टर फाइनल में उन्हें युगांडा के नुहू बाट्टे के खिलाफ 3-2 के करीबी विभाजित फैसले से हार का सामना करना पड़ा। यह ग्लासगो खेलों में भारतीय मुक्केबाजी दल की पहली हार रही।

तैराकी में फाइनल तक पहुंचा भारत

तैराकी में श्रीहरि नटराज, आर्यन नेहरा, अनीश गौड़ा और धक्षन शशिकुमार की भारतीय टीम ने पुरुषों की 4×200 मीटर फ्रीस्टाइल रिले स्पर्धा के फाइनल में जगह बनाई। हीट्स में तीसरे स्थान पर रहने वाली भारतीय टीम फाइनल में छठे स्थान पर रही। हालांकि पदक नहीं मिल सका, लेकिन टीम का प्रदर्शन उत्साहजनक माना गया।

बोल्स और जिम्नास्टिक्स में निराशा

लॉन बोल्स में भारत को निराशा हाथ लगी। पिंकी सिंह और रूपा रानी तिर्की की जोड़ी महिला युगल स्पर्धा में नामीबिया से टाई-ब्रेकर में हारने के बाद इंग्लैंड के खिलाफ भी मुकाबला गंवा बैठी।

पुरुष एकल वर्ग में पुतुल सोनोवाल माल्टा के शॉन जेम्स पार्निस से हारकर पदक की दौड़ से बाहर हो गए।

आर्टिस्टिक जिम्नास्टिक्स में तपन मोहंती पुरुष ऑल-अराउंड फाइनल में 15वें स्थान पर रहे।

व्हीलचेयर बास्केटबॉल में स्कॉटलैंड से हार

महिला 3×3 व्हीलचेयर बास्केटबॉल के पूल-बी मुकाबले में भारतीय टीम को मेजबान स्कॉटलैंड के हाथों 21-4 से हार का सामना करना पड़ा।

पदक तालिका में आठवें स्थान पर भारत

चार दिन की प्रतियोगिताओं के बाद भारत के खाते में एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक हैं। इन उपलब्धियों के साथ भारत पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया है।वहीं ऑस्ट्रेलिया शानदार प्रदर्शन करते हुए 17 स्वर्ण, 9 रजत और 13 कांस्य सहित कुल 39 पदकों के साथ तालिका में शीर्ष पर बना हुआ है।

अब भारतीय दल की निगाहें एथलेटिक्स और आने वाले अन्य पदक मुकाबलों पर टिकी हैं, जहां देश को और पदकों की उम्मीद है।

 
 
 


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