भारत की बेटियों का स्वर्णिम दिन: ज्योतिर्मयी नायक गायिकी,प्रासुची पांडा फैशन और मीराबाई चानू ने काॅमनवेल्थ गेम्स में गाड़े झंडे

Story by  मलिक असगर हाशमी | Published by  [email protected] | Date 27-07-2026
A Golden Day for India's Daughters: Jyotirmayi Nayak (Singing), Prasuchi Panda (Fashion), and Mirabai Chanu have made their mark at the Commonwealth Games 2026.
A Golden Day for India's Daughters: Jyotirmayi Nayak (Singing), Prasuchi Panda (Fashion), and Mirabai Chanu have made their mark at the Commonwealth Games 2026.

 

आवाज द वॉयस | नई दिल्ली

भारत की बेटियों ने एक ही दिन में खेल, संगीत और फैशन की दुनिया में ऐसा परचम लहराया कि पूरा देश गौरवान्वित हो उठा। कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में ओलंपिक पदक विजेता मीराबाई चानू ने इतिहास रचते हुए लगातार तीसरा स्वर्ण पदक जीता। दूसरी ओर ओडिशा की प्रतिभाशाली गायिका ज्योतिर्मयी नायक ने इंडियन आइडल सीजन 16 की ट्रॉफी अपने नाम कर ली। इसी राज्य की युवा मॉडल प्रासुची पांडा ने मिस टीन यूनिवर्स इंडिया 2026 का प्रतिष्ठित खिताब जीतकर भारत का नाम रोशन किया। तीनों उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि भारतीय बेटियां अब हर मंच पर नई पहचान बना रही हैं।

सबसे बड़ी खबर स्कॉटलैंड के ग्लासगो से आई। जहां कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के चौथे दिन मीराबाई चानू ने महिलाओं के 48 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास के पन्नों में अपना नाम दर्ज करा दिया। यह उनका लगातार तीसरा कॉमनवेल्थ गेम्स स्वर्ण पदक है। इससे पहले वह गोल्ड कोस्ट 2018 और बर्मिंघम 2022 में भी स्वर्ण जीत चुकी थीं। इसके साथ ही वह कॉमनवेल्थ गेम्स में भारोत्तोलन में लगातार तीन स्वर्ण जीतने वाली पहली भारतीय खिलाड़ी बन गईं।

मीराबाई की इस जीत ने ग्लासगो खेलों में भारत का पहला स्वर्ण पदक भी दिलाया। उनकी सफलता के साथ भारतीय भारोत्तोलन दल ने शानदार प्रदर्शन जारी रखा। पुरुषों के 60 किलोग्राम वर्ग में चनामबम ऋषिकांत सिंह ने रजत पदक जीता। उन्होंने कुल 264 किलोग्राम वजन उठाया। वहीं पुरुषों के 65 किलोग्राम वर्ग में राजा मुथुपांडी ने 286 किलोग्राम का कुल भार उठाकर दूसरा रजत पदक अपने नाम किया। चौथे दिन भारत के तीनों पदक भारोत्तोलन से आए। इससे पदक तालिका में भारत की स्थिति भी मजबूत हुई।

मुक्केबाजी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दमदार प्रदर्शन किया। प्रीति पवार ने महिलाओं के 54 किलोग्राम वर्ग में मलावी की डेबोरा मतेन्जे को हराकर क्वार्टर फाइनल में प्रवेश किया। पुरुषों के 55 किलोग्राम वर्ग में जादुमणि सिंह ने पाकिस्तान के सुमामा रहमान को एकतरफा मुकाबले में हराकर अंतिम आठ में जगह बनाई। हालांकि आदित्य प्रताप यादव को कड़े मुकाबले में हार का सामना करना पड़ा और उनका अभियान समाप्त हो गया।

तैराकी में भी भारतीय खिलाड़ियों ने उम्मीद जगाई। श्रीहरि नटराज, आर्यन नेहरा, अनीश गौड़ा और धक्षन शशिकुमार की टीम पुरुषों की चार गुणा दो सौ मीटर फ्रीस्टाइल रिले के फाइनल तक पहुंची। हालांकि पदक मुकाबले में टीम छठे स्थान पर रही। बॉल्स और जिम्नास्टिक्स में भारतीय खिलाड़ियों को निराशा मिली लेकिन कुल मिलाकर भारत का प्रदर्शन सकारात्मक रहा। चौथे दिन के बाद भारत एक स्वर्ण, दो रजत और एक कांस्य पदक के साथ पदक तालिका में आठवें स्थान पर पहुंच गया।

खेल के साथ साथ मनोरंजन जगत में भी भारत के लिए खुशखबरी आई। ओडिशा की युवा गायिका ज्योतिर्मयी नायक ने इंडियन आइडल सीजन 16 का खिताब जीत लिया। महीनों तक चले इस लोकप्रिय संगीत रियलिटी शो में उन्होंने अपनी मधुर आवाज और बहुमुखी गायन से लाखों दर्शकों का दिल जीता। ग्रैंड फिनाले में उनकी प्रस्तुति को निर्णायकों और दर्शकों दोनों ने खूब सराहा।

ज्योतिर्मयी ने प्रतियोगिता के दौरान कई यादगार प्रस्तुतियां दीं। उन्होंने फिल्मी गीतों से लेकर क्लासिक धुनों तक अपनी गायकी का दम दिखाया। उनकी प्रस्तुति पर अभिनेत्री हेमा मालिनी ने उन्हें स्टैंडिंग ओवेशन दिया था। वरिष्ठ अभिनेत्री लीना चंदावरकर ने भी उनकी गायकी की खुलकर प्रशंसा की और कहा कि वह भविष्य में उनके स्वर में और गीत सुनना चाहेंगी।

इंडियन आइडल में आने से पहले ज्योतिर्मयी ओड़िया संगीत जगत में अपनी पहचान बना चुकी थीं। वह संगीत चिकित्सा के माध्यम से कैंसर मरीजों के साथ भी काम कर चुकी हैं। शो जीतने के बाद उन्होंने कहा कि यह जीत केवल उनकी नहीं बल्कि उनके परिवार, गुरुओं, निर्णायकों और उन सभी दर्शकों की है जिन्होंने हर कदम पर उनका साथ दिया। उन्होंने कहा कि ऑडिशन से लेकर विजेता बनने तक का सफर उनके जीवन का सबसे बड़ा अनुभव रहा।

इसी दिन ओडिशा की एक और बेटी ने राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की। प्रासुची पांडा ने मिस टीन यूनिवर्स इंडिया 2026 का ताज अपने नाम कर लिया। भुवनेश्वर लौटने पर उनका भव्य स्वागत किया गया। सम्मान समारोह में बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। उन्होंने मीडिया से बातचीत में कहा कि भारत का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है। अब उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश के लिए मिस टीन यूनिवर्स का ताज जीतना है।

प्रासुची पांडा गंजाम जिले के बेरहामपुर की रहने वाली हैं। बचपन से ही उन्होंने मॉडलिंग में रुचि दिखाई। अपने सपनों को पूरा करने के लिए वह दिल्ली आईं और कठिन प्रशिक्षण के बाद पेशेवर मॉडलिंग की दुनिया में कदम रखा। महज चार वर्ष की उम्र से प्रशिक्षण शुरू करने वाली प्रासुची ने 2026 में अपना पहला पेशेवर रैंप शो किया। आज उनकी मेहनत ने उन्हें देश के सबसे प्रतिष्ठित टीन ब्यूटी खिताब तक पहुंचा दिया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि एक ही दिन खेल, संगीत और फैशन जैसे तीन अलग क्षेत्रों में भारतीय बेटियों की सफलता यह बताती है कि देश की युवा प्रतिभाएं अब हर मंच पर वैश्विक पहचान बना रही हैं। खेलों में अनुशासन, संगीत में साधना और फैशन की दुनिया में आत्मविश्वास ने नई पीढ़ी की लड़कियों के लिए प्रेरणा का रास्ता खोला है।

कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में मीराबाई चानू का स्वर्ण पदक भारत के खेल इतिहास में नई उपलब्धि माना जा रहा है। वहीं इंडियन आइडल 16 में ज्योतिर्मयी नायक की जीत भारतीय संगीत जगत के लिए नई उम्मीद लेकर आई है। दूसरी ओर मिस टीन यूनिवर्स इंडिया 2026 का ताज जीतकर प्रासुची पांडा ने यह साबित कर दिया कि छोटे शहरों की बेटियां भी बड़े सपनों को साकार कर सकती हैं।

भारत के लिए यह दिन इसलिए भी खास रहा क्योंकि तीन अलग मंचों पर तीन बेटियों ने अपने हुनर, मेहनत और आत्मविश्वास से देश का मान बढ़ाया। यह केवल व्यक्तिगत उपलब्धियां नहीं हैं। यह उस बदलते भारत की तस्वीर है जहां बेटियां हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों को छू रही हैं और दुनिया के सामने भारत की नई पहचान बना रही हैं।



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