आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने गुरुवार को इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की 10 फ्रेंचाइजी के लिए आठ पन्नों का निर्देश जारी किया, जिसमें मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) को निर्धारित करते समय प्रोटोकॉल के कुछ गंभीर उल्लंघनों के बारे में चिंता व्यक्त की गई है, जिनका निकट भविष्य में सख्ती से पालन करना जरूरी होगा।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने 10 फ्रेंचाइजी के सीईओ को जो पत्र लिखा है, उसकी एक प्रति पीटीआई के पास है।
सैकिया ने पत्र में कहा है, ‘‘मौजूदा सत्र के दौरान कुछ घटनाओं को देखते हुए यह सलाह जारी की गई है और इसका उद्देश्य आईपीएल से जुड़े सभी हितधारकों से अपेक्षित पेशेवरपन, अनुशासन, सुरक्षा जागरूकता और प्रोटोकॉल का पालन करने के मानकों को मजबूत करना है।’’
बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी एवं सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने उल्लंघनों के कुछ मामलों की रिपोर्ट की है और बोर्ड ने इनकी ओर इशारा करते हुए स्थिति को स्पष्ट किया है।
सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के संज्ञान में आया है कि मौजूदा आईपीएल सत्र के दौरान खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ के सदस्यों और टीम अधिकारियों से जुड़े दुर्व्यवहार और प्रोटोकॉल उल्लंघन की कुछ घटनाएं हुई हैं। यदि इन घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो टूर्नामेंट, संबंधित फ्रेंचाइजी और शासी निकाय के रूप में बीसीसीआई की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इससे व्यक्तियों और फ्रेंचाइजी को गंभीर कानूनी दायित्व और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।’’
बीसीसीआई की मुख्य चिंता खिलाड़ियों के होटल के कमरों में ‘अनधिकृत व्यक्तियों’ के आने को लेकर है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘यह देखा गया है कि कुछ खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों ने संबंधित आईपीएल फ्रेंचाइजी टीम के मैनेजर की जानकारी या अनुमति के बिना अनधिकृत व्यक्तियों को होटल के अपने कमरों में प्रवेश करने की अनुमति दी है। कई मामलों में टीम मैनेजर को ऐसे मेहमानों की उपस्थिति के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था। इस चलन को तत्काल प्रभाव से सख्ती से प्रतिबंधित किया जाता है।’’
सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को भी तीन सूत्रीय निर्देश दिए गए थे जिनका पालन करना आवश्यक होगा।
पहला: किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो या टीम के सदस्य से उसका संबंध कुछ भी हो या उसका घोषित उद्देश्य कुछ भी हो, टीम मैनेजर की पूर्व सूचना और स्पष्ट लिखित स्वीकृति के बिना खिलाड़ी या सहायक स्टाफ सदस्य के होटल के कमरे में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दूसरा: अतिथियों और आगंतुकों का स्वागत केवल होटल के निर्दिष्ट सार्वजनिक स्थल जैसे लॉबी या होटल ‘रिसेप्शन लाउंज’ में ही किया जाएगा। किसी भी अतिथि को होटल के निजी कमरों में तब तक नहीं ले जाया जाएगा जब तक कि टीम मैनेजर ने इसके लिए लिखित रूप में विशेष अनुमति न दी हो।
बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया ने 10 फ्रेंचाइजी के सीईओ को जो पत्र लिखा है, उसकी एक प्रति पीटीआई के पास है।
सैकिया ने पत्र में कहा है, ‘‘मौजूदा सत्र के दौरान कुछ घटनाओं को देखते हुए यह सलाह जारी की गई है और इसका उद्देश्य आईपीएल से जुड़े सभी हितधारकों से अपेक्षित पेशेवरपन, अनुशासन, सुरक्षा जागरूकता और प्रोटोकॉल का पालन करने के मानकों को मजबूत करना है।’’
बीसीसीआई की भ्रष्टाचार रोधी एवं सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने उल्लंघनों के कुछ मामलों की रिपोर्ट की है और बोर्ड ने इनकी ओर इशारा करते हुए स्थिति को स्पष्ट किया है।
सैकिया ने कहा, ‘‘बीसीसीआई के संज्ञान में आया है कि मौजूदा आईपीएल सत्र के दौरान खिलाड़ियों, सहयोगी स्टाफ के सदस्यों और टीम अधिकारियों से जुड़े दुर्व्यवहार और प्रोटोकॉल उल्लंघन की कुछ घटनाएं हुई हैं। यदि इन घटनाओं पर ध्यान नहीं दिया गया, तो टूर्नामेंट, संबंधित फ्रेंचाइजी और शासी निकाय के रूप में बीसीसीआई की प्रतिष्ठा को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। इससे व्यक्तियों और फ्रेंचाइजी को गंभीर कानूनी दायित्व और सुरक्षा जोखिमों का सामना करना पड़ सकता है।’’
बीसीसीआई की मुख्य चिंता खिलाड़ियों के होटल के कमरों में ‘अनधिकृत व्यक्तियों’ के आने को लेकर है।
पत्र में कहा गया है, ‘‘यह देखा गया है कि कुछ खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों ने संबंधित आईपीएल फ्रेंचाइजी टीम के मैनेजर की जानकारी या अनुमति के बिना अनधिकृत व्यक्तियों को होटल के अपने कमरों में प्रवेश करने की अनुमति दी है। कई मामलों में टीम मैनेजर को ऐसे मेहमानों की उपस्थिति के बारे में बिल्कुल भी पता नहीं था। इस चलन को तत्काल प्रभाव से सख्ती से प्रतिबंधित किया जाता है।’’
सभी खिलाड़ियों और सहयोगी स्टाफ के सदस्यों को भी तीन सूत्रीय निर्देश दिए गए थे जिनका पालन करना आवश्यक होगा।
पहला: किसी भी व्यक्ति को, चाहे उसकी पहचान कुछ भी हो या टीम के सदस्य से उसका संबंध कुछ भी हो या उसका घोषित उद्देश्य कुछ भी हो, टीम मैनेजर की पूर्व सूचना और स्पष्ट लिखित स्वीकृति के बिना खिलाड़ी या सहायक स्टाफ सदस्य के होटल के कमरे में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
दूसरा: अतिथियों और आगंतुकों का स्वागत केवल होटल के निर्दिष्ट सार्वजनिक स्थल जैसे लॉबी या होटल ‘रिसेप्शन लाउंज’ में ही किया जाएगा। किसी भी अतिथि को होटल के निजी कमरों में तब तक नहीं ले जाया जाएगा जब तक कि टीम मैनेजर ने इसके लिए लिखित रूप में विशेष अनुमति न दी हो।