ढाका
Najmul Hossain Shanto ने मीरपुर टेस्ट में पाकिस्तान के खिलाफ शानदार शतक लगाकर बांग्लादेश क्रिकेट इतिहास में अपना नाम स्वर्ण अक्षरों में दर्ज करा लिया। Bangladesh national cricket team के कप्तान शांतो ने पहले टेस्ट के शुरुआती दिन 130 गेंदों पर 101 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 12 चौके और दो छक्के शामिल रहे। उनकी कप्तानी पारी की बदौलत बांग्लादेश ने दिन का खेल समाप्त होने तक 4 विकेट पर 301 रन बनाकर मैच पर मजबूत पकड़ बना ली।
यह शतक टेस्ट क्रिकेट में कप्तान के रूप में शांतो का पांचवां शतक था, जो किसी भी बांग्लादेशी कप्तान द्वारा सबसे अधिक है। उन्होंने इस मामले में Mushfiqur Rahim को पीछे छोड़ दिया, जिनके नाम कप्तान के तौर पर चार टेस्ट शतक थे। वहीं Mominul Haque इस सूची में तीन शतकों के साथ तीसरे स्थान पर हैं।
नजमुल हुसैन शांतो का यह कुल नौवां टेस्ट शतक भी था। इस पारी के साथ उन्होंने विश्व क्रिकेट में एक और खास उपलब्धि हासिल की। कम से कम 15 अर्धशतक लगाने वाले बल्लेबाजों में शतक में बदलने की दर के मामले में शांतो अब दुनिया के शीर्ष तीन बल्लेबाजों में शामिल हो गए हैं।
आंकड़ों के अनुसार, महान ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज Don Bradman इस सूची में पहले स्थान पर हैं। उन्होंने अपने करियर में 69.05 प्रतिशत बार अर्धशतकों को शतक में बदला। दूसरे स्थान पर वेस्टइंडीज के दिग्गज George Headley हैं, जिनकी रूपांतरण दर 66.67 प्रतिशत रही। अब शांतो लगभग 46.6 प्रतिशत की रूपांतरण दर के साथ तीसरे स्थान पर पहुंच गए हैं। उन्होंने अपने 15 अर्धशतकों में से सात को शतक में बदला है।
इस सूची में शांतो के बाद भारतीय बल्लेबाज Shikhar Dhawan और Shubman Gill का नाम आता है। यह उपलब्धि दर्शाती है कि जब शांतो अच्छी शुरुआत करते हैं, तो बड़ी पारी खेलने की उनकी क्षमता बेहद मजबूत होती है।
मीरपुर टेस्ट में बांग्लादेश ने पूरे दिन दबदबा बनाए रखा। शांतो ने बेहद संयम और आत्मविश्वास के साथ बल्लेबाजी की और पाकिस्तान के गेंदबाजों पर लगातार दबाव बनाए रखा। हालांकि शतक पूरा करने के तुरंत बाद उनका ध्यान थोड़ा भटका और वह एलबीडब्ल्यू होकर आउट हो गए।
शांतो के अलावा Mominul Haque ने भी शानदार बल्लेबाजी करते हुए 91 रन बनाए, जबकि अनुभवी Mushfiqur Rahim 48 रन बनाकर नाबाद लौटे। पाकिस्तान की ओर से सभी चार विकेट अलग-अलग गेंदबाजों ने लिए।
नजमुल हुसैन शांतो का क्रिकेट सफर भी काफी प्रेरणादायक रहा है। उन्होंने किशोर अवस्था में स्कूल क्रिकेट में दोहरा शतक लगाकर पहली बार सुर्खियां बटोरी थीं। इसके बाद उन्होंने 2014 और 2016 अंडर-19 विश्व कप में बांग्लादेश का प्रतिनिधित्व किया। घरेलू क्रिकेट में वह राजशाही डिवीजन और बांग्लादेश प्रीमियर लीग की कई टीमों के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन करते रहे हैं।
इस शानदार पारी के बाद शांतो को अब बांग्लादेश टेस्ट क्रिकेट के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में गिना जा रहा है। उनकी कप्तानी और बल्लेबाजी ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह लंबे प्रारूप में टीम की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं।