आइची-नागोया
जापान में आयोजित एशियन पैरा गेम्स 2026 में भारतीय पैरा तीरंदाज स्वाति चौधरी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। गुरुवार को महिला W1 व्यक्तिगत तीरंदाजी स्पर्धा के फाइनल में स्वाति को चीन की मेंगकान सेन के हाथों 4-6 से हार का सामना करना पड़ा। इस जीत के साथ चीन की खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि स्वाति को रजत से संतोष करना पड़ा।
स्वाति का यह पदक एशियन पैरा गेम्स में भारत का कुल 63वां पदक है। प्रतियोगिता के चौथे दिन भारत को मिला यह पहला पदक भी रहा। भारतीय दल ने अब तक 14 स्वर्ण, 22 रजत और 27 कांस्य पदक जीते हैं। स्वाति के पास इस संस्करण में तीरंदाजी में भारत का पहला स्वर्ण पदक जीतने का अवसर था, लेकिन उन्हें फाइनल में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा।
फाइनल में स्वाति ने शुरुआती दौर में बेहतरीन खेल दिखाया। तीन एंड के बाद उन्होंने 4-2 की बढ़त बना ली थी। हालांकि, चीन की मेंगकान सेन ने जोरदार वापसी करते हुए मुकाबला 6-4 से जीत लिया।
प्रतियोगिता के तीसरे दिन भारत ने समग्र पदक तालिका में छठे से पांचवें स्थान पर छलांग लगाई। भारतीय खिलाड़ियों ने कई स्पर्धाओं में गेम्स रिकॉर्ड बनाए, व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया और कुछ मुकाबलों में पदकों पर पूरी तरह कब्जा जमाया।
थ्रोइंग स्पर्धाओं में भारतीय खिलाड़ियों का दबदबा देखने को मिला। पुरुष शॉट पुट F46 में भारत ने तीनों पदक जीतकर इतिहास रचा। सचिन खिलारी ने अपने पहले ही प्रयास में 15.79 मीटर का गेम्स रिकॉर्ड बनाते हुए स्वर्ण पदक हासिल किया। उनके सभी थ्रो 15 मीटर से अधिक रहे। मोहम्मद यासर ने 15.06 मीटर के सीजन बेस्ट प्रदर्शन के साथ रजत, जबकि प्रवीण ने 13.83 मीटर के थ्रो से कांस्य पदक जीता।
पुरुष शॉट पुट F53 में आयुष वर्मा ने 8.16 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण पदक अपने नाम किया। महिला शॉट पुट F34 में भाग्यश्री जाधव ने 8.19 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। वहीं, पुरुष शॉट पुट F40 में रवि रोंगाली ने 10.02 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य हासिल किया।
भाला फेंक में पुरुष F13 स्पर्धा में मंजीत ने 61.03 मीटर के करियर बेस्ट प्रदर्शन के साथ रजत पदक जीता। पुरुष F55 में सुखचैन ने 29.94 मीटर के थ्रो के साथ कांस्य पदक हासिल किया। महिला डिस्कस थ्रो F55 में करमज्योति ने 21.60 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से कांस्य जीता। पुरुष डिस्कस थ्रो F37 में हनी ने 57.04 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
पुरुष हाई जंप T44 में भारत ने पहले और दूसरे स्थान पर कब्जा जमाया। मौजूदा चैंपियन प्रवीण कुमार ने 2.05 मीटर की गेम्स रिकॉर्ड ऊंचाई पार कर स्वर्ण पदक जीता। बंटी ने 1.92 मीटर के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन के साथ रजत पदक हासिल किया।
पुरुष लॉन्ग जंप T42 में शैलेश कुमार ने पांचवें प्रयास में 5.57 मीटर की गेम्स रिकॉर्ड छलांग लगाकर कांस्य पदक जीता।
ट्रैक स्पर्धाओं में दिलीप गावित महादू ने पुरुष 100 मीटर T47 दौड़ 10.69 सेकंड में पूरी कर स्वर्ण पदक जीता। मोहम्मद बासिल 10.72 सेकंड के समय के साथ दूसरे स्थान पर रहे और रजत पदक हासिल किया। पुरुष 100 मीटर T35 में अनुभव चौधरी ने 12.72 सेकंड के व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय के साथ कांस्य जीता, जबकि पुरुष 100 मीटर T64 में प्रणव देसाई ने 11.96 सेकंड के समय से कांस्य पदक हासिल किया।
पुरुष 1500 मीटर T12 में शरथ माकनहल्ली ने 4 मिनट 11.01 सेकंड के सीजन बेस्ट समय के साथ कांस्य पदक जीता। पुरुष 100 मीटर T37 में राकेशभाई भट्ट ने 11.50 सेकंड का व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ समय दर्ज किया।
पैरा तीरंदाजी में शीतल देवी और पायल नाग की जोड़ी ने महिला कंपाउंड युगल स्पर्धा में रजत पदक जीता। फाइनल में भारतीय जोड़ी को चीन की शू शुएचिंग और झाओ जिंग से 141-150 से हार का सामना करना पड़ा।
भारतीय खिलाड़ियों के लगातार शानदार प्रदर्शन से एशियन पैरा गेम्स में देश की पदक उम्मीदें और मजबूत हुई हैं।