आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारतीय तैराक हिमांशु नंदल ने बुधवार को यहां पुरुष 100 मीटर ब्रेस्टस्ट्रोक एस11 स्पर्धा में तीसरे स्थान पर रहते हुए एशियाई पैरा खेलों में अपना दूसरा कांस्य पदक जीता।
हरियाणा के रोहतक के इस 22 वर्षीय खिलाड़ी ने एक मिनट 20.72 सेकेंड का समय निकाला। ऑप्टिक नर्व में खराबी के कारण वह जन्म से ही पूरी तरह दृष्टिबाधित हैं।
चीन के यांग बोझुन ने एक मिनट 12.69 सेकेंड के खेलों के रिकॉर्ड समय के साथ स्वर्ण पदक जीता जबकि जापान के केइची किमुरा ने एक मिनट 12.72 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक हासिल किया।
हिमांशु ने मंगलवार को पुरुषों की 400 मीटर फ्रीस्टाइल एस11 स्पर्धा में चार तैराकों के बीच पांच मिनट 10.91 सेकेंड का समय निकालकर तीसरा स्थान हासिल किया और अपना पहला पदक जीता।
खेल पृष्ठभूमि वाले परिवार से आने वाले हिमांशु को उनके पिता से प्रेरणा मिली जिन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर हॉकी खेली थी। वह चार साल की उम्र में दिल्ली आ गए थे और यहां ‘नेशनल एसोसिएशन फॉर द ब्लाइंड’ से जुड़े जहां उन्होंने ब्रेल लिपि सीखी।