अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज शापूर जादरान का लंबी बीमारी के बाद निधन

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 07-07-2026
Afghanistan's fast bowler Shapoor Zadran dies after prolonged illness
Afghanistan's fast bowler Shapoor Zadran dies after prolonged illness

 

  आवाज द वॉयस/नई दिल्ली

 
अफगानिस्तान के तेज गेंदबाज शापूर जादरान का 38 साल की उम्र में निधन हो गया। वह एक दुर्लभ और जानलेवा बीमारी ‘हीमोफैगोसाइटिक लिम्फोहिस्टियोसाइटोसिस’ (एचएलएच) से पीड़ित थे।

बाएं हाथ के तेज गेंदबाज जादरान ने 2009 से 2020 के बीच अफगानिस्तान के लिए 44 एकदिवसीय और 36 टी20 मैच खेले।
 
एचएलएल एक ‘हाइपर-इंफ्लेमेटरी सिंड्रोम’ है जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर देता है।
 
मंगलवार को अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (एसीबी) ने उनके निधन की घोषणा की।
 
एसीबी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘बहुत दुख और अफसोस के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड अफगानिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शापूर जादरान के निधन पर शोक व्यक्त करता है।’’
 
एसीबी ने कहा कि लंबे-कद के गेंदबाज जादरान अफगानिस्तान की कई यादगार जीतों का हिस्सा रहे और ‘अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे।’
 
एसीबी ने कहा, ‘‘शापूर जादरान अफगानिस्तान क्रिकेट की नींव रखने वाले खिलाड़ियों में से एक थे। उनके समर्पण, जुनून और अटूट प्रतिबद्धता ने हमारे देश में खेल के उत्थान और विकास में अहम भूमिका निभाई।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘वह उन क्रिकेटरों में से एक थे जो अफगानिस्तान के शुरुआती क्रिकेट सफर का अहम हिस्सा रहे और उन्होंने उस रास्ते को बनाने में मदद की जिसने अफगान क्रिकेट को अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाया।’’
 
एसीबी ने कहा कि जादरान ना केवल अफगानिस्तान में बल्कि दुनिया भर के कई युवा क्रिकेटरों के लिए प्रेरणा के स्रोत थे।
 
एसीबी ने लिखा, ‘‘अपने पूरे करियर के दौरान शापूर ने सम्मान, साहस और गर्व के साथ अफगानिस्तान क्रिकेट की सेवा की। उनका योगदान और उपलब्धियां हमेशा अफगानिस्तान क्रिकेट के इतिहास का अहम हिस्सा रहेंगी और राष्ट्रीय टीम की सेवा में उनके प्रयासों को कभी नहीं भुलाया जा सकेगा।’’
 
उन्होंने कहा, ‘‘मैदान पर अपनी उपलब्धियों के अलावा शापूर जादरान कई युवा अफगान क्रिकेटरों और दुनिया भर के क्रिकेट प्रेमियों के लिए प्रेरणा के सच्चे स्रोत थे।’’
 
एसीबी ने कहा, ‘‘उनके लड़ने के जज्बे, दृढ़ संकल्प और खेल के प्रति प्यार ने कई लोगों को उम्मीद दी और एक पीढ़ी को बड़े सपने देखने और अफगानिस्तान क्रिकेट के भविष्य पर विश्वास करने के लिए प्रोत्साहित किया। उनकी कमी बहुत खलेगी और उनकी यादें हमेशा अफगानिस्तान के लोगों और क्रिकेट की दुनिया के दिलों में जिंदा रहेंगी।’’