'वोट चोरी' अभियान से मतदाताओं को गुमराह कर रहे हैं राहुल गांधी : शशिधर रेड्डी

Story by  PTI | Published by  [email protected] | Date 31-08-2025
Rahul Gandhi is misleading voters with 'vote theft' campaign : Shashidhar Reddy
Rahul Gandhi is misleading voters with 'vote theft' campaign : Shashidhar Reddy

 

आवाज द वॉयस/नई दिल्ली 

 
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता मर्री शशिधर रेड्डी ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर 'वोट चोरी' अभियान के जरिए मतदाताओं को गुमराह करने की कोशिश करने का आरोप लगाया है.
 
रेड्डी ने रविवार को कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी का 'वोट चोरी' अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं में अविश्वास पैदा करने का एक 'सुनियोजित प्रयास' है.
 
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के पूर्व उपाध्यक्ष एवं तेलंगाना की भाजपा इकाई के चुनावी मामलों की समिति के प्रमुख रेड्डी ने राहुल गांधी के इस अभियान को 'निर्मित उन्माद' करार दिया.
 
उन्होंने बिहार में 'वोटर अधिकार यात्रा' शुरू करने के लिए राहुल गांधी और 'इंडिया' गठबंधन के अन्य नेताओं की आलोचना करते हुए कहा कि विपक्षी नेता मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान उपलब्ध 'प्रक्रियात्मक सुरक्षा उपायों की अनदेखी' कर रहे हैं.
 
निर्वाचन आयोग ने बिहार में विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सत्यापन के माध्यम से सटीक और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करने के लिए एसआईआर शुरू किया है.
 
रेड्डी ने एक बयान में बताया कि जनवरी 2025 में प्रकाशित मतदाता सूची में बिहार के 77,895 मतदान केंद्रों पर 7.89 करोड़ मतदाताओं को सूचीबद्ध किया गया था। हालांकि, एसआईआर के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से जारी सूची में 7.24 करोड़ मतदाता दर्शाए गए, इससे लगभग 65 लाख नामों के हटाए जाने का संकेत मिलता है.
 
भाजपा नेता ने दावा किया, ‘‘65 लाख लोगों के नाम हटाए जाने में से लगभग 22 लाख लोगों को मृत घोषित कर दिया गया। आलोचकों ने सवाल उठाया है कि केवल सात महीनों में इतने सारे लोगों की मौत कैसे हो गई। लेकिन रिकॉर्ड अपडेट करने में देरी के कारण अक्सर समय के साथ ऐसी संख्याएं बढ़ती जाती हैं.
 
उन्होंने बताया कि एसआईआर का उद्देश्य मतदाता सूची को सही और अद्यतन करना है.
 
रेड्डी ने बताया कि हटाए गए नामों में लगभग सात लाख डुप्लिकेट प्रविष्टियां और लगभग 35 लाख मतदाता शामिल हैं, जो या तो स्थायी रूप से पलायन कर गए हैं या जिनका कोई पता नहीं चल पाया है.