जलगांव :मुस्लिम परिवार ने 37 सालों से गणेश स्थापना की परंपरा निभाकर दिखाया सामाजिक सौहार्द

Story by  आवाज़ द वॉयस | Published by  [email protected] | Date 31-08-2025
Jalgaon: Muslim family shows social harmony by following the tradition of Ganesh installation for 37 years
Jalgaon: Muslim family shows social harmony by following the tradition of Ganesh installation for 37 years

 

 आल्हाद जोशी

महाराष्ट्र के जलगांव जिले के एरंडोल शहर में एक मुस्लिम परिवार पिछले 37 सालों से एक अनोखी परंपरा निभा रहा है. डॉ. के. ए. बोहरी के घर पर हर साल पूरे धार्मिक विधि-विधान के साथ गणेश जी की स्थापना की जाती है. चिकित्सा क्षेत्र में व्यस्त रहने के बावजूद, उन्होंने अपनी आस्था और पेशे के बीच संतुलन साधते हुए इस परंपरा को अटूट रूप से जारी रखा है.

गणेशोत्सव के दौरान जब पूरा शहर उत्साह से भरा होता है, तब बोहरी परिवार में होने वाली बप्पा की स्थापना समाज को धार्मिक सद्भाव का संदेश देती है.

इस वजह से शुरू गणेश स्थापना की परंपरा

डॉ. के. ए. बोहरी और उनकी पत्नी डॉ. एन. के. बोहरी पिछले 50 सालों से मरीजों की सेवा में लगे हुए हैं. उनकी दूसरी पीढ़ी भी चिकित्सा सेवा में है. डॉ. बोहरी के बेटे डॉ. फरहाज बोहरी हृदय रोग विशेषज्ञ हैं, जबकि उनकी पत्नी डॉ. अंब्रिन बोहरी स्त्री रोग विशेषज्ञ हैं.

यह परंपरा तब शुरू हुई जब तीन साल के फरहाज बालवाड़ी (किंडरगार्टन) में थे. वह अपने दोस्तों के घर गणेशोत्सव में जाया करते थे. तभी उनके मन में गणपति स्थापना की इच्छा जगी. उन्होंने अपने पिता से घर में गणपति स्थापित करने की ज़िद की. डॉ. बोहरी ने एक पल की भी देरी किए बिना, अपने बेटे फरहाज़ की ज़िद पूरी की और घर में गणपति की स्थापना की.

37 सालों की अटूट परंपरा

पूरे 37 सालों से लगातार गणेश जी की स्थापना करके बोहरी परिवार ने सामाजिक एकता का संदेश दिया है. दसवीं के बाद जब डॉ. फरहाज आगे की पढ़ाई के लिए बाहर चले गए, तब भी उनके पिता डॉ. बोहरी ने गणपति स्थापना की परंपरा को टूटने नहीं दिया. डॉ. फरहाज ने भी अपने स्कूल, कॉलेज और मेडिकल की पढ़ाई के दौरान हर जगह गणेशोत्सव में हिस्सा लेकर यह त्योहार मनाया.

धूमधाम से मनाया  गणेशोत्सव

हमेशा की तरह, बोहरी परिवार ने म्हसवड रोड पर स्थित अपने दवाखाने में आकर्षक सजावट के साथ गणेश जी की स्थापना की. गणेशोत्सव के दौरान बोहरी परिवार के सभी सदस्य नियमित रूप से सुबह और शाम की आरती सहित सभी धार्मिक विधियों में भाग लेते हैं.

पांच दिनों के बाद गणेश मूर्ति का विसर्जन किया जाता है. इस साल स्थापना समारोह के दौरान अहिरराव, हेमंत कुलकर्णी, एडवोकेट मोहन शुक्ला, एन. डी. काळकर, पूर्व उपनगराध्यक्षा शकुंतला अहिरराव, नंदा शुक्ला, मीना पवार, समाधान बडगुजर, गोपाल पाटील के साथ-साथ दवाखाने के कर्मचारी और दोस्त भी मौजूद थे.

पिछले 37 सालों से बोहरी परिवार द्वारा की जा रही गणेश स्थापना केवल एक धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि सामाजिक सद्भाव का एक संदेश है. उन्होंने इस पहल से यह दिखाया है कि गणेशोत्सव आनंद, एकता और भाईचारे का त्योहार भी है. बोहरी परिवार ने बताया कि बप्पा की आराधना से मिलने वाली मानसिक शांति और दोस्तों-परिवार का एक साथ आना, इसी से उन्हें सच्ची खुशी मिलती है.