आवाज द वॉयस/नई दिल्ली
भारत पहले मैच के अपेक्षाकृत लचर प्रदर्शन को पीछे छोड़कर रविवार को यहां पुरुष एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट में खतरनाक दिख रही जापान के खिलाफ अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने के इरादे से उतरेगा.
विश्व में सातवें स्थान पर काबिज भारतीय टीम ने शुक्रवार को पूल ए के अपने पहले मैच में विश्व में 23वें नंबर की टीम चीन पर 4-3 से करीबी जीत हासिल की लेकिन उसका यह प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं था.
भारत इस टूर्नामेंट में सर्वोच्च रैंकिंग वाली टीम है और एशिया कप जीतने का प्रबल दावेदार है. इस टूर्नामेंट की विजेता टीम अगले साल बेल्जियम और नीदरलैंड में होने वाले विश्व कप के बीच सीधे क्वालीफाई करेगी.
भारत ने चीन के खिलाफ शानदार शुरुआत की, लेकिन खेल आगे बढ़ने के साथ उसकी लय गड़बड़ा गई. भारतीय रक्षा पंक्ति को तेज तर्रार जापानी टीम के खिलाफ सतर्क रहना होगा, जिसने अपने पहले मैच में कजाकिस्तान के खिलाफ सात गोल दागे थे.
चीन के खिलाफ भारत के सभी चार गोल पेनल्टी कॉर्नर से आए, जिसमें कप्तान हरमनप्रीत सिंह ने हैट्रिक बनाई, लेकिन वह एक पेनल्टी स्ट्रोक को गोल में बदलने से चूक गए थे.
जुगराज सिंह, हरमनप्रीत, संजय और अमित रोहिदास जैसे चार ड्रैगफ्लिकर के साथ भारत को पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलने की दर में भी सुधार करना होगा.
भारतीय मध्य पंक्ति ने हालांकि अच्छा प्रदर्शन किया और कई मौके बनाए, लेकिन उसे इन अवसरों को गोल में बदलना होगा.